
दिव्यराष्ट्र, जयपुर: जयपुर स्थित विवेकानंद ग्लोबल यूनिवर्सिटी में आज 5वीं रांका मूट कोर्ट प्रतियोगिता, 2026 का भव्य शुभारंभ हुआ। रांका पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्ट के सहयोग से आयोजित इस प्रतियोगिता में देशभर के विधि पाठ्यक्रम के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
मूट कोर्ट प्रतियोगिता में देशभर से 64 टीमें भाग ले रही हैं, जो इस आयोजन की व्यापकता और महत्व को दर्शाता है। यह प्रतियोगिता विधि विद्यार्थियों को न्यायालयीन प्रक्रिया का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करते हुए उनके तर्क, शोध और अभिव्यक्ति कौशल को सुदृढ़ करती है।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वंदना से हुई। स्वागत उद्बोधन में (प्रो.) (डॉ.) एन. डी. माथुर, कुलपति, विवेकानंद ग्लोबल यूनिवर्सिटी ने कहा कि मूट कोर्ट प्रतियोगिताएं विधि शिक्षा को व्यावहारिक स्वरूप प्रदान करती हैं और विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
इसके पश्चात विश्वविद्यालय के बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट के अध्यक्ष, श्री ललित के. पवार ने वर्तमान समय में विधि शिक्षा की सामाजिक प्रासंगिकता पर अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता न्यायमूर्ति जे. के. रांका, वरिष्ठ अधिवक्ता, राजस्थान उच्च न्यायालय ने न्यायिक प्रक्रिया में नैतिकता और पेशेवर ईमानदारी के महत्व को रेखांकित किया।
विशिष्ट अतिथि श्री भारत व्यास, अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल, भारत सरकार (राजस्थान उच्च न्यायालय) ने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक दौर में भागीदारी ही सबसे बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने आधुनिक विधि सिद्धांतों के साथ भारतीय न्यायशास्त्र एवं मीमांसा परंपरा को समान महत्व देने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने यह भी कहा कि कई बार खामोशी शब्दों से अधिक प्रभावशाली होती है और सही समय पर मौन रहना परिपक्वता का संकेत है।
मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति गोविंद माथुर, पूर्व मुख्य न्यायाधीश, इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने कहा कि भारतीय संविधान केवल कानून की पुस्तक नहीं, बल्कि जीवन का मार्गदर्शक है और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा प्रत्येक नागरिक का दैनिक कर्तव्य है।
कार्यक्रम में रांका पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्ट की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए बताया गया कि ट्रस्ट द्वारा आयोजित मूट कोर्ट प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों को वास्तविक न्यायालयी अनुभव प्रदान करती हैं, जिससे उनमें तर्कशक्ति, विधिक ज्ञान, अनुसंधान क्षमता और आत्मविश्वास का विकास होता है।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित विद्यार्थियों के साथ विशेष संवाद सत्र भी आयोजित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान प्रो. पी. पी. मित्रा ने प्रतियोगिता की संक्षिप्त रिपोर्ट प्रस्तुत की, वहीं श्रीमती सुरभि रांका ने धन्यवाद ज्ञापन दिया।
इस अवसर पर डॉ. शिल्पा रस्तोगी ने सभी प्रतिभागियों को प्रतियोगिता के लिए शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
यह प्रतियोगिता आगामी दिनों में विधि विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का मंच प्रदान करेगी।





