जयपुर: स्मार्ट मीटर और बिजली की खपत को लेकर उपभोक्ताओं के लिए सबसे अहम सवाल हमेशा यही रहा है- क्या स्मार्ट मीटर में दर्ज हो रही खपत सही है? स्मार्ट मीटरिंग के साथ इस सवाल का जवाब अधिक पारदर्शी तरीके से उपलब्ध हो रहा है। जहां ‘बिजली मित्र’ ऐप उपभोक्ताओं को अपनी बिजली खपत की सटीक और पारदर्शी जानकारी देखने और नियमित रूप से निगरानी रखने में मदद करता है, वहीं चेक मीटर मुख्य मीटर में दर्ज रीडिंग के सत्यापन के लिए एक अतिरिक्त व्यवस्था उपलब्ध कराता है।
‘बिजली मित्र’ ऐप के ‘माय स्मार्ट मीटर (My Smart Meter)’ विकल्प से उपभोक्ता प्रति घंटे, साप्ताहिक और मासिक बिजली खपत, रियल-टाइम मीटर रीडिंग, बिजली आपूर्ति अपडेट, ऊर्जा बचत के सुझाव और ऑन-डिमांड रीडिंग देख सकते हैं। इससे वे अपनी खपत का पैटर्न समझकर बिजली इस्तेमाल को बेहतर तरीके से नियंत्रित कर सकते हैं। ऐप के जरिए बिजली सेवाओं से जुड़ी शिकायत दर्ज कर उसकी स्थिति जानने के साथ नए कनेक्शन, लोड में बदलाव से जुड़ी सेवाओं के लिए आवेदन भी किया जा सकता है।
इस ऐप के माध्यम से अधिकांश बिजली संबंधी सेवाएं अब मोबाइल ऐप पर उपलब्ध होंगी। इससे उपभोक्ताओं को बिजली विभाग जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी और उनके समय की भी बचत होगी।
उपभोक्ता संतुष्टि को ध्यान में रखते हुए स्मार्ट मीटरिंग के साथ एक और महत्वपूर्ण पहल चेक मीटर की है। स्मार्ट मीटर को लेकर उपभोक्ताओं के मन में अक्सर यह सवाल होता है कि मीटर में दर्ज हो रही बिजली खपत की रीडिंग सही है या नहीं। इसी को ध्यान में रखते हुए चेक मीटर एक अतिरिक्त सत्यापन व्यवस्था के रूप में काम करता है।
सरल शब्दों में कहें तो चेक मीटर मुख्य स्मार्ट मीटर के साथ लगाया जाने वाला प्रमाणित और मानकों के अनुसार जांचा गया मीटर है, जिसकी रीडिंग की तुलना मुख्य स्मार्ट मीटर की रीडिंग से की जा सकती है। इससे उपभोक्ताओं को मीटर में दर्ज बिजली खपत को समझने और उसकी पुष्टि करने का एक अतिरिक्त माध्यम मिलता है, जिससे स्मार्ट मीटर की रीडिंग और उसकी सटीकता को लेकर उनका विश्वास और मजबूत होता है। राजस्थान में स्मार्ट मीटरिंग के विस्तार के साथ उपभोक्ता संतुष्टि के लिए चेक मीटर की व्यवस्था को भी बढ़ाया जा रहा है। राज्य में अब तक 85,000 से अधिक चेक मीटर लगाए जा चुके हैं, जिनके माध्यम से स्मार्ट मीटर की रीडिंग को सत्यापित करने और उपभोक्ताओं का स्मार्ट मीटर के प्रति विश्वास मजबूत करने में मदद मिल रही है।
केंद्र सरकार ने भी स्मार्ट मीटरिंग में उपभोक्ता-केंद्रित व्यवस्था के तहत चेक मीटर को महत्व दिया है। इसका उद्देश्य उपभोक्ताओं को मीटर की रीडिंग को सत्यापित करने का विकल्प देना, मीटरिंग प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना और उनके भरोसे को मजबूत करना है।
राजस्थान में स्मार्ट मीटरिंग का लगातार विस्तार ho रहा है। राज्य में अब तक 48.1 लाख से अधिक स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, जिससे राजस्थान पूरे देश भर में स्मार्ट मीटर इंस्टॉलेशन के मामले में पांचवें स्थान पर है। स्मार्ट मीटरिंग के बढ़ते विस्तार से उपभोक्ताओं को अपनी बिजली खपत की जानकारी रियल-टाइम में देखने और बिलिंग को वास्तविक खपत के आधार पर समझने में मदद मिल रही है।
चेक मीटर जहां मीटर की सटीकता को लेकर उपभोक्ताओं का भरोसा बढ़ाता है, वहीं ‘बिजली मित्र’ ऐप उन्हें अपनी बिजली खपत को समझने और बेहतर तरीके से नियंत्रित करने में सक्षम बनाता है।
स्मार्ट मीटरिंग का उद्देश्य केवल पारंपरिक मीटर की जगह स्मार्ट मीटर लगाना नहीं है। इसका उद्देश्य उपभोक्ताओं को उनकी बिजली खपत की स्पष्ट जानकारी देना, उन्हें अपने इस्तेमाल को समझने और नियंत्रित करने में सक्षम बनाना और नियमित रूप से अपनी खपत पर नजर रखने की सुविधा देना भी है। इससे उपभोक्ता अपनी बिजली खपत में होने वाले बदलावों को लगातार देख सकते हैं और जरूरत के अनुसार अपने इस्तेमाल को बेहतर तरीके से नियंत्रित कर सकते हैं।




