भाजपा राज में शेखावत को उचित सम्मान क्यों नहीं?
दिव्यराष्ट्र के लिए डॉ भूपेंद्र सिंह शेखावत
अध्यक्ष श्री बिशन सिंह शेखावत शोध एवं शिक्षण संस्थान कार सेवकों पर गोली चलाने वाले मुलायम सिंह यादव को देश का दूसरा बड़ा नागरिक सम्मान पद्म विभूषण,जबकि राजस्थान में भाजपा रूपी नव अंकुरित पौधे को विराट वृक्ष बनाने वाले आदरणीय भैरों सिंह जी शेखावत जैसी शख्सियत के सम्मान में वर्तमान बीजेपी की उदासीनता ,चिंताजनक पहलू.
राजस्थान में अपने समर्पित एव किसी भी व्यक्ति को सहज ही आकर्षित करने वाले अपने विलक्षण व्यक्तित्व से भारतीय जनता पार्टी रूपी नव अंकुरित पौधे को एक विराट बरगद के वृक्ष के रूप में स्थापित करने वाले मेरे परिवार के वरिष्ठतम सदस्य, और राजनीति के चाणक्य माने जाने वाले आदरणीय भैरो सिंह जी शेखावत साहब का उनकी 103 वी जन्म जयंती पर पुण्य स्मरण
राजस्थान की राजनीति से जुड़े जानकार इस बात के साक्षी हैं, कि एक जमाने में गंगानगर ,बीकानेर चूरू जैसे राजस्थान से जुड़े पश्चिमी भाग में भारतीय जनता पार्टी के चुनाव चिन्ह से भी स्थानीय नागरिक परिचित नहीं थे,लेकिन यह भैरो सिंह शेखावत ही वह शख्स है, जिसने सारी धारणाओं को दरकिनार कर अपनी पार्टी का आधार मजबूत करने के लिए गंगानगर से भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी के रूप में चुनाव लडा, हालांकि इस चुनाव में वह तीसरे नंबर पर रहे और चुनाव हारे ,लेकिन आज राजस्थान में गंगानगर और इससे लगते बीकानेर और चुरु को भारतीय जनता पार्टी के मजबूत गढ़ के रूप में पहचाना जाता है गंगानगर के तो हालत यह है की अनेक अवसरों पर जिले केसभी विधानसभा सीटों पर भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी ही चुनाव जीतते रहे हैं,, इसी तरह पूर्वी राजस्थान,जहां किसी जमाने में स्थानीय नागरिक विशेष रूप से मीणा जनजाति से जुड़ा बाहुल्य समुदाय कांग्रेस को ही अपना माई बाप समझता था, उस इलाके में न केवल डॉ किरोडी लाल मीणा जैसा संघर्षशील नेता ही विकसित एवं प्रशिक्षित कर कर भारतीय जनता पार्टी को दिया, वरन स्वयं धौलपुर जैसे इलाके में विधानसभा का चुनाव जीतकर अपनी पार्टी का मजबूत आधार तैयार किया, जयपुर और सीकर तो छोड़िए दक्षिण के निंबाहेड़ा और छबड़ा जैसे इलाकों से विधानसभा का चुनाव जीत कर पूरे राज्य में आम जन ने भैरो सिंह जी की स्वीकार्यता को साक्षात रूप से देखा
राजस्थान के किसी भी राजनीतिक दल में आज तक भैरो सिंह शेखावत ही ऐसे राजनेता माने जाते हैं , जो राज्य की जनता कि उनके प्रति आत्मिक श्रद्धा और सम्मान के कारण राज्य के किसी भी इलाके से चुनाव लड़ने की हिम्मत कर सकते हो.
यह लिखते हुए मुझे कोई हिचकिचाहट नहीं है, कि जिस शख्स ने भारतीय जनता पार्टी रूपी एक छोटे से पौधे को संपूर्ण राजस्थान में एक बरगद के विशाल वृक्ष का रूप देने में अपना पूरा जीवन ईमानदारी से समर्पित कर दिया, उसे आज की भारतीय जनता पार्टी वह सम्मान नहीं दे पा रही है, जो सम्मान आगे बढ़कर देना चाहिए, मैंने स्वयं ने एक प्रस्ताव के जरिए राजस्थान विश्वविद्यालय जिसके भैरो सिंह शेखावत स्वयं पूर्व छात्र रहे हैं, का नाम उनके सम्मान में किए जाने का विचार तत्कालीन राज्यपाल कल्याण सिंह जी के समक्ष रखा, तो मेरा प्रस्ताव पढ़कर वे तो बड़े प्रसन्न हुए और तत्कालीन मुख्यमंत्री से स्वयं चर्चा कर अपनी जोरदार सिफारिश के साथ राज्य सरकार को भी उन्होंने भिजवा दिया, लेकिन इसे आज तक क्रियान्वित नहीं किया जा सका है , कभी यह चर्चा सुनने को मिलती है, कि भैरो सिंह जी के नाम से जयपुर के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का नाम रखा जा रहा है, लेकिन ऐसे विचार चर्चा के बादलों में ही खो जाते हैं ,
राजनीतिक परिदृश्य में इसे एक विचित्र विडंबना समझा जाना चाहिए कि अयोध्या में कार सेवकों पर गोली चलाने वाले मुलायम सिंह यादव को तो मरणोपरांत 26 जनवरी 2023 को देश का दूसरा सबसे बड़ा नागरिक सम्मान पद्म विभूषण दिया जा सकता है, लेकिन भैरो सिंह शेखावत जैसी शख्सियत के प्रति बीजेपी की यह उदासीनता निश्चित रूप से चिंता जनक है, इसका आम जन् में भी रोष है, इसे नीति निर्धारकों को गंभीरता से लेना चाहिए





