
मुंबई, दिव्यराष्ट्र/ मद्रास डायबिटीज रिसर्च फाउंडेशन (एमडीआरएफ), चेन्नई, जो डायबिटीज रिसर्च और मेटाबॉलिक विकारों के क्षेत्र में एक अग्रणी संस्थान है, ने भारत में जीनोमिक्स और मल्टी-ओमिक्स रिसर्च को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए प्रेमास लाइफ साइंसेज के साथ एक रणनीतिक सहयोग किया है। इस साझेदारी के माध्यम से वैज्ञानिक खोजों की गति को तेज करने और एकीकृत ओमिक्स दृष्टिकोण के जरिए डायबिटीज जैसी पुरानी बीमारियों के बारे में अधिक सूक्ष्म और गहरी जानकारी प्राप्त करने का लक्ष्य रखा गया है।
इस सहयोग के माध्यम से, एमडीआरएफ इलुमिना की उन्नत सीक्वेंसिंग प्रौद्योगिकियों और कार्यान्वयन व सहायता में प्रेमास लाइफ साइंसेज की विशेषज्ञता का लाभ उठाएगा। इस पहल का मुख्य उद्देश्य उच्च गुणवत्ता वाले जीनोमिक्स वर्कफ़्लो को सक्षम बनाना, ट्रांसलेशनल रिसर्च को मजबूत करना और सटीक चिकित्सा में नवाचार को बढ़ावा देना है।
इस साझेदारी का एक महत्वपूर्ण पहलू शोध वर्कफ़्लो, परीक्षणों और अनुप्रयोगों का सहयोगात्मक विकास है, जिन्हें विशेष रूप से भारत में बीमारियों के बोझ, मुख्य रूप से डायबिटीज और संबंधित मेटाबॉलिक स्थितियों के समाधान के लिए डिज़ाइन किया गया है। जीनोमिक्स को अन्य ओमिक्स के साथ एकीकृत करके, इस सहयोग का लक्ष्य व्यापक डेटासेट तैयार करना है, जो शोध के अधिक सटीक और बेहतर परिणाम सुनिश्चित कर सकें।
इस साझेदारी का एक अन्य महत्वपूर्ण स्तंभ कौशल विकास और प्रशिक्षण पहल है। इसके तहत शोधकर्ताओं, चिकित्सकों और छात्रों के लिए कार्यशालाएं, व्यावहारिक प्रशिक्षण कार्यक्रम और ज्ञान-साझाकरण सत्र आयोजित करने की योजना है। इन प्रयासों से नेक्स्ट-जेनरेशन सीक्वेंसिंग ( प्रौद्योगिकियों और डेटा इंटरप्रिटेशन में क्षमताओं को विकसित करने में मदद मिलेगी। एमडीआरएफ और प्रेमास के बीच हुए इस समझौता ज्ञापन में प्रेमास द्वारा एमडीआरएफ के लिए संबंधित सहयोगियों के साथ रणनीतिक उद्योग-अकादमिक साझेदारी को समर्थन और सुगम बनाना भी शामिल है।
इसके अतिरिक्त, दोनों संस्थान वैज्ञानिक आउटरीच और जागरूकता पहलों पर मिलकर काम करेंगे, जिससे शोध और स्वास्थ्य सेवा में जीनोमिक्स को अपनाने को बढ़ावा देने के लिए व्यापक वैज्ञानिक और चिकित्सा समुदाय को जोड़ा जा सके।
डॉ. वी. मोहन, चेयरमैन, एमडीआरएफ ने कहा, “एमडीआरएफ में, हम डायबिटीज जैसी जटिल बीमारियों को बेहतर ढंग से समझने और प्रबंधित करने के लिए नैदानिक शोध के साथ अत्याधुनिक तकनीकों को एकीकृत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
एमडीआरएफ में जीनोमिक्स की प्रमुख डॉ. राधा वेंकटेशन ने कहा, “यह सहयोग भारत में जीनोमिक्स-संचालित शोध को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।”
“एमडीआरएफ के अध्यक्ष डॉ. आर. एम. अंजना ने कहा, “प्रेमास लाइफ साइंसेज के साथ मिलकर काम करते हुए, हमारा लक्ष्य ऐसे प्रभावशाली समाधान तैयार करना है जो हमारी आबादी के लिए प्रासंगिक हों।”
प्रेमास लाइफ साइंसेज के मैनेजिंग डायरेक्टर प्रवीण गुप्ता ने कहा “हमारा ध्यान हमेशा से उन्नत जीनोमिक्स प्रौद्योगिकियों तक पहुंच उपलब्ध कराने और भारत में मजबूत वैज्ञानिक इकोसिस्टम बनाने पर रहा है”। “यह साझेदारी एमडीआरएफ और प्रेमास लाइफ साइंसेज के बीच मल्टी-ओमिक्स, सहयोगात्मक विकास और शोध समुदायों के निरंतर कौशल विकास के माध्यम से इनोवेशन को आगे बढ़ाने की साझा दृष्टि को दर्शाती है।”
एमडीआरएफ और प्रेमास लाइफ साइंसेज देश भर में जीनोमिक्स और मल्टी-ओमिक्स दृष्टिकोणों को अपनाने को मजबूत करने के लिए शैक्षणिक संस्थानों, हेल्थकेयर प्रदाताओं और रिसर्चर्स के साथ मिलकर काम करना जारी रखेंगे।



