
जयपुर, दिव्यराष्ट्र/ कुछ जीवन उपलब्धियों से नहीं, बल्कि ऐसे अनुपम कार्यों से पहचाने जाते हैं जो सामान्य सोच से अगम्य और परिणामों में अप्रत्याशित होते हैं। नन्दकिशोर व्यास का संपूर्ण जीवन मानव सेवा, संगठन शक्ति तथा महर्षि दधीचि के त्याग, तप और देहदान-अंगदान के दिव्य संदेश को जन-जन तक पहुँचाने के लिए समर्पित ऐसी ही प्रेरणादायी गाथा है। उन्होंने अपने संकल्प, कर्म और समर्पण से यह सिद्ध कर दिया कि एक व्यक्ति का निःस्वार्थ प्रयास भी समाज में युगांतरकारी परिवर्तन का आधार बन सकता है।
28 सितम्बर 1951 को उज्जैन (मध्यप्रदेश) में जन्मे नन्दकिशोर व्यास ने वर्ष 1978 में इन्दौर को अपनी कर्मभूमि बनाया। कुशल संगठनकर्ता, दूरदर्शी समाजसेवी और प्रेरक नेतृत्वकर्ता के रूप में उन्होंने दधीचि समाज के संगठन, युवा जागरण, शैक्षणिक उन्नयन, प्रतिभा सम्मान, सामूहिक विवाह, महिला सशक्तिकरण तथा सामाजिक समन्वय जैसे अनेक रचनात्मक कार्यों को नई दिशा प्रदान की। वर्ष 1988 में उनके अथक प्रयासों से महर्षि दधीचि पर भारत सरकार द्वारा डाक टिकट जारी होना उनके सामाजिक जीवन की ऐतिहासिक उपलब्धियों में से एक है।
महर्षि दधीचि के अद्वितीय त्याग से प्रेरित होकर वर्ष *2006 में उन्होंने अपने परिवार के 20 सदस्यों के साथ देहदान एवं अंगदान का संकल्प लिया और “महर्षि दधीचि देहदान-अंगदान समिति” की स्थापना कर मध्यभारत में देहदान-अंगदान जनजागरण अभियान का श्रीगणेश किया। वर्ष 2011 से देहदान एवं अंगदान पंजीकरण प्रारम्भ हुआ और आज समिति के 2100 से अधिक पंजीकृत डोनर्स इस मानवीय अभियान से जुड़े हैं।
उनके सतत प्रयासों से वर्ष 2008 में मध्यप्रदेश शासन द्वारा “महर्षि दधीचि पुरस्कार” की स्थापना हुई तथा महर्षि दधीचि देहोत्सर्ग पर्व का शुभारम्भ हुआ। इसी प्रेरणा को आगे बढ़ाते हुए इन्दौर के देहदानी एवं अंगदानी परिवारों को “महर्षि दधीचि सम्मान” से सम्मानित करने की परम्परा प्रारम्भ हुई। अब तक 21 सम्मान समारोहों के माध्यम से 360 परिवारों को इस विशिष्ट सम्मान से अलंकृत किया जा चुका है।
वर्ष 2024 में उनके अथक प्रयासों का एक और ऐतिहासिक परिणाम सामने आया, जब मध्यप्रदेश शासन के सहयोग से धर्मपुरी स्थित महर्षि दधीचि की तपःस्थली पर संगमरमर की भव्य प्रतिमा की स्थापना हुई। यह केवल एक प्रतिमा की स्थापना नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति के त्याग, तप, बलिदान और लोककल्याण की सनातन परम्परा को पुनर्जीवित करने का एक प्रेरणादायी अभियान है।
चार दशकों से अधिक समय से नन्दकिशोर व्यास रक्तदान, चिकित्सा सहायता, औषधि वितरण, निर्धन विद्यार्थियों के सहयोग, सामाजिक समरसता और जनजागरण जैसे अनेक सेवा कार्यों में निरन्तर सक्रिय हैं। उनका जीवन समाज सेवा की ऐसी सतत साधना है, जिसने हजारों लोगों को मानवता के पथ पर चलने की प्रेरणा दी है।



