
दिव्यराष्ट्र, मुंबई: महाराष्ट्र के राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (SCERT) ने कोटक एजुकेशन फाउंडेशन के साथ मिलकर 14 जुलाई, 2026 को मंत्रालय में ‘AI साथी फॉर एजुकेटर्स’ के लॉन्च की घोषणा की। महाराष्ट्र के माननीय शिक्षा मंत्री, श्री दादाजी भुसे ने AI साथी कोर्स का शुभारंभ किया। इस अवसर पर स्कूली शिक्षा एवं खेल विभाग के मुख्य सचिव श्री रंजीत सिंह देवल; शिक्षा आयुक्त श्री सचिंद्र प्रताप सिंह; SCERT के निदेशक डॉ. हेमंत वासेकर; महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद के अध्यक्ष श्री नंदकुमार बेडसे; माध्यमिक शिक्षा निदेशक श्री महेश पालकर; प्राथमिक शिक्षा निदेशक श्री शरद गोसावी; SCERT की उप-निदेशक सुश्री वर्षारानी भोपाले; सब-डिवीजन प्रमुख श्री राजेंद्र वाकड़े; IT विभाग के उप-विभागाध्यक्ष डॉ. संदीप मुले; तथा कोटक एजुकेशन फाउंडेशन की ओर से सुश्री अलका पगारे, श्री मिलिंद पांडे और श्री दीपक पाठक; इस पहल को आगे बढ़ाने वाली मुख्य प्रोजेक्ट डेवलपमेंट टीम के अहम सदस्यों में संयुक्त निदेशक डॉ. कमलादेवी अवटे; IT विभाग की उप-निदेशक सुश्री ज्योति शिंदे और IT विभाग के अधीक्षक श्री निवास कांबले ने अपनी उपस्थिति से इस कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। व्यवस्थित तरीके से व्यावसायिक कौशल विकसित करने के लिए पहली बार इस तरह का कार्यक्रम शुरू किया गया है, जिसका उद्देश्य शिक्षकों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बारे में बुनियादी जानकारी देना और शिक्षा के क्षेत्र में AI के सही तरीके से उपयोग को संभव बनाना है।
AI साथी पहला ऐसा वर्चुअल कोर्स है, जिसे महाराष्ट्र राज्य स्कूल शिक्षा विभाग की ऑनलाइन प्रशिक्षण नीति के तहत अनिवार्य प्रशिक्षण कार्यक्रम के रूप में चुना गया है। राज्य सरकार द्वारा शिक्षकों के लिए निर्धारित 20 घंटे के ज़रूरी ऑनलाइन प्रोफेशनल डेवलपमेंट फ्रेमवर्क के तहत, AI साथी कोर्स के लिए चार घंटे की सर्टिफाइड ट्रेनिंग तय की गई है।
महाराष्ट्र के लगभग 7.5 लाख शिक्षकों और अधिकारियों के लिए यह कोर्स अनिवार्य होगा, जिसमें पहली से लेकर 12वीं कक्षा तक के शिक्षक शामिल हैं। SCERT के अनुसार, मूल्यांकन के लिए भेजे गए 10 कोर्स में से ‘AI साथी’ को चुना गया। यह कोटक एजुकेशन फाउंडेशन के लिए एक बड़ी उपलब्धि है, क्योंकि इसके ज़रिये राज्य में शिक्षकों को AI की जानकारी देकर उनकी क्षमता बढ़ाने में फाउंडेशन के योगदान को सम्मानित किया गया है।
नेतृत्वकर्ताओं का नज़रिया
माननीय आयुक्त (शिक्षा), श्री सचिंद्र प्रताप सिंह (IAS) ने कहा, “AI साथी ऑनलाइन कोर्स राज्य के सभी शिक्षकों और शिक्षा विभाग के अधिकारियों के लिए तैयार किया गया है। मुझे पूरा भरोसा है कि, इस कोर्स के ज़रिए AI शिक्षकों के रोज़मर्रा के शैक्षणिक कामों में उनका सहयोगी बन जाएगा। राज्य सरकार ने इस ऑनलाइन कोर्स के ज़रिये AI को शिक्षा का हिस्सा बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है।”
