
स्वास्थ्य एवं रिटायरमेंट की तैयारियों में मजबूत सुधार, भावनात्मक चिंताएं अब भी हावी
नई दिल्ली, दिव्यराष्ट्र:/ एक्सिस मैक्स लाइफ इंश्योरेंस लिमिटेड ने अपनी इंडिया रिटायरमेंट इंडेक्स स्टडी (आइरिस) के पांचवें संस्करण से उत्तर भारत से मिले महत्वपूर्ण निष्कर्ष जारी किए हैं। इस अध्ययन को मार्केटिंग डाटा एवं एनालिटिक्स के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर अग्रणी कंपनी कांतार के साथ मिलकर किया गया है। अध्ययन से मिले निष्कर्ष दिखाते हैं कि उत्तर भारत में रिटायरमेंट की तैयारियों की स्थिति में लगातार सुधार हो रहा है। स्वास्थ्य को लेकर लगातार जागरूकता और रिटायरमेंट के लिए सतर्कता से इस तैयारी में मदद मिली है। हालांकि अभी भी भावनात्मक एवं वित्तीय पर्याप्तता की चिंताएं लोगों पर हावी हैं। उल्लेखनीय है कि एक्सिस मैक्स लाइफ इंश्योरेंस लिमिटेड को पहले मैक्स लाइफ इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के नाम से जाना जाता था।
एक्सिस मैक्स लाइफ के डायरेक्टर एवं चीफ बिजनेस ऑफिसर अनुराग गुप्ता ने कहा, ‘आइरिस 5.0 से उत्तर भारत को लेकर मिले नतीजे एक ऐसे क्षेत्र की तस्वीर दिखा रहे हैं, जहां लोग हेल्थ एवं प्रोटेक्शन को लेकर बहुत सक्रिय हैं। प्रिवेंटिव आदतों और स्वास्थ्य बीमा की बढ़ती स्वीकार्यता स्पष्ट रूप से देखी जा सकती है। हालांकि इसी दौरान भावनात्मक चिंताएं और दीर्घकालिक वित्तीय पर्याप्तता को लेकर चिंता की स्थिति दिखा रही है कि इन मानकों पर लगातार प्रयास करने और मार्गदर्शन की जरूरत है, जिससे लोग रिटायरमेंट के बाद के वर्षों में सुरक्षित अनुभव करें।’
इस अध्ययन में रिटायरमेंट की तैयारियों से संबंधित विभिन्न मानकों पर इस जोन की सतर्कता में लगातार प्रगति की तस्वीर सामने आई है। पिछले पांच साल में उत्तर भारत का रिटायरमेंट इंडेक्स स्कोर सुधरकर 41 से 48 हो गया है। यह पिछले कुछ वर्षों में सार्थक प्रगति को दिखाता है और राष्ट्रीय औसत के अनुरूप है। यह प्रगति विशेषरूप से स्वास्थ्य संबंधी तैयारियों के मामले में देखने को मिली है। वित्तीय तैयारियों में काफी हद तक स्थिर बनी हुई हैं।
इंडिया रिटायरमेंट इंडेक्स स्टडी में तीन प्रमुख मानकों – फाइनेंशियल (वित्तीय), हेल्थ (स्वास्थ्य) और इमोशनल प्रिपेयर्डनेस (भावनात्मक तैयारी) के आधार पर रिटायरमेंट को लेकर शहरी भारत की तैयारियों का मूल्यांकन किया जाता है। इसमें 0 से 100 तक के अंकों के आधार पर मूल्यांकन होता है। उत्तर भारत का प्रदर्शन इस क्षेत्र में बड़ा बदलाव दिखाने वाला है। स्वास्थ्य को लेकर सतर्कता से यह बदलाव हुआ है। यहां बीमा लेने वालों की संख्या बढ़ी है और रिटायरमेंट को लेकर लोगों का रवैया बदल रहा है।



