
एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी (इंडिया) लिमिटेड अपने 10 रुपये अंकित मूल्य वाले इक्विटी शेयरों का प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) बुधवार, 9 सितंबर 2026 को खोलने का प्रस्ताव लेकर आई है। एंकर निवेशकों के लिए बोली की तारीख आईपीओ खुलने से एक कार्य दिवस पहले यानी मंगलवार, 8 सितंबर 2026 होगी। आईपीओ शुक्रवार, 11 सितंबर 2026 को बंद होगा।
आईपीओ के लिए प्राइस बैंड 132 रुपये से 139 रुपये प्रति इक्विटी शेयर तय किया गया है। निवेशक न्यूनतम 107 इक्विटी शेयरों के लिए बोली लगा सकेंगे और इसके बाद 107 शेयरों के गुणक में बोली लगाई जा सकेगी। यह आईपीओ पूरी तरह ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) है। इसके तहत कंपनी के कुछ मौजूदा शेयरधारकों द्वारा अधिकतम 5,27,31,946 इक्विटी शेयर बिक्री के लिए पेश किए जाएंगे। इनमें एवेन्यू इंडिया रिसर्जेंस पीटीई. लिमिटेड द्वारा अधिकतम 2,48,23,910 शेयर और भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) द्वारा अधिकतम 1,09,63,062 शेयर शामिल हैं। दोनों को मिलाकर इन्हें प्रमोटर सेलिंग शेयरहोल्डर्स कहा गया है। इसके अलावा लैथे इन्वेस्टमेंट पीटीई. लिमिटेड द्वारा अधिकतम 1,62,44,858 इक्विटी शेयर और द फेडरल बैंक लिमिटेड द्वारा अधिकतम 7,00,116 इक्विटी शेयर बिक्री के लिए पेश किए जाएंगे। इन्हें क्रमशः इन्वेस्टर सेलिंग शेयरहोल्डर और अन्य सेलिंग शेयरहोल्डर कहा गया है। इन सभी को सामूहिक रूप से सेलिंग शेयरहोल्डर्स कहा गया है।
यह आईपीओ सिक्योरिटीज कॉन्ट्रैक्ट्स (रेगुलेशन) रूल्स, 1957 के नियम 19(2)(बी) और सेबी आईसीडीआर रेगुलेशंस के रेगुलेशन 31 के तहत पेश किया जा रहा है। यह निर्गम सेबी आईसीडीआर रेगुलेशंस के रेगुलेशन 6(1) के अनुसार बुक बिल्डिंग प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा। आईपीओ में 50 प्रतिशत से अधिक हिस्सा योग्य संस्थागत खरीदारों (क्यूआईबी) के लिए आनुपातिक आधार पर आवंटन हेतु उपलब्ध नहीं होगा। कंपनी, बुक रनिंग लीड मैनेजर्स (बीआरएलएम) के साथ परामर्श के बाद, सेबी आईसीडीआर नियमों के अनुसार क्यूआईबी हिस्से के अधिकतम 60 प्रतिशत तक हिस्से को एंकर निवेशकों को विवेकाधीन आधार पर आवंटित कर सकती है।
एंकर निवेशक हिस्से में से अधिकतम 40 प्रतिशत हिस्सा निर्धारित तरीके से आरक्षित रहेगा। इसमें 33.33 प्रतिशत हिस्सा घरेलू म्यूचुअल फंडों के लिए और 6.67 प्रतिशत तक हिस्सा जीवन बीमा कंपनियों तथा पेंशन फंडों के लिए आरक्षित होगा। यह आवंटन संबंधित निवेशकों से निर्धारित शर्तों के अनुरूप वैध बोलियां प्राप्त होने पर किया जाएगा। यदि जीवन बीमा कंपनियों और पेंशन फंडों के लिए आरक्षित हिस्से में अभिदान कम रहता है, तो उपलब्ध शेष शेयर घरेलू म्यूचुअल फंडों को आवंटित किए जा सकते हैं। वहीं, एंकर निवेशक हिस्से में कम अभिदान या आवंटन न होने की स्थिति में बचे हुए शेयरों को एंकर निवेशक हिस्से को छोड़कर शेष क्यूआईबी हिस्से में जोड़ दिया जाएगा।