इस अवसर पर माननीय निदेशक, डॉ. हेमंत वासेकर (IAS) ने कहा, “आजकल देखा जाए तो AI हमारी ज़िंदगी के हर पहलू में शामिल है और यह शिक्षकों के लिए सबसे भरोसेमंद साथी बन सकता है। मुझे पूरा यकीन है कि इस कोर्स के ज़रिये शिक्षक अपने काम को और भी ज्यादा कारगर और कुशल तरीके से पूरा कर पाएंगे।”
कोटक एजुकेशन फाउंडेशन के CEO, श्री गणेश राजा ने कहा, “शिक्षा के क्षेत्र में शिक्षकों की जगह हमेशा सबसे ऊपर रही है, और मुझे लगता है कि AI को एक ऐसे टूल के रूप में विकसित करना चाहिए जो शिक्षकों की जगह लेने के बजाय उनकी क्षमताओं को और बढ़ाए। AI साथी फॉर एजुकेटर्स के ज़रिये, हम AI को समझने, उसे अपनाने और ज़िम्मेदारी से उसका इस्तेमाल करने में पूरे महाराष्ट्र के शिक्षकों की मदद कर रहे हैं। यह पहल इसलिए भी खास है क्योंकि यह मराठी भाषा में उपलब्ध है और कक्षा में इसे उपयोग में लाने ज्यादा ज़ोर दिया गया है। हम आने वाले समय के लिए शिक्षकों का एक ऐसा इकोसिस्टम बना रहे हैं, जिसमें सब शामिल हों और जो उपयोगी होने के साथ-साथ कक्षा की ज़मीनी हकीकत से गहराई से जुड़ा हुआ हो।”
चर्चा को आगे बढ़ाते हुए, कोटक एजुकेशन फाउंडेशन की COO, सुश्री जयश्री रमेश ने कहा: “AI साथी इस बात की मिसाल है कि नए जमाने की टेक्नोलॉजी और ज़मीनी स्तर पर असर, ये दोनों एक-दूसरे के विरोधी नहीं हैं। महाराष्ट्र के शिक्षकों को पहली बार एक ऐसा साधन मिला है, जो उनसे उनकी अपनी मराठी भाषा में बातचीत करता है, और AI साक्षरता का ऐसा स्तर तैयार करता है जो अकेले किसी भी डिवाइस के बस की बात नहीं। जब शिक्षक पूरे आत्मविश्वास और नैतिक मूल्यों के साथ अगुवाई करते हैं, तो उस कक्षा के हर बच्चे को लाभ होता है। हम इसी बदलाव को आगे बढ़ाने के लिए काम कर रहे हैं।”
कोटक एजुकेशन फाउंडेशन ने साल 2023 से ही शिक्षकों के कौशल को बढ़ाने की अपनी पहलों में AI को शामिल करना शुरू किया, ताकि शिक्षकों को अपनी-अपनी कक्षाओं में नई तकनीकों का पूरे आत्मविश्वास के साथ, ज़िम्मेदारी से और सही तरीके से इस्तेमाल करने में मदद मिल सके। साल 2024–25 के दौरान, KEF की ओर से AI के असल जिंदगी में इस्तेमाल पर वेबिनार आयोजित किए, जिसमें पाठ की योजना बनाना, पठन सामग्री तैयार करना, कक्षाओं में छात्रों की भागीदारी बढ़ाना, मूल्यांकन करना और AI का नैतिक इस्तेमाल करना शामिल था। KEF की ओर से आयोजित राष्ट्रीय नवाचार शिखर सम्मेलन, INSPIRE 2025 के माध्यम से इन प्रयासों को और मज़बूती मिली, जहाँ शिक्षा में AI की भूमिका तथा पढ़ाने और सीखने की प्रक्रिया को बेहतर बनाने में इसके महत्व पर चर्चा की गई, और यह भी स्पष्ट किया गया कि टेक्नोलॉजी शिक्षकों की मदद करने के लिए है, उनकी जगह लेने के लिए नहीं। इस सिलसिले को जारी रखते हुए, SCERT महाराष्ट्र ने कोटक एजुकेशन फाउंडेशन के साथ मिलकर एक ऐसा AI कोर्स तैयार किया, जिसे बड़े पैमाने पर लागू किया जा सके और जो शिक्षकों की जरूरतों को पूरा करे।
शिक्षण का सुव्यवस्थित और चरणबद्ध तरीका
AI साथी कार्यक्रम धीरे-धीरे आगे बढ़ता है, तीन स्तरों में बांटा गया है – बुनियादी, माध्यमिक और उच्च स्तर, जिसे इस तरह बनाया गया है कि अलग-अलग स्तर की डिजिटल जानकारी रखने वाले सभी शिक्षक इसमें शामिल हो सकें।
