
दिव्यराष्ट्र, जयपुर: विवेकानंद ग्लोबल यूनिवर्सिटी (वीजीयू), जयपुर में 5वीं वीजीयू रांका मूट कोर्ट प्रतियोगिता 2026 का भव्य एवं सफल समापन हुआ। यह राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित विधिक प्रतियोगिता इस वर्ष विशेष रूप से पर्यावरण एवं संविधान आधारित मूट प्रॉब्लम पर केंद्रित रही, जिसमें प्रतिभागियों ने समसामयिक विधिक चुनौतियों पर अपने सशक्त तर्क प्रस्तुत किए। देशभर के प्रतिष्ठित विधि संस्थानों से आई 64 टीमों ने इस प्रतियोगिता में भाग लेकर अपनी तर्कशक्ति, शोध कौशल एवं न्यायालयीन प्रक्रिया की गहरी समझ का परिचय दिया। इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता का आयोजन तीन दिनों में सम्पन्न हुआ। 10 अप्रैल 2026 को प्रारंभिक राउंड्स के साथ प्रतियोगिता का शुभारंभ हुआ।
11 अप्रैल 2026 को उद्घाटन समारोह के साथ-साथ क्वार्टर फाइनल राउंड, रिसर्च टेस्ट एवं सोशल मीडिया राउंड आयोजित किए गए, जिन्होंने प्रतिभागियों को एक नई चुनौती प्रदान की। 12 अप्रैल 2026 को सेमीफाइनल एवं फाइनल राउंड्स का रोमांचक आयोजन हुआ, जिसके पश्चात् भव्य वैलेडिक्टरी सेरेमनी के साथ प्रतियोगिता का समापन किया गया। प्रतिभागियों ने पर्यावरण संरक्षण, मौलिक अधिकार, राज्य के दायित्व एवं सतत विकास जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण एवं समसामयिक विषयों पर प्रभावशाली बहस प्रस्तुत की। समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में सिक्किम उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश माननीय जस्टिस श्री नरेंद्र कुमार जैन उपस्थित रहे। विशिष्ठ अतिथि के रूप में जयपुर नेशनल यूनिवर्सिटी के निदेशक प्रो. एस. सी. शास्त्री ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। इस अवसर पर रांका पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष जस्टिस जे. के. रांका एवं वाइस चेयरमैन ने भी प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया।
समापन समारोह में विधि विभाग के छात्र मुस्कान शर्मा एवं नंदिवर्धन ने प्रतियोगिता की संक्षिप्त रिपोर्ट प्रस्तुत की और तीन दिनों के रोमांचक सफर को सभी के समक्ष रेखांकित किया। विधि विभाग के डीन प्रो. पी. पी. मिश्रा ने प्रतिभागियों के कठिन परिश्रम एवं उत्कृष्ट प्रदर्शन की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों में वास्तविक न्यायिक सोच विकसित करती हैं। विधि विभागाध्यक्ष डॉ. शिल्पा राव रस्तोगी ने कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) एन. डी. माथुर ने सभी प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि वीजीयू सदैव विद्यार्थियों को व्यावहारिक एवं गुणवत्तापूर्ण विधिक शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि इस प्रतियोगिता में देशभर से 64 टीमों की भागीदारी विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती प्रतिष्ठा का प्रमाण है। मुख्य अतिथि जस्टिस नरेंद्र कुमार जैन ने अपने प्रेरणादायक उद्बोधन में कहा कि विधि क्षेत्र में सफलता के लिए ईमानदारी, समर्पण एवं कठोर परिश्रम तीनों का होना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि मूट कोर्ट प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों को वास्तविक न्यायालयीन वातावरण का अनुभव प्रदान करती हैं, जो उनके व्यावसायिक जीवन में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होती हैं। जस्टिस जे. के. रांका ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं भविष्य के सफल विधि पेशेवर तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने कहा कि जो विद्यार्थी आज यहाँ प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं, वे कल देश की न्यायपालिका को सशक्त बनाएँगे।
गेस्ट ऑफ ऑनर प्रो. एस. सी. शास्त्री ने विद्यार्थियों को व्यावहारिक विधिक शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पुस्तकीय ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक अनुभव ही एक सफल अधिवक्ता का निर्माण करता है। उन्होंने विद्यार्थियों को निरंतर सीखने एवं अपने कौशल को निखारने के लिए प्रेरित किया। इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में डोगरा लॉ कॉलेज, जम्मू ने विजेता का खिताब अपने नाम किया। उपविजेता का स्थान इंस्टीट्यूट ऑफ लॉ, निरमा यूनिवर्सिटी, अहमदाबाद को प्राप्त हुआ। बेस्ट मेमोरियल का पुरस्कार आर्मी इंस्टीट्यूट ऑफ लॉ, मोहाली को दिया गया। बेस्ट रिसर्चर का सम्मान श्री गौर को प्रदान किया गया, जबकि बेस्ट स्पीकर का पुरस्कार जयपुर नेशनल यूनिवर्सिटी की लोरिया शर्मा को दिया गया। समारोह के दौरान सभी विजेताओं एवं प्रतिभागियों को ट्रॉफी, प्रमाण-पत्र एवं स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया। यह प्रतियोगिता विद्यार्थियों के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण मंच सिद्ध हुई, जहाँ उन्होंने विधिक ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक न्यायिक प्रक्रिया की गहरी समझ विकसित की। कार्यक्रम के अंत में आयोजकों द्वारा सभी प्रतिभागियों, निर्णायक मंडल एवं अतिथियों का हार्दिक आभार व्यक्त किया गया तथा भविष्य में भी इस प्रकार के आयोजनों को निरंतर आयोजित करने का संकल्प लिया गया।




