
देशभर में कमर्शियल ड्राइवरों की होगी मुफ्त आँखों की जाँच
मुंबई, दिव्यराष्ट्र*: 11 जनवरी से शुरू हुए राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा सप्ताह के अवसर पर, एएसजी आई हॉस्पिटल ने एक महीने (11 फरवरी 2026 तक) के पूरे देश भर में एक विशेष अभियान शुरू किया है। यह पहल खासतौर पर कमर्शियल ड्राइवरों के लिए है, जिसमें सरकारी और शहर की बसों के ड्राइवरों पर ज्यादा ध्यान दिया गया है। इसके साथ ही, ऑटो और टैक्सी चलाने वाले सभी कमर्शियल ड्राइवर (चाहे वे प्राइवेट कंपनी से ही क्यों न जुड़े हों) इस एक महीने की मुफ्त सेवा का फायदा उठा सकते हैं।
सभी कमर्शियल ड्राइवर एएसजी आई हॉस्पिटल के 180+ में से किसी भी सेंटर पर जाकर अपनी आँखों की पूरी जाँच और डॉक्टर से सलाह मुफ्त में ले सकते हैं। अगर किसी ड्राइवर को मोतियाबिंद की बीमारी निकलती है, तो उसका ऑपरेशन भी बिल्कुल मुफ्त किया जाएगा। फिलहाल 1,000 फ्री ऑपरेशन का लक्ष्य रखा गया है, जिसे ड्राइवरों की संख्या के हिसाब से आगे बढ़ाया जा सकता है। यह सुविधा अस्पताल के समय पर उपलब्ध होगी, जो आमतौर पर सुबह 10 बजे से शाम 7 या 8 बजे तक रहता है। इस स्कीम का फायदा लेने के लिए ड्राइवरों को अपना कमर्शियल लाइसेंस या अपनी संस्था का आईडी कार्ड दिखाना होगा। यह कदम अस्पताल के उस लक्ष्य का हिस्सा है, जिसके तहत हर व्यक्ति को आँखों का अच्छा और सस्ता इलाज मिलना चाहिए, चाहे वह कोई भी हो।
डॉ.विकास जैन, ग्रुप सीओओ, एएसजी आई हॉस्पिटल ने कहा,”सड़क सुरक्षा का मतलब सिर्फ अच्छी सड़कें और ट्रैफिक नियमों का पालन करना ही नहीं है। सुरक्षित ड्राइविंग के लिए आँखों की रोशनी साफ होना बहुत जरूरी है। इस देशव्यापी मुहिम के जरिए, हमारा मकसद ड्राइवरों को समय पर आँखों के इलाज की सुविधा देना है, ताकि हम ‘सड़क सुरक्षा अभियान’ को सफल बनाने में अपनी भूमिका निभा सकें।”
एएसजी आई हॉस्पिटल की यह पहल भारत सरकार के ‘सड़क सुरक्षा अभियान’ का हिस्सा है। इस अभियान का मकसद लोगों को सड़क पर जिम्मेदारी से गाड़ी चलाने के लिए प्रेरित करना है ताकि सड़क दुर्घटनाओं और उनमें होने वाली मौतों को कम किया जा सके। इस पहल के जरिए सभी लोगों को ट्रैफिक नियमों का पालन करने और सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने की कोशिश की जा रही है। अकेले भारत में हर साल सड़क हादसों में करीब 80,000 लोग अपनी जान गंवा देते हैं, जो पूरी दुनिया में होने वाली कुल मौतों का 13% है। ये आंकड़े बताते हैं कि ड्राइवरों की सेहत, खासकर उनकी आंखों की जांच पर ध्यान देना कितना जरूरी है। आंखों की कमजोरी या मोतियाबिंद का इलाज न होने से एक्सीडेंट का खतरा बहुत बढ़ जाता है, खासकर रात में या लंबी दूरी तक गाड़ी चलाते समय।