- बुनियादी स्तर: इसमें AI के बुनियादी सिद्धांतों के साथ-साथ पाठ की तैयारी, मूल्यांकन, वीडियो बनाना और निर्देश देने के असरदार तरीके जैसे आसान उपयोगों को सिखाया जाता है।
- मध्यवर्ती स्तर: इसमें कक्षा में पढ़ाने के तरीकों और AI के बीच सही तालमेल पर विशेष ध्यान दिया जाता है, जिससे शिक्षक पूछताछ-आधारित शिक्षण, और प्रोजेक्ट-आधारित शिक्षण के साथ-साथ छात्रों को निजी तौर पर सिखाने और उनकी भागीदारी बढ़ाने के लिए AI का उपयोग कर सकें।
- उच्च स्तर: यह शिक्षकों को AI-आधारित शिक्षा के क्षेत्र में नेतृत्वकर्ता बनने और इसमें नयापन लाने के लिए तैयार करता है, ताकि वे स्कूलों में एआई की मदद से नई योजनाएं बना सकें और उन्हें सफलतापूर्वक चला सकें।
अलग-अलग चरणों वाली इस संरचना से यह सुनिश्चित होता है कि शिक्षक छात्रों को पढ़ाने के अलावा अन्य कार्यों में AI का इस्तेमाल करने के लिए धीरे-धीरे अपना आत्मविश्वास और कौशल बढ़ा सकें।
AI साथी पाठ्यक्रम को पूरी तरह से मराठी भाषा में तैयार किया गया है, ताकि इसे महाराष्ट्र का हर शिक्षक आसानी से समझ सके। अपनी गति से सीखने के लिए तैयार किया गया यह कार्यक्रम DIKSHA प्लेटफ़ॉर्म पर उपलब्ध है, और इसमें वीडियो तथा पठन सामग्रियों के साथ-साथ मूल्यांकन भी शामिल हैं। इस पहल का लक्ष्य राज्य के लगभग 6,00,000 शिक्षकों को जोड़ना है। जुलाई 2025 में इस परियोजना को SCERT से मंजूरी मिलने के बाद, सामग्री तैयार करने, उसकी समीक्षा और फिर उसे लागू करने तक का काम अलग-अलग चरणों में पूरा हुआ। इस परियोजना की प्रगति और इसके प्रभाव की निगरानी SCERT के डैशबोर्ड के माध्यम से की जाएगी, जिसमें नामांकन, भागीदारी और पाठ्यक्रम को पूरा करने से जुड़े आँकड़ों पर नज़र रखी जाएगी।
राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय फ्रेमवर्क के अनुरूप
यह पाठ्यक्रम NEP 2020 और UNESCO टीचर कॉम्पिटेंसी फ्रेमवर्क के अनुरूप है, जो AI के इस दौर में शिक्षकों के लिए ज़रूरी ज्ञान, कौशल और नैतिक सिद्धांतों के महत्व पर ज़ोर देता है। यह मुख्य रूप से तीन पहलुओं पर केंद्रित है:
- AI के मूल सिद्धांत और उनके उपयोग
- शिक्षण के तरीके में AI का प्रयोग
- AI के नैतिक पहलू, जिसमें गोपनीयता, निष्पक्षता और ज़िम्मेदारी से उपयोग शामिल हैं
कोटक एजुकेशन फाउंडेशन
कोटक एजुकेशन फाउंडेशन, कोटक महिंद्रा ग्रुप की शिक्षा से जुड़ी CSR पहलों को लागू करने वाली मुख्य एजेंसी है। इस समूह की कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) पहलों को समग्र रूप से कोटक कर्मा के तौर पर जाना जाता है।
आर्थिक रूप से कमज़ोर तबके के बच्चों और युवाओं को शिक्षित करने और उन्हें बुनियादी कौशल सिखाने के हमारे इस मिशन को उन्नीस साल पूरे हो गए हैं, जो उन्हें एक उज्ज्वल भविष्य की ओर ले जाने की हमारी कोशिशों का ये सफर बेहद संतोषजनक रहा है। ‘सीमित दायरे में व्यापक प्रभाव’ वाले हमारे दृष्टिकोण, और कम आय वाले परिवारों के लिए बेहतरीन शिक्षा पर आधारित हमारी अपनी परियोजनाओं ने पूरे भारत में हमारी योजनाओं को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई है। KEF के इस तरीके में मुख्य रूप से तीन पहलुओं पर ध्यान दिया गया है –
