
दिव्यराष्ट्र, जयपुर: रसना ग्रुप के चेयरमैन और अरीज खंबाटा बेनेवोलेंट ट्रस्ट और रसना फाउंडेशन के संस्थापक ट्रस्टी पीरूज अरीज खंबाटा ने अपनी नई किताब अशोई: द जोरास्ट्रियन आर्ट ऑफ सक्सेस एंड इम्मोरलिटी (Ashoi: The Zoroastrian Art of Success and Immortality) लॉन्च करने की घोषणा की। इसके साथ ही उन्होंने एक नए एंटरप्रेन्योरशिप फंड का भी अनावरण किया, जिसका उद्देश्य पारसी समुदाय के साथ-साथ अन्य लोगों में बिजनेस, लीडरशिप और उद्यमिता को बढ़ावा देना है। यह कार्यक्रम मुंबई के प्रतिष्ठित ताज महल पैलेस होटल में आयोजित किया गया, जहां मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय संसदीय कार्य और अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू मौजूद रहे। इस मौके पर राज्यसभा सांसद मिलिंद देवड़ा, बॉम्बे हाई कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस (सेवानिवृत्त) शाहरुख जे. काथावाला, उदवाडा स्थित ईरानशाह आतश बेहराम के हाई प्रीस्ट वाडा दस्तूर जी खुर्शेद दस्तूर, नेशनल कमीशन फॉर माइनॉरिटीज के सदस्य और मोदी मिशन (Modi’s Mission) के लेखक बरजिस देसाई सहित पारसी समुदाय, सामाजिक संगठनों और बिजनेस जगत से जुड़े कई प्रमुख लोग शामिल हुए।
बुक लॉन्च के दौरान रसना ग्रुप के चेयरमैन और अरीज खंबाटा बेनेवोलेंट ट्रस्ट व रसना फाउंडेशन के संस्थापक ट्रस्टी पीरूज अरीज खंबाटा ने कहा, ‘आज की तेजी से बदलती दुनिया में लोग ऐसे मूल्यों और सिद्धांतों की तलाश कर रहे हैं, जो उनके जीवन में सही दिशा, संतुलन और गहरा उद्देश्य ला सकें। उन्होंने कहा कि ईमानदारी, अनुशासन, उद्देश्यपूर्ण जीवन और नैतिक मूल्यों ने हमेशा पारसी समुदाय के जीवन को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अपनी इस किताब के जरिए उन्होंने प्राचीन जोरोएस्ट्रियन ज्ञान को आधुनिक और व्यावहारिक रूप में लोगों तक पहुंचाने की कोशिश की है। उनका कहना था कि यह किताब केवल धर्म तक सीमित नहीं है, बल्कि हर व्यक्ति को बेहतर इंसान बनने की प्रेरणा देने वाली एक प्रैक्टिकल गाइड है। उन्होंने कहा कि जब लोग खुद को बेहतर बनाते हैं, तो वे देश निर्माण में भी योगदान देते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि परिवार और युवा इन कालजयी शिक्षाओं को अपनाकर अपने जीवन को सफल, सार्थक और संतुलित बना सकेंगे।’
‘अशोई: द जोरास्ट्रियन आर्ट ऑफ सक्सेस एंड इम्मोरलिटी’ नाम की यह किताब जोरोएस्ट्रियन धर्म की तीन हजार साल से भी पुरानी शिक्षाओं और मूल्यों पर आधारित 51 महत्वपूर्ण सिद्धांतों को सरल तरीके से प्रस्तुत करती है। यह किताब लीडरशिप, अच्छे चरित्र, परिवार और बिजनेस को सफल बनाने के लिए एक मजबूत सोच और जीवनशैली का फ्रेमवर्क देती है। इसमें यह समझाने की कोशिश की गई है कि पारसी समुदाय ने बिजनेस, भरोसे, ईमानदारी और दुनियाभर में खुद को सफलतापूर्वक स्थापित करने में इतनी बड़ी सफलता कैसे हासिल की। किताब के अनुसार, इसकी सबसे बड़ी वजह जोरोएस्ट्रियन दर्शन के मूल सिद्धांत हैं, खासकर अशोई का विचार, जिसका मतलब है जीवन के हर क्षेत्र में सफलता हासिल करना और सोच, शब्द तथा कर्म में शुद्धता और ईमानदारी बनाए रखना।



