
जयपुर, दिव्यराष्ट्र:/ राजस्थान सरकार के ढाई वर्ष पूरे होने के मौके पर प्रदेश की राजनीति में जहां सरकार के कामकाज और आगामी राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज हैं, वहीं पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के राजनीतिक पुनर्वास को लेकर भी अलग-अलग राजनीतिक आकलन सामने आते रहे हैं। इसी बीच भीलवाड़ा जिले की ज्योतिष नगरी कारोई के चर्चित ज्योतिषी पंडित अशोक व्यास की पूर्व में की गई राजनीतिक भविष्यवाणियां एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई हैं।
पंडित अशोक व्यास लंबे समय से राजनीतिक घटनाक्रम और चुनावी परिस्थितियों को ज्योतिषीय दृष्टिकोण से देखने तथा चुनावी अनुष्ठानों के लिए चर्चा में रहे हैं। उनके समर्थकों और अनुयायियों के अनुसार, उन्होंने कई अवसरों पर राजनीतिक घटनाक्रम को लेकर पूर्वानुमान व्यक्त किए हैं।
उपलब्ध पुराने संदर्भों के अनुसार, जून 2008 में पंडित अशोक व्यास ने तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के लिए चंद्रास्वामी के साथ शत्रु संहारक अनुष्ठान किए जाने का उल्लेख किया था। उस समय उन्होंने राजे की कुंडली में शनि की स्थिति को राजनीतिक विरोध और चुनौतियों के बीच संघर्ष के बावजूद आगे बढ़ने में सहायक बताया था। बाद में उन्होंने राहु की महादशा के प्रभाव को लेकर भी राजनीतिक और संगठनात्मक स्तर पर महत्वपूर्ण बदलाव की संभावना जताई थी।
इसी क्रम में दिसंबर 2017 के गुजरात विधानसभा चुनाव को लेकर भी पंडित व्यास की भविष्यवाणी का उल्लेख सामने आता है। उनके बारे में दावा किया गया कि उन्होंने चुनाव से पहले भाजपा के दो अंकों में सिमटने का पूर्वानुमान व्यक्त किया था। गुजरात विधानसभा चुनाव परिणाम में भाजपा को 99 सीटें मिलीं, जिसके बाद इस भविष्यवाणी को लेकर भी उनके समर्थकों के बीच चर्चा हुई।
अब राजस्थान की राजनीति में वसुंधरा राजे की भूमिका और भविष्य को लेकर चल रही अटकलों के बीच उनकी पुरानी भविष्यवाणियों का संदर्भ फिर सामने आना राजनीतिक और ज्योतिषीय दोनों दृष्टियों से चर्चा का विषय बन गया है। हालांकि राजनीतिक भविष्यवाणियों को लेकर अंतिम निष्कर्ष पाठकों की अपनी समझ और आकलन पर निर्भर करता है।
पंडित अशोक व्यास समय-समय पर विभिन्न राजनीतिक घटनाक्रमों, चुनावी भविष्यवाणियों और अनुष्ठानों को लेकर सुर्खियों में रहे हैं। ऐसे में राजस्थान की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों के बीच उनकी पुरानी भविष्यवाणियों का जिक्र एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर रहा है कि आने वाले समय में प्रदेश भाजपा की राजनीति में वसुंधरा राजे की भूमिका किस रूप में सामने आएगी।






