दिव्यराष्ट्र, नई दिल्ली: भारत का कमर्शियल सेक्टर व्हीकल देश की अर्थव्यवस्था का एक अहम हिस्सा है। यह सामान पहुंचाने,देश के कोने-कोने में डिलीवरी करने में मदद करता है और लाखों वाहन मालिकों और ड्राइवरों की आजीविका का साधन है। इन मालिकों के लिए ट्रक, पिकअप, टेम्पो, टिपर या ऑटो-रिक्शा सिर्फ़ एक वाहन नहीं, बल्कि कमाई का ज़रिया है।
पारस पसरिचा, हेड-मोटर इंश्योरेंस, पॉलिसीबाजार डॉट कॉम: “दुर्घटना, चोरी, आग या लंबे समय तक मरम्मत के कारण होने वाला नुकसान सिर्फ़ वाहन की मरम्मत के खर्च से कहीं ज़्यादा हो सकता है। ऐसे में, काम बंद रहने के समय को कम करने और बिज़नेस को लगातार चालू रखने के लिए सही इंश्योरेंस कवर और समय पर क्लेम सपोर्ट मिलना बहुत ज़रूरी है।जैसे-जैसे यह सेक्टर बढ़ रहा है, ज़रूरत सिर्फ़ इंश्योरेंस लेने से बदलकर सही कवरेज और ज़रूरत के समय बिना किसी परेशानी के सपोर्ट पाने की ओर बढ़ रही है। इससे एक ऐसा इंश्योरेंस अनुभव और भी ज़रूरी हो जाता है जो आसानी से उपलब्ध हो, डिजिटल हो और जिसमें मदद भी मिले। इससे मालिकों को अलग-अलग विकल्पों की तुलना करने, अपनी सुरक्षा की ज़रूरतों को समझने और पॉलिसी की पूरी अवधि के दौरान सपोर्ट पाने में मदद मिलती है।”
पॉलिसीबाज़ार का कमर्शियल व्हीकल प्लेटफ़ॉर्म, जिसके हर साल 50 हज़ार से ज़्यादा कस्टमर हैं, उन्हें एक ही जगह पर 20 से ज़्यादा इंश्योरेंस कंपनियों की पॉलिसी की तुलना करने की सुविधा देता है। साथ ही, यह ट्रक, पिकअप, टेम्पो, टिपर और ऑटो-रिक्शा जैसी कई तरह की गाड़ियों के लिए इंश्योरेंस भी देता है। हर गाड़ी का प्रकार और इस्तेमाल अलग-अलग सुरक्षा ज़रूरतों को जन्म दे सकता है। इसलिए, मालिकों के लिए यह समझना ज़रूरी है कि क्या बेसिक थर्ड-पार्टी पॉलिसी काफ़ी है या फिर कॉम्प्रिहेंसिव कवर और उससे जुड़े ज़रूरी ऐड-ऑन ज़्यादा सही रहेंगे।
ग्राहकों के लिए, यह सुविधा सिर्फ़ पॉलिसी खरीदने तक ही सीमित नहीं है। पॉलिसीबाज़ार ऑनलाइन पॉलिसी जारी करने, उसी दिन पॉलिसी जारी करने, रिन्यूअल के रिमाइंडर और पॉलिसी खरीदने के बाद मदद के साथ-साथ क्लेम और पॉलिसी सर्विसिंग में भी सहायता प्रदान करता है। ग्राहक थर्ड-पार्टी और कॉम्प्रिहेंसिव कवर में से चुन सकते हैं और अपनी गाड़ी व सुरक्षा की ज़रूरतों के आधार पर कई तरह के ऐड-ऑन भी देख सकते हैं, जिनमें ज़ीरो डेप्रिसिएशन, IMT 23 और रोडसाइड असिस्टेंस जैसे विकल्प शामिल हैं।
जिन मालिकों की पिछली पॉलिसी की समय-सीमा खत्म हो गई है, उनके लिए पॉलिसीबाजार एलिजिबल हल्के कमर्शियल वाहनों के लिए बिना इंस्पेक्शन वाले कई प्लान भी देता है। इससे पॉलिसी जारी करने की प्रक्रिया आसान हो जाती है, खासकर तब जब पॉलिसी में गैप (break-in) हो। यह इसलिए भी ज़रूरी है क्योंकि मोटर इंश्योरेंस में गैप होने पर वाहन के इंस्पेक्शन की ज़रूरत पड़ सकती है। अपने इंश्योरर नेटवर्क के ज़रिए पूरे भारत में 8,000 से ज़्यादा कैशलेस गैरेज की सुविधा होने से, कमर्शियल वाहन मालिक कैशलेस रिपेयर की सुविधा का भी लाभ उठा सकते हैं, जहां यह सुविधा उपलब्ध हो।