- a) स्कूल में बच्चों और शिक्षकों के लिए समग्र शिक्षण पहल,
- b) उच्च शिक्षा हेतु समान अवसर वाली छात्रवृत्तियाँ, और
- c) रोज़गार के लिए व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल प्रशिक्षण।
कोटक एजुकेशन फाउंडेशन (KEF) द्वारा महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, गोवा और गुजरात में किए जा रहे मुख्य कार्यों में स्कूलों में नेतृत्व को बेहतर बनाना तथा शिक्षकों की क्षमता विकसित करना, डिजिटल साधनों को प्राथमिकता देने वाला शिक्षा का माहौल तैयार करना, मध्य विद्यालय के छात्रों को आत्मविश्वास के साथ अंग्रेज़ी बोलने में सक्षम बनाना, तथा शिक्षकों को बुनियादी साक्षरता और गणना की शिक्षा देने में कुशल बनाना, इत्यादि शामिल है।
अवसरों को और अधिक सुलभ बनाने के लिए, कोटक एजुकेशन फाउंडेशन (KEF) ने छात्रवृत्ति का एक ऐसा मजबूत इकोसिस्टम तैयार किया है, जो छात्रों को उनकी शिक्षा के सफर में बेहद अहम पड़ावों पर आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराता है। कोटक कन्या स्कॉलरशिप की शुरुआत वर्ष 2021 में हुई जिसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की होनहार छात्राओं को व्यावसायिक स्तर पर उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए सक्षम बनाना है। इसके तहत उन्हें लगातार आर्थिक सहायता, शैक्षिक मार्गदर्शन और सर्वांगीण विकास के अवसर प्रदान किए जाते हैं।
कोटक जूनियर स्कॉलरशिप के माध्यम से मुंबई महानगरीय क्षेत्र के होनहार छात्रों को उनकी 11वीं और 12वीं की पढ़ाई के दौरान मदद की जाती है। यह छात्रवृत्ति आर्थिक सहायता, मार्गदर्शन और पढ़ाई में सहयोग देकर यह पक्का करती है कि उनकी शिक्षा बिना किसी बाधा के जारी रहे। उच्च शिक्षा के स्तर पर, कोटक ग्रेजुएट स्कॉलरशिप के माध्यम से योग्य छात्रों को स्नातक की पढ़ाई करने में सहायता दी जाती है, साथ ही उन्हें कॉलेज व करियर के रास्ते पर सफलतापूर्वक आगे बढ़ने के लिए आवश्यक संसाधन और मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराया जाता है।
KEF का व्यावसायिक शिक्षा कार्यक्रम आर्थिक रूप से कमज़ोर तबके के बेरोज़गार युवाओं को कुशल बनाने पर केंद्रित है, जिसके तहत उन्हें IT कौशल सिखाने और अंग्रेज़ी बोलने के अलावा जीवन कौशल तथा व्यक्तित्व विकास भी सिखाया जाता है। रोज़गार दिलाने पर विशेष ज़ोर देते हुए, यह कार्यक्रम यह सुनिश्चित करता है कि सभी योग्य छात्र पूरे आत्मविश्वास के साथ पेशेवर माहौल में कदम रखने और सफल होने के लिए तैयार हों।
आज, KEF अपने सफ़र के बेहद अहम पड़ाव पर पहुंच गया है। जमीनी स्तर पर काम करने के अपने गहरे अनुभव के आधार पर, यह संगठन अब अपनी गतिविधियों के दायरे और गहराई, दोनों के विस्तार के लिए तैयार है। इसका दृष्टिकोण अब ‘स्कूल-को-एक-इकाई’ मानने वाले मॉडल से विकसित होकर ज़िला और राज्य स्तर पर शिक्षा में बदलाव लाने के एक बड़े विज़न की ओर बढ़ रहा है। KEF ने इस बदलाव के ज़रिए पूरी व्यवस्था में सुधार लाने और बड़े स्तर पर ऐसा प्रभाव डालने का लक्ष्य रखा है, जो लंबे समय तक कायम रहे।
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