
कैंसर केयर के भविष्य को नए सिरे से परिभाषित करने पर किया विचार-विमर्श
नई दिल्ली, दिव्यराष्ट्र:/ वैश्विक स्तर पर ओंकोलॉजी के क्षेत्र में परस्पर सहयोग को रेखांकित करते हुए, फोर्टिस कैंसर इंस्टीट्यूट दिल्ली स्थित होटल अंदाज़ में 2-3 मई, 2026 के दौरान फोटिस कैंसर समिट 2026 का आयोजन कर रहा है जिसमें देश-विदेश से कैंसर शोध से जुड़े विशेषज्ञों के अलावा ओंकोलॉजी से संबद्ध दिग्गज हिस्सा ले रहे हैं और कैंसर केयर के भविष्य पर मिल-जुलकर चर्चा करेंगे।
इस समिट में, भारत भर के 50 से भी अधिक प्रतिष्ठित कैंसर सेंटर, 500+ नेशनल फैकल्टी और 25 देशों का प्रतिनिधित्व कर रहे 100+ इंटरनेशनल फैकल्टी की हिस्सेदारी के चलते यह आयोजन ओंकोलॉजी पर विचार-विमर्श तथा इससे संबंधित श्रेष्ठ प्रथाओं के आदान-प्रदान के सर्वाधिक प्रभावशाली वैश्विक मंचों में से एक साबित होगा। लगभग 1200 प्रतिनिधियों तथा 150 ओंकोलॉजी छात्रों की प्रतिभागिता के चलते राष्ट्रीय राजधानी ग्लोबल ओंकोलॉजी विलेज में बदलने जा रही है जिसमें कैंसर केयर जैसे गंभीर विषय पर वैज्ञानिक आदान-प्रदान, नवाचार और परस्पर तालमेल पर जोर दिया जाएगा। इस मंच पर वैश्विक और भारतीय ओंकोलॉजी दिग्गजों को एकजुट कर भौगोलिक सीमाओं से परे, भविष्य के लिए तैयार कैंसर केयर को बढ़ावा दिया जाएगा।
ऐसे समय में, जबकि अलग-अलग भौगोलिक क्षेत्रों में कैंसर के उपचार संबंधी गाइडलाइंस अलग-अलग हैं, ऐसे में इस कॉन्फ्रेंस में ‘साक्ष्य-आधारित ओंकोलॉजी से आगे’ के भविष्योन्मुखी और शक्तिशाली थीम को प्रमुख आधार बनाया गया है जो कि उभरते साक्ष्यों को रियल-वर्ल्ड क्लीनिकल प्रेक्टिस में बदलने पर जोर देगा। दो दिनों तक चलने वाली इस समिट के दौरान 25 से अधिक थीम आधारित सत्रों का आयोजन किया जाएगा जिनमें अंग-विशेष पर आधारित ओंकोलॉजी सत्रों के अलावा मल्टीडिसीप्लीनरी चर्चाओं और व्यावहारिक वर्कशॉप शामिल होंगी और इनके माध्यम से प्रतिभागियों को उभरते साक्ष्यों और कैंसर केयर में रियल-वर्ल्ड में हो रहे नए प्रयोगों के बारे में व्यावहारिक जानकारी मिलेगी।
इस समिट में ओंकोलॉजी के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े जाने-माने वैश्विक विशेषज्ञों के अलावा प्रोटोन थेरेपी, एमआर-गाइडेड रेडियोथेरेपी (एमआर लाइनेक), रेडिएशन ओंकोलॉजी, मेडिकल ओंकोलॉजी, सर्जिकल ओंकोलॉजी, हेमेटोलॉजी, पिडियाट्रिक हेमेटोलॉजी, गाइनी ओंकोलॉजी तथा जीनोमिक्स के दिग्गज भी हिस्सा ले रहे हैं जो इस बात की ओर इशारा है कि इस मंच पर एकीकृत, नेक्स्ट-जेनरेशन कैंसर केयर पर जोर दिया जाएगा।
