बेंगलूरु, दिव्यराष्ट्र/ अज़ीम प्रेमजी विश्वविद्यालय ने ‘नेतृत्व विकास में स्नातकोत्तर डिप्लोमा’ में प्रवेश प्रक्रिया की शुरुआत कर दी है। प्रवेश 2027 के लिए ज़रूरी तारीखें इस प्रकार हैं, आवेदन की आख़िरी तारीख़ 11 अक्तूबर 2026, लिखित असाइनमेंट एवं साक्षात्कार अक्तूबर से नवंबर 2026 कक्षाओं की शुरूआत जनवरी 2027 का पहला सप्ताह है।*इन तारीख़ों में किसी भी तरह का बदलाव हो सकता है।
यह कार्यक्रम विकास क्षेत्र में काम कर रहे उन मध्य एवं वरिष्ठ स्तर के पेशेवरों के लिए ख़ासतौर पर बनाया गया है, जिनके पास आठ या उससे अधिक वर्षों का अनुभव है और जो अपनी संस्थाओं में पहले से नेतृत्व वाली भूमिकाओं में हैं या फिर जल्द ही नेतृत्व वाली ज़िम्मेदारियाँ संभालने की संभावना रखते हैं।
प्रोग्राम की जानकारी देते हुए स्कूल ऑफ डेवलपमेंट की निर्देशक, अरिमा मिश्रा ने कहा है, “यह कार्यक्रम सामाजिक क्षेत्र में काम कर रहे मध्य एवं वरिष्ठ स्तर के पेशेवरों को अपने संगठनात्मक अनुभवों को विकास की व्यापक समझ और नज़रिए के साथ जोड़कर देखने का अवसर देता है। यह उनके सोचने के दायरे को बड़ा बना है, ताकि वे अपने काम को अधिक गहराई और समझ के साथ कर सकें तथा प्रभावशाली नेतृत्व क्षमता विकसित कर सकें।”
यह प्रोग्राम प्रतिभागियों को अपने काम को बेहतर तरीके से करने के मकसद के तहत, भारत में आज हो रहे विकास की स्थिति को समझने के लिए उसके इतिहास और लोगों के वास्तविक जीवन के अनुभवों को गहराई से जानने का मौका देगा। विकास के समानता, न्याय और टिकाऊ भविष्य को बढ़ावा देने वाले नए और बेहतर तरीकों के बारे में सोचने को प्रोत्साहित करेगा। ऐसी नेतृत्व क्षमता विकसित करना, जिससे सभी को साथ लेकर चलने वाली, बदलती परिस्थितियों के अनुसार काम करने वाली और मिल-जुलकर काम करने वाली संस्थाएँ बनाई जा सकें। वित्तीय प्रबंधन, संवाद-कौशल और आँकड़ों के विश्लेषण जैसी क्षमताओं को और मज़बूत बनाने में मदद करेगा।