नई दिल्ली, दिव्यराष्ट्र*सीमावर्ती गांवों को विकास और अवसरों में बदलने के भारत सरकार के विज़न को आगे बढ़ाते हुए, कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय (एमएसडीई) ने नई दिल्ली के कौशल भवन में वाइब्रेंट विलेजेज़ प्रोग्राम (वीवीपी) के तहत एक ‘कैपेसिटी बिल्डिंग एंड रिव्यू वर्कशॉप’ का आयोजन किया। इस वर्कशॉप की थीम “विकसित गांव फॉर विकसित भारत” थी। इस वर्कशॉप में गृह मंत्रालय (एमएचए), वस्त्र, पर्यटन और ग्रामीण विकास मंत्रालय के साथ-साथ जिला प्रशासन, अरुणाचल प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, लद्दाख, सिक्किम और उत्तराखंड के स्टेट स्किल डेवलपमेंट मिशन (एसएसडीएम) और सेक्टर स्किल काउंसिल (एसएससी) जैसे स्टेकहोल्डर्स एक प्लेटफॉर्म पर एक साथ आए। अभी तक, एमएसडीई ने इस कार्यक्रम के तहत 74 कौशल विकास प्रस्तावों को मंज़ूरी दी है। इस अवसर पर एमएसडीई की जॉइंट सेक्रेटरी हेना उस्मान, एमएसडीई की जॉइंट सेक्रेटरी मानसी सहाय ठाकुर, एमएसडीई की इकोनॉमिक एडवाइजर अर्चना मायाराम, एमएसडीई, गृह मंत्रालय और भागीदार मंत्रालयों, राज्य सरकारों के सीनियर अधिकारी और एसएसडीएम, जिला प्रशासन और एसएससी के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।