समिट में कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ हिस्सा ले रहे हैं जिनमें डॉ नीति कृष्ण रायज़ादा, प्रिंसीपल डायरेक्टर, मेडिकल एंड हेमेटो ओंकोलॉजी, फोर्टिस बेंगलुरू, डॉ बोमन ढाबर – डायरेक्टर, मेडिकल ओंकोलॉजी, फोर्टिस मुलुंड, डॉ मोहन केशवमूर्ति, प्रिंसीपल डायरेक्टर, यूरोलॉजी, फोर्टिस बेंगलुरु, डॉ जी के रथ, रेडिएशन ओंकोलॉजी, डॉ रमेश सरीन, सर्जिकल ओंकोलॉजी, अपोलो हॉस्पीटल्स, डॉ राणा पटीर, चेयरमैन, न्यूरोसर्जरी, फोर्टिस गुरुग्राम, प्रोफे. सुदीप गुप्ता, डायरेक्टर, टाटा मेमोरियल हॉस्पीटल, डॉ नीतेश रोहतगी तथा डॉ अंकुर बहल, प्रिंसीपल डायरेक्टर, मेडिकल ओंकोलॉजी, फोर्टिस गुरुग्राम, डॉ सुमन एस कारंथ, एडिशनल डायरेक्टर, मेडिकल ओंकोलॉजी, फोर्टिस गुरुग्राम, डॉ संदीप वैश्य, एग्जीक्युटिव डायरेक्टर एचं एचओडी न्यूरो सर्जरी, फोर्टिस गुरुग्राम, डॉ राहुल भार्गव, प्रिंसीपल डायरेक्टर एवं चीफ हेमेटेोलॉजी, फोर्टिस गुरुग्राम, डॉ रमा जोशी, चेयरमैन-गाइनी ओंकोलॉजी एंड रोबोटिक सर्जरी, फोर्टिस गुरुग्राम, डॉ वेदांत काबरा, प्रिंसीपल डायरेक्टर – सर्जिकल ओंकोलॉजी, फोर्टिस गुरुग्राम शामिल हैं।
समिट के ग्लोबल फैकल्टी प्रतिभागियों में डॉ बसीम अल बहरैनी, सीनियर कंसल्टेंट, मेडिकल ओंकोलॉजी, रॉयल हॉस्पीटल, ओमान एंड वाइस चेयरमैन, ट्रीटमेंट एब्रोड, एमओएच, ओमान, इलिया कार्निलियूस सालू, चीफ मेडिकल डायरेक्टर, ट्रस्ट चेरिटोस हॉस्पीटल अबूजा, नाइजीरिया, आसमुतदिनोव जलोलिद्दीन, डायरेक्टर, स्टेट इंस्टीट्यूशन, सेंटर फॉर लाइसेंसिंग एंड एक्रिडिशन ऑफ मेडिकल ऑर्गेनाइज़ेशंस, उज्बेकिस्तान, डॉ मेरी मैककोरमैक, कंसल्टेंट क्लीनिकल ओंकोलॉजिस्ट, यूनीवर्सटी कॉलेज लंदन हॉस्पीटल, डॉ पीटर फाशिंग, जर्मनी, डॉ पीटर लिम (अमेरिका) शामिल थे, जिन्होंने इस मंच पर वैश्विक विशेषज्ञता और क्लीनिकल विचार-विमर्श तथा परस्पर सहयोग को साकार किया।
इलिया कार्निलियूस सालू, चीफ मेडिकल डायरेक्टर, ट्रस्ट चेरिटोस हॉस्पीटल अबूजा, नाइजीरिया ने इस अवसर पर कहा, “आज के दौर में कैंसर केयर के लिए पहले से कहीं अधिक मजबूत वैश्विक सहयोग की आवश्यकता है, क्योंकि हमारे सामने पेश आने वाली चुनौतियों का स्वरूप लगातार और भी जटिल बनता जा रहा है। फोर्टिस कैंसर समिट जैसे प्लेटफार्म दुनियाभर के विभिन्न क्षेत्रों में अलग-अलग क्लीनिकल अनुभवों, शोध के मोर्चे पर होने वाली प्रगति, और टेक्नोलॉजी में नवाचारों को एक साथ लेकर आ रहे हैं। समिट का थीम – ‘बियॉन्ड एविडेंस-बेस्ट ओंकोलॉजी’ खासतौर से प्रासंगिक है, क्योंकि कैंसर केयर का भविष्य केवल साक्ष्य पर ही आधरित नहीं है, बल्कि यह उस साक्ष्य को वैयक्तिकृत, बहु-विषयक, तथा मरीज-केंद्रित उपचार दृष्टिकोण में बदलने से भी जुड़ा है। मैं समिट के मंच पर ऐसी सार्थक चर्चाओं और ज्ञान के परस्पर आदान-प्रदान को लेकर उत्सुक हूं जो दुनियाभर में कैंसर केयर को अधिक प्रभावी तथा लोगों की आसान पहुंच में लाने में सहायक हों।”
