पप्पू यादव द्वारा भगवा वस्त्र धारण कर साधु-संतों का रूप धारण करना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है।
जयपुर, दिव्यराष्ट्र/महामंडलेश्वर आचार्य नर्मदा शंकर ने अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट चढ़ावा चोरी मामले में साधु संतों पर की जा रही टिप्पणी पर नाराजगी प्रकट की है। आचार्य नर्मदा शंकर ने कहा है भगवा कोई राजनीतिक वेशभूषा नहीं है। यह त्याग, तपस्या, वैराग्य, सेवा और सनातन धर्म की महान परंपरा का प्रतीक है। भगवा धारण करके उसका उपहास करना अथवा किसी विवाद को साधु-संतों और सनातन परंपरा से जोड़ना करोड़ों सनातनियों की आस्था का अपमान है।
उन्होंने कहा राजनीतिक विरोध के लिए अनेक लोकतांत्रिक तरीके हैं, लेकिन सनातन धर्म के पवित्र प्रतीकों को राजनीति का साधन बनाना किसी भी दृष्टि से उचित नहीं है। आचार्य नर्मदा शंकर ने कहा है कि इस कृत्य की घोर निंदा होनी चाहिए और पप्पू यादव को सनातन धर्म एवं साधु-संत समाज की भावनाओं के प्रति सार्वजनिक रूप से क्षमा माँगनी चाहिए।