
आईटीबी बर्लिन 2026 में यूएन टूरिज्म मिनिस्टर समिट में बोले केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री*
बर्लिन, दिव्यराष्ट्र:/ आईटीबी बर्लिन 2026 में आयोजित यूएन टूरिज्म मिनिस्टर समिट में केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि भारत का लक्ष्य सिर्फ पर्यटकों की संख्या बढ़ाना नहीं, अपितु ग्लोबली कॉम्पिटिटिव, सस्टेनेबल और कम्युनिटी-सेंट्रिक डेस्टिनेशन विकसित करना है। भारत का विजन 2047 का पर्यटन रोडमैप ‘ग्रोथ विद रिस्पॉन्सिबिलिटी’ पर आधारित होगा।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पर्यटन भारत के लिए केवल यात्रा का विषय नहीं, अपितु रोजगार, सतत विकास और सभ्यतागत आदान-प्रदान का माध्यम है। पिछले दस वर्षों में भारत ने संतुलित दृष्टिकोण अपनाते हुए अपनी समृद्ध विरासत और नाजुक पारिस्थितिक तंत्र की रक्षा के साथ-साथ विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचा विकसित किया है। देश में ऑपरेशनल एयरपोर्ट की संख्या 74 से बढ़कर 160 से अधिक हो गई है, जिससे दूरस्थ और उभरते पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान हुई है।
शेखावत ने कहा कि उड़ान स्कीम के माध्यम से क्षेत्रीय हवाई कनेक्टिविटी का लोकतंत्रीकरण किया गया है, जबकि वंदे भारत एक्सप्रेस जैसी आधुनिक रेल सेवाएं एकीकृत पर्यटन सर्किट को मजबूती दे रही हैं।
थीम और आध्यात्मिक पर्यटन पर फोकस
शेखावत ने कहा कि स्वदेश दर्शन और प्रसाद स्कीम के तहत रणनीतिक निवेश के जरिए थीम आधारित, विरासत और आध्यात्मिक स्थलों का विकास किया जा रहा है। इन परियोजनाओं का इंफ्रास्ट्रक्चर जलवायु-लचीला (क्लाइमेट रेजिलिएंट) है और इन्हें इस तरह डिजाइन किया गया है कि स्थानीय समुदायों को प्रत्यक्ष लाभ मिल सके।
उन्होंने कहा कि भारत डाटा एनालिटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए इंटेलिजेंट डेस्टिनेशन मैनेजमेंट सिस्टम विकसित कर रहा है, जिससे पर्यटकों की आवाजाही की निगरानी, कम चर्चित स्थलों का प्रचार और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों पर दबाव कम किया जा सके।
जर्मनी के साथ पर्यटन सहयोग पर जोर
आईटीबी बर्लिन के दौरान मंत्री ने जर्मनी के फेडरल गवर्नमेंट कमिश्नर फॉर टूरिज्म क्रिस्टोफ प्लॉस से मुलाकात की। उन्होंने बताया कि जर्मनी भारत का आठवां सबसे बड़ा इनबाउंड पर्यटन बाजार है, जो दोनों देशों के मजबूत संबंधों को दर्शाता है। दोनों पक्षों के बीच भारत-जर्मनी पर्यटन सहयोग को और मजबूत करने, द्विपक्षीय यात्रा प्रवाह बढ़ाने, सतत एवं जिम्मेदार पर्यटन को प्रोत्साहित करने और टूर ऑपरेटरों के बीच साझेदारी बढ़ाने पर चर्चा हुई।
दूतावास में उद्योग प्रतिनिधियों से संवाद
केंद्रीय मंत्री ने बर्लिन स्थित भारतीय दूतावास में आयोजित एक कार्यक्रम में भी हिस्सा लिया, जिसकी मेजबानी भारत के राजदूत अजीत गुप्ते ने की। इस दौरान जर्मन एसोसिएशन ऑफ टूर ऑपरेटर्स के प्रतिनिधियों के साथ संवाद हुआ। कार्यक्रम में भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और विविधता को दर्शाने वाली प्रस्तुतियां भी आयोजित की गईं। मंत्री ने जर्मन भागीदारों को भारत को केवल एक पर्यटन स्थल नहीं, अपितु असाधारण विविधता वाली जीवंत सभ्यता के रूप में अनुभव करने के लिए अधिक पर्यटकों को प्रेरित करने का आह्वान किया। शेखावत ने कहा कि भारत वैश्विक समुदाय के साथ मिलकर यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि पर्यटन लचीलापन, समावेशन और साझा समृद्धि का सशक्त माध्यम बने।
होली सामाजिक समरसता और सकारात्मकता का पर्व
केंद्रीय मंत्री ने देशवासियों को रंगों के पावन पर्व होली की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि होली केवल बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक नहीं है, अपितु यह सामाजिक समरसता, आपसी भाईचारे और उत्साह का भी संदेश देती है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पिछले वर्षों में उन्हें देशवासियों के साथ होली के विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होने का अवसर मिला, जो उनके लिए सदैव विशेष रहा है, हालांकि इस वर्ष वे आईटीबी बर्लिन 2026 में आयोजित यूएन टूरिज्म मिनिस्टर समिट में भाग लेने के कारण विदेश प्रवास पर हैं, इसलिए प्रत्यक्ष रूप से इस उत्सव में शामिल नहीं हो पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भौगोलिक दूरी के बावजूद उनका मन देशवासियों के साथ है और वे कामना करते हैं कि यह पर्व सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और नई ऊर्जा लेकर आए। उन्होंने अपील की कि होली को प्रेम, सौहार्द और जिम्मेदारी के साथ मनाया जाए, ताकि समाज में सकारात्मकता और एकता का रंग और गहरा हो।