डॉ नीतेश रोहतगी तथा डॉ अंकुर बहल, प्रिंसीपल डायरेक्टर, मेडिकल ओंकोलॉजी, फोर्टिस गुरुग्राम, ने कहा, “कैंसर केयर का भविष्य परस्पर सहयोग, नवाचार तथा साक्ष्य को वैयक्तिकृत मरीज देखभाल के मुताबिक ढालने पर निर्भर करता है। फोर्टिस कैंसर समिट के माध्यम से, हम एक ऐसा इकोसिस्टम तैयार कर रहे हैं जहां क्लीनिशियन, शोधकर्ता और युवा ओंकोलॉजी प्रोफेशनल्स मिलकर आपस में गहन समझ और जानकारी को साझा कर सकें, पारंपरिक दृष्टिकोणों को चुनौती दे सकें, तथा कैंसर प्रबंधन के अगले आयामों को टटोल सकें। यह समिट केवल जानकारी साझा करने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि मजबूत वैश्विक ओंकोलॉजी कम्युनिटी का निर्माण करते हए मरीजों के परिणामों में व्यापक स्तर पर बदलाव लाने के लिए भी प्रतिबद्ध है।
डॉ अंकुर बहल, प्रिंसीपल डायरेक्टर, मेडिकल ओंकोलॉजी, फोर्टिस मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट, गरुग्राम ने कहा, “ओंकोलॉजी आज ऐसे बदलाव के मोड़ पर खड़ी है जहां वैज्ञानिक नवाचार, सटीन चिकित्सा और बहु-विषयक देखभाल से मरीजों के मामले में परिणामों को नए सिरे से परिभाषित किया जा सकता है।
फोर्टिस कैंसर समिट ऐसे प्लेटफार्म के तौर पर तैयार की गई है जो उदीयमान साक्ष्यों एवं उनके रियल-वर्ल्ड क्लीनिकल एप्लीकेशनों के बीच की दूरियों के बीच अंतर को दूर करने की दिशा में प्रयासरत है। दुनियाभर की कुछ बेहतरीन ओंकोलॉजी प्रतिभागियाओं को समिट के मंच पर एकजुट करने के लिए, हम केयर के उन्नत मानकों, अत्याधुनिक थेरेपी तक पहुंच में सुधार, मरीजों के लिए बेहतर सरवाइवल और लाइफ क्वालिटी सुनिश्चत करने की दिशा में परस्पर सहयोगी दृष्टिकोणों को मजबूत बना रहे हैं।”
ऋतु गर्ग, चीफ ग्रोथ एंड इनोवेशन ऑफिसर, फोर्टिस हेल्थकेयर ने कहा, “फोर्टिस कैंसर समिट के दूसरे संस्करण का आयोजन फोर्टिस हेल्थकेयर में हम सभी के लिए गर्व का अवसर है, जो कि टेक्नोलॉजी, विज्ञान, दयाभाव तथा नवाचार के जरिए कैंसर केयर को और मजबूत बनाने की फोर्टिस कैंसर इंस्टीट्यूट की प्रतिबद्धता का सबूत है। जैसे-जैसे ओंकोलॉजी के क्षेत्र में तेजी से प्रगति हो रही है, उस पृष्ठभूमि में यह समिट भारत एवं फोर्टिस को एकीकृत, मरीज-केंद्रित तथा ग्लोबल कैंसर केयर इकोसिस्टम के तौर पर साख दिलाने में महत्वपूर्ण योगदान करेगी। इस मंच की बदौलत सामने आने वाले रुझानों का असर सीधे क्लीनिकल परिणामों एवं मरीजों के सरवाइवल रेट पर पड़ेगा।”



