
लोगों को प्राथमिकता देने वाली संस्कृति को मिला मजबूती का प्रमाण
नई दिल्ली, दिव्यराष्ट्र:/ भारत की अग्रणी इंटीग्रेटेड मेटल उत्पादक कंपनियों में से एक, श्याम मेटालिक एंड एनर्जी लि.को फरवरी 2026 से फरवरी 2027 की अवधि के लिए आधिकारिक रूप से ग्रेट प्लेस टू वर्क® के रूप में प्रमाणित किया गया है। यह मान्यता ग्रेट प्लेस टू वर्क इंडिया द्वारा किए गए कठोर मूल्यांकन के बाद दी गई, जो कर्मचारियों की विस्तृत प्रतिक्रिया और कार्यस्थल की नीतियों के समग्र आकलन पर आधारित है।
यह सर्टिफिकेशन श्याम मेटालिक्स के उस निरंतर प्रयास को रेखांकित करता है जिसके तहत कंपनी ने विश्वास, पारदर्शिता, सुरक्षा और विकास पर आधारित कार्यसंस्कृति बनाने पर ध्यान दिया है। ऐसे उद्योग में जहाँ परंपरागत रूप से पैमाना, उत्पादन लक्ष्य और संचालन की तीव्रता प्रमुख होते हैं, कंपनी ने एक ऐसा वातावरण बनाने में निवेश किया है जहाँ कर्मचारी स्वयं को सम्मानित, सुना हुआ और सशक्त महसूस करते हैं।
ग्रेट प्लेस टू वर्क® का आकलन नेतृत्व की विश्वसनीयता, निष्पक्षता, सम्मान, कार्य पर गर्व और टीमों के बीच सहयोग जैसे प्रमुख मानकों पर किया जाता है। श्याम मेटालिक्स को मिला यह सर्टिफिकेशन कंपनी के नेतृत्व, समावेशी नीतियों, सुरक्षा मानकों और विकासात्मक पहलों पर कर्मचारियों के मजबूत विश्वास को दर्शाता है।
वर्षों से कंपनी ने अपने पीपल प्रैक्टिसेज़ को कई आयामों में मजबूत किया है — संरचित लर्निंग और लीडरशिप डेवलपमेंट प्रोग्राम्स से लेकर बेहतर कार्यस्थल सुरक्षा उपायों और ओपन कम्युनिकेशन प्लेटफॉर्म तक। कंपनी ने ऐसी संस्कृति विकसित करने पर भी ध्यान दिया है जो प्रदर्शन उत्कृष्टता को बढ़ावा देती है और साथ ही अपने मैन्युफैक्चरिंग लोकेशंस और कॉरपोरेट ऑफिसों में कर्मचारियों के बीच जुड़ाव की भावना को मजबूत करती है।
कंपनी की रणनीति पर बोलते हुए, श्याम मेटालिक्स एंड एनर्जी लिमिटेड के निदेशक शीतिज अग्रवाल ने कहा,
“यह सर्टिफिकेशन श्याम मेटालिक्स के सभी लोगों के लिए गर्व का क्षण है। एक संगठन के रूप में हमारी वृद्धि हमेशा हमारे लोगों की ताकत पर आधारित रही है। हमारे जैसे मैन्युफैक्चरिंग-आधारित व्यवसाय में प्लांट्स, ऑपरेशंस और ऑफिसों में काम करने वाली हमारी टीम ही हर दिन उत्कृष्टता को आगे बढ़ाती है। ग्रेट प्लेस टू वर्क® के रूप में मान्यता मिलना इस बात की पुष्टि है कि हम विश्वास, जवाबदेही और साझा सफलता पर आधारित संस्कृति बनाने की सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “जैसे-जैसे हम अपनी क्षमता का विस्तार कर रहे हैं और बाजार में अपनी उपस्थिति मजबूत कर रहे हैं, हम यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं कि हमारे कर्मचारी भी हमारे साथ आगे बढ़ें। एक मजबूत कार्यसंस्कृति कोई मंजिल नहीं बल्कि एक सतत यात्रा है, और हम कर्मचारी कल्याण, पेशेवर विकास और दीर्घकालिक जुड़ाव को समर्थन देने वाली पहलों में निवेश जारी रखेंगे।”
यह मान्यता ऐसे समय में मिली है जब भारतीय मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों का मूल्यांकन केवल वित्तीय प्रदर्शन के आधार पर नहीं बल्कि कार्यस्थल प्रथाओं, स्थिरता और पीपल मैनेजमेंट के आधार पर भी किया जा रहा है। इस सर्टिफिकेशन के साथ श्याम मेटालिक्स ने मेटल्स और एनर्जी सेक्टर में एक जिम्मेदार कॉरपोरेट और पसंदीदा नियोक्ता के रूप में अपनी स्थिति को और मजबूत किया है।
जैसे-जैसे कंपनी अपने संचालन का विस्तार कर रही है और भविष्य-तैयार मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं में निवेश कर रही है, वह ऐसी कार्यसंस्कृति को विकसित करने पर केंद्रित है जो संचालनात्मक अनुशासन के साथ सहानुभूति, सहयोग और नवाचार के बीच संतुलन बनाए रखे।






