पुणे, दिव्यराष्ट्र:/ विजयभूमि विश्वविद्यालय और नेट्टूर टेक्निकल ट्रेनिंग फाउंडेशन ने भारत के विनिर्माण क्षेत्र के कर्मचारियों और प्रशिक्षुओं के लिए कौशल प्रशिक्षण से उच्च शिक्षा तक पहुंच का नया रास्ता तैयार किया है। टाटा मोटर्स के पिंपरी-चिंचवड़ संयंत्र में आयोजित संयुक्त दीक्षांत समारोह में कर्मचारियों और प्रशिक्षुओं को मेक्ट्रॉनिक्स में टेक्निकल डिप्लोमा प्रदान किया गया।
यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की उस परिकल्पना को साकार करती है, जिसमें व्यावसायिक कौशल और विश्वविद्यालय शिक्षा को एकीकृत करने पर बल दिया गया है। इस साझेदारी के तहत एनटीटीएफ का मेक्ट्रॉनिक्स कार्यक्रम सफलतापूर्वक पूरा करने वाले शिक्षार्थियों को राष्ट्रीय उच्च शिक्षा योग्यता ढांचे के अनुरूप विश्वविद्यालय मान्यता प्राप्त टेक्निकल डिप्लोमा मिलेगा। इसके बाद वे नौकरी जारी रखते हुए एडवांस्ड टेक्निकल डिप्लोमा और बी.टेक. (मेक्ट्रॉनिक्स) तक की पढ़ाई भी कर सकेंगे।
विजयभूमि विश्वविद्यालय के अध्यक्ष संजय पडोदे ने कहा कि विश्वविद्यालय का दायित्व है कि वह कार्यस्थल पर अर्जित वास्तविक ज्ञान और कौशल को भी औपचारिक उच्च शिक्षा से जोड़े, ताकि कर्मचारी अपने करियर को बाधित किए बिना शैक्षणिक प्रगति कर सकें।
एनटीटीएफ के प्रबंध निदेशक रवि तेनेटी ने कहा कि यह साझेदारी शिक्षार्थियों को उद्योग में योगदान देते हुए आजीवन सीखने और उच्च शिक्षा प्राप्त करने का अवसर प्रदान करेगी।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रविकेश श्रीवास्तव ने कहा कि यह मॉडल उद्योग, कौशल और उच्च शिक्षा के प्रभावी एकीकरण का व्यावहारिक उदाहरण है। वहीं, टाटा मोटर्स के मुख्य मानव संसाधन अधिकारी सीताराम कांडी ने कहा कि कर्मचारियों को कार्यस्थल पर रहते हुए राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त डिग्री दिलाने की यह पहल भविष्य के लिए सक्षम और प्रतिस्पर्धी विनिर्माण कार्यबल तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।


