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विश्व तंबाकू निषेध दिवस: सही समय पर उपचार आवश्यक, तंबाकू से बनाएं दूरी

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जयपुर, दिव्यराष्ट्र/ तंबाकू के बढ़ते प्रचलन के कारण लोगों में कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। तंबाकू सेवन से होने वाले कैंसर के कारण हर साल बहुत से लोग अपनी जान गंवा देते हैं। ऐसे में तंबाकू के सेवन से होने वाली कैंसर जैसी बीमारियों के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से हर साल 31 मई को विश्व तंबाकू निषेध दिवस मनाया जाता है। नारायणा हॉस्पिटल, जयपुर के ऑन्कोलॉजी विभाग के विशेषज्ञों से समझते हैं कि तंबाकू से होने वाले कैंसर कैसे आपके जीवन को प्रभावित कर सकता है –

तंबाकू सेवन से होने वाले कैंसर के जोखिम—

नारायणा हॉस्पिटल जयपुर के कंसल्टेंट मेडिकल ऑन्कोलॉजी डॉ. रोहित स्वामी ने बताया की बढ़ते तंबाकू के चलन के कारण फेफड़े, मुंह से लेकर गले, अग्न्याशय और मूत्राशय कैंसर से होने की संभावना बनी रहती है। ऐसे में तंबाकू से दूरी बनाना अत्यंत आवश्यक है, यदि लोगों को तंबाकू छोड़ने के प्रति जागरूक किया जाए तो इसे काफी हद तक कम किया जा सकता है। इसके लिए सही समय पर डॉक्टर से संपर्क करना और जीवन शैली में बदलाव जरुरी है। डॉक्टर्स, निकोटीन पैच दवाएं या अन्य थेरेपी के माध्यम से मरीज को ठीक करने का प्रयत्न करते हैं। इसके अलावा घर या फिर सार्वजनिक स्थलों को धूम्रपान-मुक्त वातावरण बनाने का प्रयास, काफी लोगों को राहत देने का काम करेगा।

तंबाकू से बनाएं दूरी, कराएं सही समय पर इलाज—

नारायणा हॉस्पिटल जयपुर की रेडिएशन डिपार्टमेंट की डायरेक्टर डॉ. निधि पाटनी ने बताया की विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के मुताबिक भारत में हर साल 10 लाख से अधिक मौतें तंबाकू सेवन के कारण होती हैं। हर साल, भारत में कैंसर के लगभग 1.3 मिलियन नए मामले सामने आते हैं और इनमें से लगभग 350,000 मामले तंबाकू के उपयोग के कारण होते हैं। लगभग 40% कैंसर तम्बाकू सेवन से होते हैं। जिससे मुँह एवं का कैंसर, फेफड़े का कैंसर और भोजन नली का कैंसर होते हैं। यदि समय रहते इलाज कराया जाए तो कैंसर को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।कैंसर उपचार की एक तकनीक रेडिएशन थेरैपी है। आधुनिक रेडिएशन थेरैपी के माध्यम से कैंसर के इलाज में काफी सफलता मिलती है। इसमें केंद्रित रेडिएशन किरणों की शक्ति का उपयोग करके स्वस्थ टिश्यू को बचाते हुए उपचार किया जाता है। कैंसर कोशिकाओं को प्रभावी ढंग से टारगेट और नष्ट करते हैं। उपचार प्रक्रिया में विज्ञान और तकनीक शामिल है जिसमें सावधानीपूर्वक योजना के साथ अत्याधुनिक उपकरणों का प्रयोग किया जाता है। इसमें हर एक स्टेप में, साइड इफेक्ट को कम करते हुए अच्छे इलाज के लिए सावधानीपूर्वक कदम उठाए जाते हैं। इंटेंसिटी-मॉड्यूलेटेड रेडिएशन थेरेपी (आईएमआरटी) और इमेज-गाइडेड रेडिएशन थेरेपी (आईजीआरटी) जैसी उन्नत तकनीकें इलाज में सटीकता की और बढ़ाती हैं, जिससे हमारे रोगियों के लिए बेहतर परिणाम सुनिश्चित होते हैं।

तंबाकू से कैंसर में सर्जरी के माध्यम से भी इलाज कारगर—

नारायणा हॉस्पिटल जयपुर के कंसल्टेंट हेड एंड नेक कैंसर डॉ. दीपांशु गुरनानी ने बतायातंबाकू के कारण मुंह के कैंसर होने की संभावना सबसे ज्यादा होती है। इसके कुछ लक्षण होते हैं जैसे-मुंह में छाले, आवाज में बदलाव और खाने में परेशानी होना, ऐसे में आपको जरा भी लापरवाही नहीं करनी चाहिए। आपको जैसे ही इसके लक्षण दिखाई दें तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। इसका सबसे सफल उपचार सर्जरी है, यदि आप सही समय पर डॉक्टर के पास पहुंचते हैं तो बीमारी शुरुआत की स्टेज में पकड़ कर उसका इलाज कर सकते है । इसके अलावा आपको सर्जरी के बाद भी डॉक्टर से संपर्क करते रहना चाहिए ताकि मरीज़ की बीमारी यदि वापस आये तो सही समय पर उसका निवारण किया जा सके । कैंसर सर्जरी में आजकल नयी तकनीक से बिना बड़े निशान और बिना चेहरे की बनावट बदले मरीज़ को लगभग सामान्य जीवन दिया जा सकता है ।

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