विद्यार्थी जीत सकेंगे 30 लाख रुपये की पुरस्कार राशि
नई दिल्ली : दिव्यराष्ट्र/अंतर्राष्ट्रीय विद्यार्थी डिज़ाइन एवं इंजीनियरिंग प्रतियोगिता, जेम्स डायसन अवार्ड 2025 के लिए 28 देशों और प्रांतों में प्रविष्टियाँ शुरू हो गई हैं। इस प्रतियोगिता में विद्यार्थियों को दैनिक समस्याओं से लेकर विश्व की सबसे गंभीर समस्याओं तक को हल करने वाले अपने विचारों को पेश करने के लिए आमंत्रित किया जाता है, ताकि लोगों के जीवन में वास्तविक परिवर्तन लाया जा सके।
2005 में स्थापित हुए जेम्स डायसन अवार्ड द्वारा अब तक 400 से अधिक विद्यार्थियों के आविष्कारों को £1 मिलियन (लगभग 112 मिलियन) से अधिक की पुरस्कार राशि और एक ग्लोबल प्लेटफॉर्म प्रदान किया जा चुका है। जो विजेता अंतिम चरण में पहुंचेंगे और जेम्स डायसन द्वारा ग्लोबल विजेताओं के रूप में चुने जाएंगे, उन्हें £30,000 (लगभग 30 लाख रुपये) का पुरस्कार दिया जाएगा। इसके अलावा, उन्हें अंतर्राष्ट्रीय मीडिया में पहचान मिलेगी तथा अपने आविष्कारों के व्यवसायीकरण के लिए एक मंच प्राप्त होगा।
डायसन के संस्थापक, सर जेम्स डायसन ने कहा, “जेम्स डायसन अवार्ड मैंने डिज़ाइन इंजीनियरों को प्रेरणा देने और उन्हें सहयोग प्रदान करने के उद्देश्य से 20 साल पहले शुरू किया था। तब से हमें बेहतरीन आइडियाज़ मिले हैं, जिससे प्रमाणित होता है कि युवा चिकित्सा, पर्यावरण आदि क्षेत्रों में डिज़ाइन, इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी की मदद से दुनिया की सबसे गंभीर समस्याओं को हल करना चाहते हैं। मैं इस साल मिलने वाले आविष्कारों के लिए उत्साहित हूँ और सभी को शुभकामनाएं देता हूँ।”
पिछले विजेताओं में भारत में जेम्स डायसन अवार्ड 2024 का राष्ट्रीय अवार्ड जीतने वाला एक पोर्टेबल कूलिंग कैरियर, नोवोकैरी शामिल है, जो इंसुलिन एवं अन्य लिक्विड दवाओं को वांछित तापमान पर रखने के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह कैरियर ओडिशा की रहने वाली सुश्री कोमल पांडा ने बनाया। नोवोकैरी का उद्देश्य निर्माण के बाद दवाओं को सुरक्षित रूप से उन तक पहुँचाना है, जिन्हें इसकी सबसे अधिक जरूरत है। जेम्स डायसन अवार्ड प्राप्त होने के बाद कोमल लगातार इसके डिज़ाइन में सुधार कर रही हैं, ताकि यह ज्यादा विस्तृत स्तर पर उपलब्ध हो सके। उनका उद्देश्य विभिन्न तरह के वातावरण में रहने वाले लोगों के लिए दवा के स्टोरेज में सुधार लाना है।
एमओएम इनक्यूबेटर, एक कम खर्चीला इन्फ्लेटेबल इनक्यूबेटर है जो कम विकसित क्षेत्रों में नवजात शिशुओं की देखभाल में मदद करता है। इसकी खोज यू.के. में लोफबोरो विश्वविद्यालय से प्रोडक्ट डिज़ाइन एंड टेक्नोलॉजी ग्रेजुएट, जेम्स रॉबर्ट्स ने की थी। एमओएम 10,000 से अधिक मरीजों को सहयोग दे चुका है, और इसका विस्तार यूक्रेन जैसे संघर्षरत इलाक़ों सहित पूरी दुनिया में हो रहा है।
आवेदन भेजने की अंतिम तिथि 16 जुलाई 2025 की मध्यरात्रि है। हर प्रतिभागी देश या प्रांत में शॉर्टलिस्ट किए गए आवेदनों का मूल्यांकन उनकी कार्यक्षमता, डिज़ाइन प्रक्रिया, विशिष्टता और व्यवसायिक व्यवहारिकता के आधार पर डिज़ाइन और इंजीनियरिंग में विशेषज्ञ राष्ट्रीय जजिंग पैनल द्वारा किया जाएगा।
इन जजिंग पैनल्स द्वारा चुने गए राष्ट्रीय विजेताओं की घोषणा 10 सितम्बर को की जाएगी, जिनमें से प्रत्येक को £5,000 (लगभग 5 लाख) का पुरस्कार दिया जाएगा। डायसन इंजीनियर्स द्वारा चयनित ग्लोबल टॉप 20 शॉर्टलिस्ट की घोषणा 15 अक्टूबर को की जाएगी, और जेम्स डायसन द्वारा चयनित ग्लोबल विजेताओं की घोषणा 5 नवम्बर को की जाएगी।