
दिव्यराष्ट्र, मुंबई: बजाज समूह के संस्थापक एवं परिवार के आदर्श पुरुष श्री जमनालाल बजाज की 137वीं जयंती के अवसर पर बजाज परिवार ने एक विशेष श्रद्धांजलि फिल्म जारी की है। श्री शिशिर बजाज के नेतृत्व में परिवार की तीसरी, चौथी और पांचवीं पीढ़ी द्वारा प्रस्तुत यह फिल्म श्री जमनालाल बजाज के असाधारण जीवन, उनके आदर्शों तथा भारत के स्वतंत्रता संग्राम, औद्योगिक विकास और सामाजिक परिवर्तन में उनके अतुलनीय योगदान को स्मरण करती है। यह फिल्म बजाज समूह के आधिकारिक YouTube चैनल पर उपलब्ध है।
फिल्म में परिवार की विभिन्न पीढ़ियों के प्रतिनिधि श्री शिशिर बजाज, श्री कुशाग्र नयन बजाज, श्री अपूर्व बजाज और सुश्री आनंदमयी बजाज अपने पूर्वज के जीवन और विचारों को स्मरण करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। फिल्म में श्री जमनालाल बजाज की स्वतंत्रता सेनानी, अग्रणी उद्योगपति, समाज सुधारक और परोपकारी व्यक्तित्व के रूप में उनकी प्रेरणादायी यात्रा को दर्शाया गया है।
महात्मा गांधी के अत्यंत करीबी सहयोगी रहे श्री जमनालाल बजाज को गांधीजी स्नेहपूर्वक अपना ‘पांचवां पुत्र’ मानते थे। स्वदेशी, खादी, सामाजिक समानता और आर्थिक आत्मनिर्भरता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता उनके जीवन का आधार रही। फिल्म में गांधीजी और अन्य प्रमुख राष्ट्रीय नेताओं के साथ उनके संबंधों तथा वर्धा स्थित ऐतिहासिक बजाजवाड़ी की भूमिका को भी दर्शाया गया है, जो स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान राष्ट्रीय नेतृत्व के विचार-विमर्श और मुलाकातों का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनी।
श्री जमनालाल बजाज का दृढ़ विश्वास था कि राजनीतिक स्वतंत्रता के साथ आर्थिक आत्मनिर्भरता भी आवश्यक है। इसी सोच के अनुरूप उन्होंने 1931 में उत्तर प्रदेश के गोलागोकर्णनाथ में हिंदुस्तान शुगर मिल्स की स्थापना की, जिसका उद्देश्य देश में चीनी के घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देना और विदेशी आयात पर निर्भरता कम करना था। यही उद्यम आगे चलकर बजाज हिंदुस्तान शुगर लिमिटेड के रूप में विकसित हुआ। परिवार की उद्यमशील यात्रा का विस्तार 1930 में हैदराबाद में स्थापित डेक्कन आयुर्वेदिक फार्मेसी के माध्यम से उपभोक्ता उत्पादों के क्षेत्र में भी हुआ, जो आगे चलकर बजाज कंज्यूमर केयर बना।
इसी राष्ट्रनिर्माण की विरासत को आगे बढ़ाते हुए समूह ने 2011 में बजाज एनर्जी के माध्यम से विद्युत उत्पादन के क्षेत्र में भी कदम रखा। आज श्री कुशाग्र नयन बजाज के नेतृत्व में समूह परमाणु ऊर्जा सहित भविष्य के ऊर्जा क्षेत्रों में संभावनाएं तलाश रहा है। यह भारत की बदलती ऊर्जा आवश्यकताओं और बुनियादी ढांचे के विकास में योगदान देने की उसकी निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है।




