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गोदरेज वर्सोवा-बांद्रा सी लिंक के लिए वहनीय उत्पादों के साथ मुंबई के बुनियादी ढांचे का कर रही है विस्तार

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गोदरेज एंटरप्राइजेज ग्रुप का निर्माण व्यवसाय, टेम्पररी एक्सेस ब्रिज (टैब -अस्थायी पहुंच पुल) के लिए 3,500 से अधिक प्रीकास्ट कंक्रीट सैक्रिफिशियल स्लैब और सैक्रिफिशियल फॉर्मवर्क के लिए 500 प्रीकास्ट कंक्रीट टैब कॉम्पोनेन्ट का निर्माण और आपूर्ति कर मुंबई के इंट्रा-सिटी परिवहन नेटवर्क को मज़बूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। हर प्रीकास्ट कंक्रीट सैक्रिफिशियल स्लैब को मज़बूती और स्थायित्व के उच्च मानकों को पूरा करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

यह परियोजना बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे के लिहाज़ से उन्नत समाधान प्रदान करने में गोदरेज की विश्वसनीय विशेषज्ञता को दर्शाती है जो नवोन्मेषी और वहनीय भी हैं। गोदरेज, कोर इंजीनियरिंग प्रक्रियाओं में पर्यावरण अनुकूल प्रथाओं को अमल में लाकर वहनीय विकल्पों के साथ भारत के शहरी भविष्य को आकार देने में मदद कर रहा है और इस तरह प्रगति को पर्यावरणीय ज़िम्मेदारी के साथ संतुलित किया जा रहा है।

गोदरेज एंटरप्राइजेज ग्रुप के कार्यकारी उपाध्यक्ष और निर्माण व्यवसाय के व्यवसाय प्रमुख, अनूप मैथ्यू ने कहा, “हम निर्माण से जुड़े नवोन्मेषी और वहनीय समाधान प्रदान कर भारत के बुनियादी ढांचे के विकास में तेज़ी लाने में मदद करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हम पर्यावरण पर कम दुष्प्रभाव डालने वाली निर्माण सामग्री और सर्कुलर निर्माण प्रथाओं को अपनाकर भारत में वहनीय बुनियादी ढांचे के विकास के भविष्य में सक्रिय योगदान कर रहे हैं। मौजूदा वर्सोवा-बांद्रा सी लिंक परियोजना में हमारा योगदान इस प्रतिबद्धता का प्रमाण है। अपेक्षाकृत अधिक वहनीय निर्माण सामग्री के ज़रिये और संसाधन का दक्षता से इस्तेमाल कर हम संरचनात्मक मज़बूती और वांछित वहनीयता सुनिश्चित करते हुए इस परियोजना के पर्यावरण पर होने वाले संभावित दुष्प्रभाव को कम करने में मदद कर रहे हैं। इससे गोदरेज की भारत के बुनियादी ढांचे को अधिक ज़िम्मेदारी से बनाने की प्रतिबद्धता रेखांकित होती है और वहनीयता का हमारे इंजीनियरिंग समाधानों में सबसे प्रमुख स्थान है।”

 

गोदरेज के प्रीकास्ट कंक्रीट कॉम्पोनेन्ट के कंक्रीट मिक्स डिज़ाइन में 10% रिसाइकल किए गए (पुनर्चक्रित) कंक्रीट एग्रीगेट (आरसीए) का उपयोग किया गया है, जिसका उत्पादन मुंबई के विक्रोली में स्थित इसके अत्याधुनिक कंक्रीट मलबे के रीसाइक्लिंग संयंत्र में उत्पादित किया जाता है। पूरी तरह से हरित ऊर्जा द्वारा संचालित इस संयंत्र ने अपनी उन्नत विनिर्माण दक्षता और पर्यावरण मानकों के लिए भारतीय ग्रीन बिल्डिंग काउंसिल (आईजीबीसी) ‘ग्रीनको गोल्ड’ प्रमाणन प्राप्त किया है। गोदरेज निर्माण और भवन तोड़ने से निकले कचरे को शानदार भवन और निर्माण सामग्री में बदलकर, रियल एस्टेट और निर्माण उद्योग में सर्कुलर अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ने के प्रयास का नेतृत्व कर रही है।

यह परियोजना वहनीय निर्माण सामग्री के लिहाज़ से अग्रणी, गोदरेज के नेतृत्व को प्रदर्शित करती है, जो बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए विश्वसनीय भागीदार है। रियल एस्टेट और निर्माण क्षेत्र पर पर्यावरण पर होने वाले दुष्प्रभाव को कम करने का दबाव है, ऐसे में गोदरेज नवोन्मेष, प्रदर्शन और पर्यावरणीय ज़िम्मेदारी को संतुलित करने के लिहाज़ से नए मानक स्थापित कर रहा है। इससे साबित होता है कि इस तरह के पर्यावरण के प्रति जागरूक विकल्प हम सभी को भारत के बुनियादी ढांचे के विकास को सही दिशा में आगे बढ़ाने में मदद कर सकते हैं।

 

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