
एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक (एयू एसएफबी), जो भारत का सबसे बड़ा स्मॉल फाइनेंस बैंक है और जिसे एक दशक बाद पहली बार रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) से यूनिवर्सल बैंक में परिवर्तन के लिए सैद्धांतिक मंजूरी मिली है, आज घोषणा की कि आरबीआई ने 12 फरवरी 2026 के अपने पत्र के माध्यम से संजय अग्रवाल (डीआईएन: 00009526) को प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में तीन वर्ष की अतिरिक्त अवधि के लिए पुनर्नियुक्त करने की मंजूरी दी है। यह नियुक्ति 19 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगी।
इससे पहले बैंक के निदेशक मंडल ने 17 अक्टूबर 2025 को तथा शेयरधारकों ने 26 दिसंबर 2025 को उनकी पुनर्नियुक्ति को मंजूरी दी थी, जो आरबीआई की स्वीकृति के अधीन थी।
संजय अग्रवाल 14 फरवरी 2008 को एयू फाइनेंसियर्स के प्रबंध निदेशक बने थे। 19 अप्रैल 2017 को संस्था के बैंक में परिवर्तन के बाद वे एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक के एमडी एवं सीईओ बने। इसके बाद 19 अप्रैल 2023 से 18 अप्रैल 2026 तक के वर्तमान कार्यकाल सहित उनके प्रत्येक कार्यकाल को आरबीआई की मंजूरी मिली है। यह बैंक में परिवर्तन के बाद उनका लगातार तीसरा कार्यकाल है, जो उनके नेतृत्व में स्थिरता और सुशासन पर नियामक के विश्वास को दर्शाता है।
यह मंजूरी ऐसे समय में मिली है जब एयू यूनिवर्सल बैंक में परिवर्तन की प्रक्रिया की तैयारी कर रहा है, जो अंतिम आरबीआई स्वीकृति के अधीन है। ऐसे महत्वपूर्ण चरण में नेतृत्व की निरंतरता बैंक की तैयारियों को मजबूत करती है और आगे की विकास यात्रा के लिए भरोसा बढ़ाती है।
संजय अग्रवाल के नेतृत्व में एयू एक छोटे एनबीएफसी से देश के सफलतम स्मॉल फाइनेंस बैंक में परिवर्तित हुआ है। इसकी प्रमुख विशेषताएं रही हैं:
• मजबूत सुशासन और नियमों का पालन
• लगातार बेहतर वित्तीय प्रदर्शन
• संतुलित और सावधानीपूर्ण जोखिम प्रबंधन
• ग्राहक केंद्रित कार्यशैली
• सुरक्षित खुदरा क्षेत्र में अनुशासित विस्तार
• एयू 0101, कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित कार्यप्रणाली और डेटा आधारित बैंकिंग के माध्यम से डिजिटल प्रगति यह निरंतरता बैंक की स्थिरता, मजबूती और स्पष्ट रणनीतिक दिशा का भरोसा दिलाती है।
एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक के चेयरमैन हारुन आर खान ने कहा, “हम संजय अग्रवाल की पुनर्नियुक्ति को मंजूरी देने के लिए रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया का धन्यवाद करते हैं। यह मंजूरी बैंक के सुशासन, नेतृत्व की स्थिरता और दीर्घकालिक दिशा की पुष्टि करती है। एयू इस समय यूनिवर्सल बैंक बनने की दहलीज पर खड़ा है। ऐसे समय में शीर्ष स्तर पर निरंतरता से हमारी रणनीतिक प्राथमिकताओं को स्पष्टता और जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। बोर्ड को विश्वास है कि संजय अग्रवाल के नेतृत्व में एयू भरोसे, पारदर्शिता और टिकाऊ विकास के उच्च मानकों को बनाए रखेगा।”
अपनी पुनर्नियुक्ति पर संजय अग्रवाल, संस्थापक, एमडी एवं सीईओ, एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक ने कहा,
“मैं अपनी पुनर्नियुक्ति की मंजूरी के लिए रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया का आभारी हूं। यह बैंक के सुशासन, कार्य संस्कृति और दीर्घकालिक दृष्टि में उनके विश्वास को दर्शाता है। पिछले वर्षों में हमने एक ऐसा बैंक बनाया है जो समावेशन, नवाचार, ईमानदारी और जिम्मेदारी के मूल्यों पर आधारित है। आने वाले तीन वर्षों में और यूनिवर्सल बैंक में परिवर्तन की तैयारी के दौरान हमारा ध्यान सुरक्षित खुदरा व्यवसाय को मजबूत करने, कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित बदलाव को तेज करने, जमा आधार का विस्तार करने और एयू को देश के लाखों लोगों के लिए विश्वसनीय तथा आधुनिक
बैंक बनाए रखने पर रहेगा। एयू, उसके कर्मचारियों, ग्राहकों, शेयरधारकों और समाज के प्रति मेरी प्रतिबद्धता अटूट है।”
यह नेतृत्व निरंतरता एयू के इतिहास के सबसे महत्वपूर्ण चरण में मिली है, जब बैंक यूनिवर्सल बैंक बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इससे संगठन को स्थिरता और मजबूती मिलेगी।



