
बीसीआई एफ पर राष्ट्रीय शोध अभियान शुरू, ईडब्ल्यूएस आरक्षण 14% करने की मांग; यूजीसी बिल वापस लेने की चेतावनी
पुष्कर, दिव्यराष्ट्र।
भारत की ज्ञान परंपरा और सभ्यता निर्माण में ब्राह्मण समाज की ऐतिहासिक भूमिका को नए वैचारिक ढाँचे में प्रस्तुत करने के लिए “ब्राह्मण सिविलाइज़ेशनल आइडेंटिटी फ्रेमवर्क ” नामक राष्ट्रीय शोध अभियान प्रारम्भ किया जाएगा।
इस पहल का उद्देश्य ब्राह्मण पहचान को केवल जन्म आधारित अवधारणा तक सीमित न रखकर उसे ज्ञान, नैतिकता, तप और समाज के प्रति दायित्व की परंपरा के रूप में स्थापित करना है।
यह महत्वपूर्ण निर्णय तीर्थराज पुष्कर में आयोजित विप्र फाउंडेशन के 18वें राष्ट्रीय परिषद् अधिवेशन में लिया गया।
संस्था के संस्थापक सुशील ओझा ने कहा कि यह शोध पहल नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ेगी और ब्राह्मण परंपरा के ऐतिहासिक योगदान को समझने के लिए संतुलित वैचारिक आधार तैयार करेगी।
उन्होंने ई डब्ल्यू एस आरक्षण को बढ़ाकर 14 प्रतिशत करने की मांग करते हुए कहा कि वर्तमान व्यवस्था में कई जटिल शर्तों के कारण वास्तविक लाभ पात्र लोगों तक नहीं पहुंच पा रहा है।
ओझा ने यूजीसी से जुड़े प्रस्तावित बिल का भी विरोध करते हुए कहा कि सरकार को इसे हर हाल में वापस लेना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके पीछे ऐसी शक्तियां सक्रिय हैं जो ब्राह्मण समाज के हितों के विरुद्ध षड्यंत्र कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि शोध अभियान पूरा होने के बाद ब्राह्मण समाज से जुड़े मुद्दों को प्रधानमंत्री, सोनिया गांधी और मोहन भागवत सहित राष्ट्रीय नेतृत्व के समक्ष रखा जाएगा।
401 सदस्यीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी का गठन
अधिवेशन में वर्ष 2026-28 के लिए 401 सदस्यों की राष्ट्रीय कार्यकारिणी का गठन किया गया।
पाली मूल के मुंबई निवासी उद्योगपति सत्यनारायण श्रीमाली को सर्वसम्मति से संगठन का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया।
वहीं पद्मभूषण पत्रकार झाबरमल्ल शर्मा के पौत्र सत्यनारायण शर्मा को पुनः मुख्य संरक्षक का दायित्व सौंपा गया।
संगठन को नई ऊँचाइयों तक ले जाने की तैयारी
संगठन महामंत्री डॉ. सीए सुनील शर्मा ने कहा कि संगठनात्मक ढाँचे को और मजबूत बनाने के लिए कुछ कठोर और अलोकप्रिय निर्णय भी लिए जा रहे हैं, जिनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी का सहयोग आवश्यक है।
अधिवेशन में देशभर के 40 जोनल अध्यक्षों के नामों पर भी सर्वसम्मति से मुहर लगाई गई।
शिक्षा-संस्कार और स्वावलंबन पर जोर
प्रमुख महामंत्री पवन पारीक ने संस्था के 20 सूत्रीय कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की, जिसमें शिक्षा, संस्कार और आर्थिक स्वावलंबन को प्रमुख आधार बनाया गया है।
: इन प्रकल्पों को मिला जोरदार समर्थन*
● श्री परशुराम ज्ञानपीठ
● स्टैच्यू ऑफ स्ट्रेंथ
इन दोनों ऐतिहासिक प्रकल्पों के समर्थन में अधिवेशन में उपस्थित प्रतिनिधियों ने खड़े होकर करतल ध्वनि से समर्थन व्यक्त किया।
प्रमुख दायित्व
विप्र चैम्बर राष्ट्रीय अध्यक्ष — डॉ. विजय बासोतिया (जयपुर)
इस्पेक सोसायटी चेयरमैन — डॉ. हर्षा त्रिवेदी
राष्ट्रीय कार्यसमिति बैठक में चित्तौड़गढ़ से सांसद सीपी जोशी विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने भी समाज के प्रति अपने जुड़ाव को दोहराया। भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष मुकेश दाधीच ने अपने विचार रखे । अंत में नव नियुक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष एस एन श्रीमाली ने सबको साथ लेकर चलने और विप्र फाउंडेशन को आगे ले जाने का विश्वास दिलाया।
परिषद् को निवर्तमान अध्यक्ष राधेश्याम गुरुजी, संरक्षक बनवारी लाल सोती, पूर्व विधायक धर्म नारायण जोशी, डूंगरगढ़ से विधायक ताराचंद सारस्वत, पशुपति शर्मा, कोटा से भवनेश शर्मा “चच्चू ” जोनल प्रदेशाध्यक्ष राजेश कर्नल, तनसुख तावनीय, कुलदीप शर्मा, राजेश बुटोले, मंजुलता शर्मा, नरेंद्र पालीवाल, कुणाल मिश्रा, हेमंत शर्मा, सुभाष आचार्य, कृष्ण मुरारी चतुर्वेदी, आंध्र प्रदेश अध्यक्ष राजेंद्र पारीक, तेलंगाना हरिकिशन ओझा, अश्वनी भारद्वाज, अशोक टाइगर, कमल शर्मा दिल्ली, महेश शर्मा उड़ीसा, दिनेश दाढ़ी और सज्जन महर्षि महामंत्री सूरत, संजीव मिश्रा पश्चिम बंगाल, विजय पांडेय उत्तर प्रदेश आदि ने भी अपनी बात। रखी ।





