शिलांग, दिव्यराष्ट्र:/ विश्व पर्यटन दिवस 2026 की थीम “डिजिटल एजेंडा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से पर्यटन का नया स्वरूप” के अनुरूप मेघालय पर्यटन क्षेत्र में आधुनिक तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता का व्यापक उपयोग कर रहा है। राज्य सरकार पर्यटकों की आवाजाही, भीड़ प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण के लिए एआई आधारित प्रणालियां विकसित कर रही है।
मेघालय में पर्यटन अवसंरचना के विकास के लिए 162 करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्ताव रखे गए हैं। उमियाम, सोहरा, दावकी-श्नोंगपडेंग और नोकरेक को विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्रों के रूप में विकसित किया जा रहा है। वहीं, पीएम-डेवाइन सोहरा पर्यटन सर्किट, शिलांग पीक रोपवे, मावकडोक स्काईवॉक और उमंगोट रिवरफ्रंट परियोजनाएं प्रमुख आकर्षण के रूप में उभर रही हैं।
राज्य की सांस्कृतिक और रचनात्मक अर्थव्यवस्था भी पर्यटन को नई दिशा दे रही है। मुख्यमंत्री मेघालय ग्रासरूट्स म्यूजिक प्रोग्राम के माध्यम से 7,000 से अधिक कलाकारों को सहयोग मिला है। वहीं शिलांग चेरी ब्लॉसम फेस्टिवल, शिलांग लिटरेरी फेस्टिवल और मेगोंग फेस्टिवल जैसे आयोजनों ने लाखों पर्यटकों को आकर्षित किया है।
मेघालय सरकार का मानना है कि तकनीक, सांस्कृतिक विरासत और स्थानीय समुदायों की साझेदारी राज्य को एक ऐसे पर्यटन मॉडल के रूप में स्थापित करेगी, जो आर्थिक विकास के साथ-साथ पर्यावरण और परंपराओं की भी रक्षा करेगा।