
भीलवाड़ा, दिव्यराष्ट्र /संगम विश्वविद्यालय के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ द्वारा “उच्च शिक्षा में ई-ऑफिस प्रबंधन एवं प्रलेखन प्रक्रियाएँ” विषय पर आयोजित तीन दिवसीय प्रशासनिक विकास कार्यक्रम का गुरुवार को सफलतापूर्वक समापन हुआ। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के 70 से अधिक प्रशासनिक एवं गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों ने सक्रिय सहभागिता की।
कार्यक्रम निदेशक एवं आईक्यूएसी निदेशक प्रो. प्रीति मेहता ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य प्रशासनिक कर्मचारियों को आधुनिक डिजिटल प्रशासनिक प्रक्रियाओं, ई-ऑफिस प्रणाली तथा प्रभावी प्रलेखन तकनीकों से परिचित कराते हुए कार्यकुशलता, पारदर्शिता और गुणवत्तापूर्ण प्रशासन को बढ़ावा देना था।
कार्यक्रम के प्रथम दिवस पर विश्वविद्यालय के कुलपति एवं मुख्य अतिथि प्रो. करुणेश सक्सेना ने “मशीन युग में मानवीय संवेदनशीलता” विषय पर व्याख्यान देते हुए तकनीकी विकास के साथ मानवीय मूल्यों, संवेदनशीलता एवं नैतिक उत्तरदायित्व के महत्व को रेखांकित किया। इस अवसर पर विक्रांत विश्वविद्यालय, इंदौर के ग्रुप डायरेक्टर प्रो. राजेंद्र जैन तथा बीआईएसआर के रिमोट सेंसिंग विभागाध्यक्ष प्रो. एम. पी. पुनिया ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता की बढ़ती भूमिका, कार्य दक्षता और समय प्रबंधन के महत्व पर अपने विचार साझा किए। वहीं, मेंटल वेलनेस कोच सुश्री नेहा श्रीवास्तव ने मानसिक स्वास्थ्य, सकारात्मक सोच, तनाव प्रबंधन एवं कार्य-जीवन संतुलन पर महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्रदान किया।
द्वितीय दिवस पर कुलसचिव डॉ. आलोक कुमार ने प्रभावी कार्यालय प्रबंधन, प्रशासनिक समन्वय, संचार कौशल एवं व्यावसायिक नैतिकता पर मार्गदर्शन दिया। इसके पश्चात मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय, उदयपुर के डॉ. अविनाश पंवार ने ई-ऑफिस कार्यप्रवाह, डेटा सुरक्षा, प्रक्रिया स्वचालन एवं पेपरलेस प्रशासन की उपयोगिता पर व्यावहारिक जानकारी दी।
तृतीय दिवस पर जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, नई दिल्ली के कम्युनिकेशन एंड इन्फॉर्मेशन सर्विसेज (सीआईएस ) के निदेशक संजीव कुमार ने आधिकारिक पत्राचार, प्रभावी संचार, डिजिटल फाइल प्रबंधन एवं अभिलेख संधारण विषय पर विस्तृत व्याख्यान दिया। उन्होंने उच्च शिक्षा संस्थानों में आधुनिक दस्तावेजीकरण एवं रिकॉर्ड प्रबंधन की सर्वोत्तम प्रक्रियाओं से प्रतिभागियों को अवगत कराया।
समापन समारोह में बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट सदस्य पलक मोदानी, कुलपति प्रो. करुणेश सक्सेना एवं कुलसचिव डॉ. आलोक कुमार और विशिष्ट अतिथि संजीव कुमार ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए प्रशासनिक उत्कृष्टता एवं डिजिटल कार्य संस्कृति को समय की आवश्यकता बताया। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र भी वितरित किए गए।
कार्यक्रम के सह-समन्वयक डॉ. दीपक काबरा ने सभी संसाधन विशेषज्ञों, अतिथियों, विभागाध्यक्षों, प्रतिभागियों एवं आयोजन समिति का आभार व्यक्त किया। तीन दिवसीय कार्यक्रम के समन्वयन में डॉ. जयंत शर्मा तथा मंच संचालन में सुश्री दिव्या खेतरपाल एवं सुश्री मीनल शर्मा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।





