12 श्रेणियों के तहत 117 उत्कृष्ट महिलाओं को सम्मानित किया
मुंबई, दिव्यराष्ट्र:/ केनडियर बाय कल्याण ज्वेलर्स और हुरुन इंडिया ने आज 2026 कैंडेरे हुरुन इंडिया वुमन लीडर्स लिस्ट का अनावरण किया, जिसमें 12 श्रेणियों के तहत 117 उत्कृष्ट महिलाओं को सम्मानित किया गया है।यह सूची नेतृत्व, नवाचार और सामाजिक प्रभाव में उत्कृष्टता के माध्यम से भारत के भविष्य को आकार देने वाली महिलाओं को सामने लाने के एक बड़े प्रयास का हिस्सा है।
2026 केनडियर हुरुन इंडिया वुमन लीडर्स लिस्ट 12 श्रेणियों में 117 असाधारण भारतीय महिलाओं का एक निष्पक्ष और डेटा-आधारित प्रदर्शन है। यह सूची पांच मुख्य स्तंभों पर आधारित है: वेल्थ क्रिएशन (संपत्ति निर्माण), वैल्यू क्रिएशन (मूल्य निर्माण), इम्पैक्ट (प्रभाव), संस्कृति, और स्टार्टअप्स। आयु और मूल्यांकन से जुड़े सभी आंकड़ों की गणना 15 जून 2026 की कट-ऑफ तारीख के आधार पर की गई है।
भारत के सबसे प्रसिद्ध नाम एक ही सूची में शामिल हैं : किरण मजूमदार-शॉ, रोशनी नादर मल्होत्रा, फाल्गुनी नायर, निसाबा गोदरेज, सुधा मूर्ति, अनीता डोंगरे और मसाबा गुप्ता के साथ पी.वी. सिंधु, साइना नेहवाल, मैरी कॉम, मनु भाकर और मीराबाई चानू।
भारत में जन-संवाद और विचारों को प्रभावित करने वाली महिलाएं भी इसमें शामिल हैं : फे डिसूजा, बरखा दत्त, पालकी शर्मा उपाध्याय, ट्विंकल खन्ना, नमिता थापर, कुशा कपिला और अनन्या बिरला।
संजय रघुरामन, प्रबंध निदेशक, केनडियर ने कहा,”जो हमने पिछले साल ‘केनडियर-हुरुन इंडिया वूमन लीडर्स लिस्ट’ लॉन्च करने के लिए हुरुन इंडिया से सहयोग किया था, तो हमारा मकसद एक ऐसा सालाना सम्मान मंच बनाना था जो उन महिलाओं का सम्मान करें जिनका नेतृत्व, सफलता और प्रभाव भारत को एक बेहतर रूप दे रहा है। हमें इसका दूसरा संस्करण पेश करते हुए बेहद खुशी हो रही है। इस साल भी हमने लीडर्स के एक ऐसे शानदार समूह को सम्मानित किया है उनकी उपलब्धियां अलग-अलग क्षेत्रों में नए पैमाने तय कर रही हैं। हुरुन इंडिया के साथ मिलकर हमें उम्मीद है कि यह सम्मान आगे और भी बड़ा रूप लेगा: असरदार कहानियों को सामने लाएगा और ऐसी असाधारण महिलाओं को सम्मानित करेगा जो आज के भारत को नया आकार दे रही हैं, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का एक रिकॉर्ड बन सके।”
अनस रहमान जुनैद, संस्थापक और मुख्य शोधकर्ता, हुरुन इंडिया का कहना है,”इस साल की लिस्ट की सबसे बड़ी खासियत सिर्फ इसका दायरा बड़ा होना नहीं है, बल्कि इसकी पहुंच है। 12 अलग-अलग श्रेणियों की इन 117 सम्मानित महिलाओं में 19 साल की पैरा-तीरंदाज शीतल देवी से लेकर 86 साल की उद्यमी रजनी बेक्टर तक, सात दशकों की उपलब्धियां शामिल हैं। यह सूची सिर्फ बड़ी कंपनियों के दफ्तरों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें ओलंपिक और पैरालंपिक पदक विजेता, लेखक, स्वतंत्र पत्रकार और समाज में बदलाव लाने वाली महिलाएं भी शामिल हैं। इनमें से 98 महिलाएं खुद के दम पर पहचान बनाने वाली हैं, जो विरासत में पद पाने वाली महिलाओं से 5 गुना से भी ज़्यादा हैं। यह आंकड़ा दिखाता है कि आज के भारत में नेतृत्व हासिल किया जाता है, न कि यह किसी से मिलता है।”
यही फैलाव इस सूची का असली मकसद है। बहुत लंबे समय से महिलाओं की सफलता को बहुत सीमित नज़रिए से आंका गया, जैसे कंपनी का मूल्यांकन, पारिवारिक विरासत, या कुछ जाने-माने शहर। इस साल हमने जानबूझकर अपना दायरा बढ़ाया है, क्योंकि आज के भारत में प्रभाव जितना किसी कंपनी के मुख्यालय में बनता है, उतना ही शूटिंग रेंज या किसी न्यूज़रूम में भी बन सकता है। जब तीन पदक जीतने वाली पैरा-शूटर और 5 लाख करोड़ रुपये से ज़्यादा की कंपनी चलाने वाली चीफ एग्जीक्यूटिव एक ही लिस्ट में शामिल होती हैं, तो हम महिलाओं से किसी एक ढर्रे में ढलने को नहीं कहते, बल्कि हम नेतृत्व के हर असली रूप को पहचान दे रहे होते हैं।