नई दिल्ली दिव्यराष्ट्र:/ लगभग 30,000 करोड़ रुपये के वर्तमान मूल्य वाले भारत के प्लास्टिक रीसाइक्लिंग उद्योग, जिसके वर्ष 2035 तक 60,000 करोड़ रुपये तक पहुँचने का अनुमान है, के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर के रूप में ग्लोबल कॉन्फ्रेंस एंड एग्ज़ीबिशन ऑन प्लास्टिक रीसाइक्लिंग एंड सस्टेनेबिलिटी के तीसरे संस्करण का आयोजन 2 से 5 जुलाई 2026 तक भारत मंडपम, नई दिल्ली में किया जाएगा।
लगभग 80 वर्षों से देशभर में कार्यरत शीर्ष उद्योग संगठन ऑल इंडिया प्लास्टिक मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ( एआईपीएमए ) द्वारा आयोजित इस चार दिवसीय सम्मेलन एवं प्रदर्शनी को रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय, नीति आयोग तथा आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय का सहयोग एवं मार्गदर्शन प्राप्त है।
एआईपीएमए गवर्निंग काउंसिल के चेयरमैन अरविंद मेहता तथा एआईपीएमए के अध्यक्ष सुनील शाह के नेतृत्व में संगठन निरंतर प्रगतिशील नीतियों, उद्योग सहयोग तथा उत्तरदायी संसाधन प्रबंधन एवं सर्कुलर इकोनॉमी को बढ़ावा देने वाली पहलों के माध्यम से भारत के सस्टेनेबिलिटी इकोसिस्टम को सशक्त बनाने के लिए कार्यरत है।
एशिया की सबसे बड़ी प्लास्टिक रीसाइक्लिंग एवं सस्टेनेबिलिटी प्रदर्शनी के रूप में स्थापित सीजीपी आरएस 2026 में 12 देशों के 200 से अधिक प्रदर्शक लगभग 12,000 वर्गमीटर क्षेत्र में अपनी नवीनतम तकनीकों और समाधानों का प्रदर्शन करेंगे। यह प्रदर्शनी प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन एवं रीसाइक्लिंग की संपूर्ण वैल्यू चेन का प्रतिनिधित्व करेगी।


