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वेतन वृद्धि व अन्य मांगों को लेकर धरने पर बैठे होम्योपैथिक विश्वविद्यालय के कर्मचारी

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जयपुर, दिव्यराष्ट्र/ डॉ एम.पी.के.होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज व अस्पताल (होम्योपैथिक विश्वविद्यालय) कर्मचारी यूनियन (सीटू) के बैनर तले होम्योपैथिक विश्वविद्यालय सायपुरा सांगानेर जयपुर के अशैक्षणिक कर्मचारी की ओर से वेतन वृद्धि सहित अन्य मांगों को लेकर काफी समय से धरने पर बैठे है। इतनी भरी गर्मी और हीट वेव होने के पर भी अभी तक होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज व अस्पताल प्रशासन ने कोई सुध नहीं ली है।लगता है प्रशासन की मानवीय संवेदना खत्म हो चुकी है। इसके चलते कर्मचारियों में काफी रोष व्याप्त है। अभी तक विश्वविद्यालय प्रशासन ने कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया जिसके कारणवश सभी अशैक्षणिक कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर चल रहे हैं।

कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष दीपक भार्गव ने बताया कि होम्योपैथिक विश्वविद्यालय सायपुरा सांगानेर ने कई वर्षों से कर्मचारियों को महंगाई भत्ता नहीं मिला है। साथ ही वार्षिक वेतन वृद्धि भी नियमित रूप से नहीं की जा रही है। जिस कारण से कर्मचारी मानसिक रूप से परेशानी चल रहे है। इसके के चलते होम्योपैथिक विश्वविद्यालय के पदाधिकारियों से बात की गई तो उन्हे आश्वस्त किया गया कि इस इस विषय पर विचार कर सकारात्मक कार्रवाई की जाएगी। लेकिन एक वर्ष निकल जाने के बाद भी होम्योपैथिक विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कई ध्यान नहीं दिया गया। जिसके चलते 18 मई 2024 से अब तक लगातार विश्वविधायल के बाहर कड़ी धूप में शांतिपूर्ण धरना दिया जा रहा है।

कर्मचारी यूनियन के महामंत्री अनुराग भार्गव ने बताया कि उनकी प्रमुख मांगों में से एक मांग यह है कि बकाया दो की वार्षिक वेतन वृद्धि के साथ ही वर्तमान वार्षिक वेतन वृद्धि को एक अप्रैल 2024 से लागू किया जाए। इसके साथ ही कर्मचारियों को प्रतिवर्ष महंगाई भत्ता दिया जाए और पिछले पांच वर्षो से अधिक समय से कार्य कर रहे अस्थाई कर्मचारियों को स्थाई नियुक्ति दिए जाने का प्रावधान किया जाए। यूनियन ने विश्वविद्यालय प्रशासन को पन्द्रह दिवस की समय सीमा दी थी लेकिन प्रशासन की तरफ से कोई सकारात्मक कार्यवाही नहीं की गई जिसके चलते कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर चले गई एवं प्रतिदिन इस भीषण गर्मी में विश्वविद्यालय परिसर के बाहर शांतिपूर्वक बैठे है। मगर प्रशासन की संवेदनशीलता लगता है समाप्त हो गई है जिसके चलते वे कर्मचारियों से बात भी नहीं करना चाहता।

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