
जयपुर, दिव्यराष्ट्र/ सप्त शक्ति कमान अलंकरण समारोह का आयोजन 09 जनवरी 2026 को जयपुर सैन्य स्टेशन स्थित सप्त शक्ति ऑडिटोरियम में परंपरागत सैन्य गरिमा, अनुशासन एवं उत्साह के साथ संपन्न हुआ। इस गरिमामय समारोह की अध्यक्षता लेफ्टिनेंट जनरल मनजिंदर सिंह, आर्मी कमांडर, सप्त शक्ति कमान ने की।
अलंकरण समारोह का आयोजन प्रतिवर्ष उन अधिकारियों, जूनियर कमीशंड अधिकारियों एवं सैनिकों को सम्मानित करने के उद्देश्य से किया जाता है, जिन्होंने राष्ट्र सेवा में अनुकरणीय साहस, प्रभावी नेतृत्व एवं निःस्वार्थ समर्पण का परिचय देते हुए स्वयं को विशिष्ट सिद्ध किया है। समारोह में सप्त शक्ति कमान के अधिकारी एवं सैनिक, पूर्व सैनिक तथा सम्मानित कार्मिकों के गौरवान्वित परिजन उपस्थित रहे।
इस अवसर पर कुल 06 सेना मेडल (वीरता), 01 सेना मेडल (विशिष्ट सेवा), 01 युद्ध सेवा मेडल तथा 02 विशिष्ट सेवा मेडल व्यक्तिगत वीरता, उत्कृष्ट नेतृत्व एवं कर्तव्य के प्रति असाधारण निष्ठा के लिए प्रदान किए गए। इसके अतिरिक्त, दक्षिण पश्चिमी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ द्वारा 17 यूनिटों को उनकी उत्कृष्ट परिचालन दक्षता, व्यावसायिक उत्कृष्टता एवं अनुकरणीय प्रदर्शन के लिए यूनिट प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। समारोह के दौरान 04 वेटरन अचीवर्स एवं 03 नागरिक प्रशासन के अधिकारियों को भी उनके विशिष्ट एवं सराहनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
अपने संबोधन में आर्मी कमांडर ने सभी सम्मानित कार्मिकों एवं उनके परिवारजनों को हार्दिक बधाई दी तथा उनके अद्वितीय साहस, अटूट समर्पण एवं उच्चतम पेशेवर मानकों की सराहना की। उन्होंने विशेष रूप से ऑपरेशन सिंदूर सहित सभी कार्यक्षेत्रों में सप्त शक्ति कमान एवं इसकी यूनिटों की उपलब्धियों की प्रशंसा करते हुए सभी रैंकों से भारतीय सेना की सर्वोच्च परंपराओं, मूल्यों एवं आचार संहिता को अक्षुण्ण बनाए रखने तथा राष्ट्र सेवा के प्रति सदैव प्रतिबद्ध रहने का आह्वान किया। बाद में उन्होंने पुरस्कार विजेताओं एवं उनके परिजनों से संवाद कर परिवारों के त्याग, धैर्य एवं निरंतर समर्थन को स्वीकार किया, जो भारतीय सेना की शौर्य एवं सम्मान की अमिट विरासत की सुदृढ़ आधारशिला है।
यह अलंकरण समारोह भारतीय सेना की योग्यता, वीरता एवं उत्कृष्टता को पहचानने और सम्मानित करने की अटूट प्रतिबद्धता को पुनः रेखांकित करता है तथा सभी रैंकों के लिए सैन्य सेवा के सर्वोच्च आदर्शों का अनुकरण करने हेतु प्रेरणास्रोत सिद्ध हुआ।





