
कोलकाता, दिव्यराष्ट्र:/ विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जब प्रतिष्ठित ट्राम कोलकाता के हृदयस्थल से होकर गुज़री, तो वह केवल यात्रियों को ही नहीं, बल्कि स्थिरता, जनस्वास्थ्य और उस विरासत के संरक्षण का एक सशक्त संदेश भी लेकर चली, जिसने एक सदी से अधिक समय से शहर की पहचान को परिभाषित किया है। विरासत, स्वास्थ्य सेवा और पर्यावरणीय जागरूकता को एक साथ जोड़ने वाले इस विशेष आयोजन में मणिपाल हॉस्पिटल्स ईस्ट ने कोलकाता ट्रामवेज़ कंपनी ( सीटीसी) के साथ मिलकर एक जागरूकता अभियान का आयोजन किया, जिसमें पर्यावरण-अनुकूल परिवहन और निवारक स्वास्थ्य सेवाओं की भूमिका को रेखांकित किया गया।
कोलकाता की सांस्कृतिक विरासत के जीवंत प्रतीक के रूप में प्रसिद्ध ट्राम देश में सार्वजनिक परिवहन के सबसे पर्यावरण-अनुकूल साधनों में से एक है। यह जागरूकता यात्रा गरियाहाट से श्यामबाज़ार तक आयोजित की गई, जिसने शहर के दो प्रतिष्ठित इलाकों को जोड़ते हुए पर्यावरणीय जिम्मेदारी और स्वस्थ जीवनशैली का संदेश पूरे शहर में पहुँचाया।
इस कार्यक्रम में रासबिहारी निर्वाचन क्षेत्र के विधायक डॉ. स्वपन दासगुप्ता, कोलकाता ट्रामवेज़ कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी तथा मणिपाल हॉस्पिटल्स के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। इनमें डॉ. राणा राठौड़ रॉय, कंसल्टेंट – इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी एवं लीड कंसल्टेंट – क्लिनिकल कार्डियोलॉजी, मणिपाल हॉस्पिटल ईएम बाइपास, और डॉ. देबराज जश, निदेशक – पल्मोनोलॉजी, मणिपाल हॉस्पिटल्स कोलकाता शामिल थे।
कार्यक्रम की शुरुआत विशेष रूप से तैयार की गई विश्व पर्यावरण दिवस जागरूकता ट्राम को हरी झंडी दिखाकर की गई, जो पर्यावरण संरक्षण, सतत शहरी जीवन और सामुदायिक कल्याण के प्रति साझा प्रतिबद्धता का प्रतीक थी। इस पहल के माध्यम से मणिपाल हॉस्पिटल्स ने पर्यावरणीय स्वास्थ्य और मानव स्वास्थ्य के बीच बढ़ते संबंध को रेखांकित करने के साथ-साथ कोलकाता की सबसे प्रिय और पर्यावरण-अनुकूल सार्वजनिक परिवहन प्रणालियों में से एक का सम्मान किया।
कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण आकर्षण ‘मणिपाल प्रकृति मित्र कार्ड’ का शुभारंभ था। यह विशेष स्वास्थ्य सुविधा कार्ड सीटीसी के कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए तैयार किया गया है। इस पहल का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं और लाभों की एक विस्तृत श्रृंखला तक पहुँच प्रदान करना है, जो कोलकाता की ट्राम विरासत को संरक्षित रखने वाले कर्मचारियों के कल्याण के प्रति मणिपाल हॉस्पिटल्स की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
इस अवसर पर डॉ. राणा राठौड़ रॉय ने कहा, “हमारे पर्यावरण का स्वास्थ्य सीधे हमारे हृदय के स्वास्थ्य को प्रभावित करता है। बढ़ता वायु प्रदूषण, शहरी तनाव और बदलती जीवनशैली हृदय रोगों के बढ़ते बोझ के प्रमुख कारण बन गए हैं। इस प्रकार की पहल लोगों को स्वस्थ आदतें अपनाने, नियमित निवारक स्वास्थ्य जांच को प्राथमिकता देने और यह समझने के लिए प्रेरित करती हैं कि पर्यावरण की रक्षा करना जनस्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए भी उतना ही आवश्यक है। एक सतत भविष्य की शुरुआत ऐसे जागरूक निर्णयों से होती है जो लोगों और पृथ्वी दोनों के लिए लाभकारी हों।”
डॉ. देबराज जश, पल्मोनोलॉजिस्ट, मणिपाल हॉस्पिटल्स ने कहा,”श्वसन स्वास्थ्य हमारे आसपास के पर्यावरण की गुणवत्ता से गहराई से प्रभावित होता है। वायु प्रदूषण अस्थमा, क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज , एलर्जी और अन्य श्वसन संबंधी बीमारियों के लिए एक प्रमुख जोखिम कारक बना हुआ है। इस प्रकार के जागरूकता अभियान समुदायों को स्वच्छ वायु, श्वसन रोगों की शीघ्र पहचान और निवारक स्वास्थ्य देखभाल के महत्व के बारे में शिक्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। स्वच्छ और हरित वातावरण बनाने के लिए मिलकर कार्य करके हम आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वस्थ फेफड़ों और बेहतर जीवन गुणवत्ता सुनिश्चित कर सकते हैं।”





