लोक संस्कृति और प्रतिभाओं का हुआ सम्मान
सलूंबर, दिव्यराष्ट्र:/ राजस्थान की लोक संस्कृति परंपराओं और सामाजिक चेतना को बढ़ावा देने वाली लोकमंथन यात्रा सोमवार को सलूम्बर पहुंची। वैद्यनाथ मंदिर से अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिन्दू जागरण मंच बजरंग दल दुर्गा वाहिनी अखिल भारतीय शैक्षिक संगठन द्वारा वाहन रैली के माध्यम से लोक मंथन यात्रा की आगवानी की गई।प्रताप चौराहे पर ढोल-नगाड़ों तिलक ऊपरना और लोकगीतों से स्वागत हुआ। महिलाओं व युवतियों ने कलश यात्रा निकाली, जो सिद्धी विनायक मंदिर से दिनदयाल कालोनी होती हुई सेवक भवन में पहुंची। वनवासी कल्याण परिषद आदिवासी कलाकारों द्वारा गैर नृत्य व गवरी का मंचन किया गया। विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने पारंपरिक खेल पगा सतोलिया लट्टू कंचे आदि खेलो को प्रस्तुत किया। जनजातीय बालिकाओं ने आदिवासी संस्कृति को प्रदर्शित करते हुए नृत्य प्रस्तुत किया। सांझी मांडणा रंगोली व गोवर्धन जी को प्रदर्शनी द्वारा प्रस्तुत किया गया। सलूम्बर की प्रतिभाओं का सम्मान किया गया।मुख्य वक्ता जसवंत खत्री क्षेत्रीय कार्यवाह ने हम भारत के लोग विषय पर उद्बोधन दिया। संविधान की उद्देशिका में वर्णित हर शब्द की सारगर्भित व्याख्या कर विभिन्न उदाहरणों से जीवन के हर क्षेत्र में उपयोगिता को प्रस्तुत किया।समरसता एकात्मकता अखंडता राष्ट्रभक्ति राष्ट्रप्रेम सेवा सहयोग समर्पण सहिष्णुता आदि गुणों की व्याख्या कर युवाओं को स्वर्णिम भारत की भविष्य की राह बताया। लोक मंथन यात्रा सलूम्बर संयोजक महेश चंद्र आमेटा व अध्यक्ष मुकेश मंत्री उपस्थित रहे। संचालन संस्कार भारती के बालकृष्ण चौबीसा ने किया। हाड़ी रानी महाविद्यालय सलूम्बर में यात्रा का स्वागत अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद व दुर्गा वाहिनी के कार्यकर्ताओं द्वारा किया गया। हाड़ी रानी महाविद्यालय में अखिल भारतीय साहित्य परिषद जिला सलूम्बर की ओर से सुनील चाष्टा व कुशाग्र जैन ने विश्व प्रसिद्ध हाड़ी रानी के मुण्डदान की कथा को मेवाड़ी भाषा में जीवंतता से प्रस्तुत किया। दामिनी वैष्णव ने या कहानी हांडी रानी चुण्डाराव की कविता ओजस्वी रुप से प्रस्तुत की दुर्गा वाहिनी की बालिकाओं द्वारा शौर्य प्रदर्शन तलवारबाजी आदि प्रस्तुतियां दी।।यात्रा संयोजक डॉ. सत्यनारायण कुमावत ने कहा कि लोक परंपराओं, कलाओं, खेलों और संस्कारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना जरूरी है। यात्रा राजस्थान के 41 जिलों से होकर गुजरेगी। उन्होंने 4, 5और 6 दिसंबर को जयपुर में होने वाले लोकमंथन कार्यक्रम में पहुंचने का आग्रह किया।