शेष क्यूआईबी हिस्से का 5 प्रतिशत हिस्सा केवल म्यूचुअल फंडों को आनुपातिक आधार पर आवंटन के लिए उपलब्ध होगा। बाकी हिस्सा एंकर निवेशकों को छोड़कर सभी क्यूआईबी बोलीदाताओं, जिनमें म्यूचुअल फंड भी शामिल हैं, के लिए आनुपातिक आधार पर उपलब्ध होगा। इसके लिए वैध बोलियां ऑफर मूल्य या उससे अधिक पर प्राप्त होना आवश्यक होगा। यदि म्यूचुअल फंडों की कुल मांग शेष क्यूआईबी हिस्से के 5 प्रतिशत से कम रहती है, तो म्यूचुअल फंड हिस्से में आवंटन के लिए उपलब्ध बचे हुए शेयरों को शेष क्यूआईबी हिस्से में जोड़ दिया जाएगा और सभी क्यूआईबी को आनुपातिक आधार पर आवंटित किया जाएगा।
आईपीओ का कम से कम 15 प्रतिशत हिस्सा गैर-संस्थागत निवेशकों (एनआईआई) के लिए आनुपातिक आधार पर उपलब्ध होगा। इसमें एक-तिहाई हिस्सा 20 लाख रुपये से अधिक और 1 करोड़ रुपये तक के आवेदन आकार वाले निवेशकों के लिए तथा दो-तिहाई हिस्सा 1 करोड़ रुपये से अधिक के आवेदन आकार वाले निवेशकों के लिए आरक्षित होगा। किसी उप-श्रेणी में अभिदान कम रहने पर उसका शेष हिस्सा एनआईआई की दूसरी उप-श्रेणी के आवेदकों को आवंटित किया जा सकता है। इसके अलावा आईपीओ का कम से कम 35 प्रतिशत हिस्सा खुदरा व्यक्तिगत निवेशकों (आरआईआई) के लिए सेबी आईसीडीआर नियमों के अनुसार उपलब्ध होगा। यह आवंटन ऑफर मूल्य या उससे अधिक पर वैध बोलियां प्राप्त होने के अधीन होगा। एंकर निवेशकों को छोड़कर सभी संभावित बोलीदाताओं के लिए एप्लीकेशन सपोर्टेड बाय ब्लॉक्ड अमाउंट (एएसबीए) प्रक्रिया के माध्यम से आवेदन करना अनिवार्य होगा। आवेदकों को अपने संबंधित एएसबीए खाते का विवरण देना होगा। वहीं, यूपीआई बोलीदाताओं को, जहां लागू हो, अपना यूपीआई आईडी भी उपलब्ध कराना होगा। संबंधित बोली राशि को सेल्फ सर्टिफाइड सिंडिकेट बैंकों (एससीएसबी) या लागू होने की स्थिति में यूपीआई व्यवस्था के तहत स्पॉन्सर बैंक द्वारा ब्लॉक किया जाएगा। एंकर निवेशकों को एएसबीए प्रक्रिया के माध्यम से आईपीओ में भाग लेने की अनुमति नहीं होगी। कंपनी के इक्विटी शेयरों को बीएसई लिमिटेड (बीएसई) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड (एनएसई) पर सूचीबद्ध किए जाने का प्रस्ताव है। इस आईपीओ के लिए एनएसई को डेजिग्नेटेड स्टॉक एक्सचेंज बनाया गया है।
आईआईएफएल कैपिटल सर्विसेज लिमिटेड (पूर्व में आईआईएफएल सिक्योरिटीज लिमिटेड), आईडीबीआई कैपिटल मार्केट्स एंड सिक्योरिटीज लिमिटेड और जेएम फाइनेंशियल लिमिटेड इस आईपीओ के बुक रनिंग लीड मैनेजर (बीआरएलएम) हैं।



