
क्यों कई दंपति असफल आईवीएफ के बाद मान लेते हैं कि शायद यह हमारे लिए नहीं था
जयपुर, दिव्यराष्ट्र *: एक असफल आईवीएफ चक्र भावनात्मक रूप से एक दंपत्ति को हिला देता है। जिन दंपतियों ने वर्षों की प्रतीक्षा, महीनों के उपचार और हर जांच तथा हर स्कैन से उम्मीदें जोड़ रखी हों, उनके लिए नकारात्मक परिणाम केवल एक चिकित्सीय सूचना नहीं होता। वह भीतर तक झकझोर देता है। ऐसे समय में कई दंपति अपने दर्द को कम करने के लिए ये मान लेते हैं – ‘शायद यह हमारे लिए नहीं था।‘
ऐसे समय में परामर्श और भावनात्मक सहयोग की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। प्रजनन उपचार केवल चिकित्सीय प्रक्रिया नहीं है; यह मानसिक सहनशीलता की भी परीक्षा लेता है। सही मार्गदर्शन के साथ, असफलता अंत नहीं, बल्कि आगे की दिशा तय करने का अवसर बन सकती है।
डॉ. प्रियंका यादव, फर्टिलिटी स्पेशलिस्ट, बिरला फर्टिलिटी एंड आईवीएफ, जयपुर कहती हैं कि यही सोच आगे का रास्ता रोक सकती है। जब किसी चिकित्सीय प्रक्रिया को किस्मत या भाग्य का फैसला मान लिया जाता है, तो वह एक उपचार नहीं, बल्कि व्यक्तिगत निर्णय जैसा लगने लगता है। आईवीएफ कोई एक बार में काम कर जाने वाला निश्चित इलाज नहीं है। आधुनिक तकनीक और अनुकूल परिस्थितियों के बावजूद, हर चक्र में सफलता की गारंटी नहीं होती। उम्र, अंडाशयों की प्रतिक्रिया, शुक्राणुओं की गुणवत्ता और गर्भाशय की परत से जुड़ी सूक्ष्म स्थितियां – ये सभी परिणाम को प्रभावित करती हैं। एक असफल प्रयास नियति का संकेत नहीं होता।
जब असफलता को अस्तित्व या भाग्य से जोड़ दिया जाता है, तो दोबारा प्रयास करना मानो उस फैसले को चुनौती देने जैसा लगने लगता है। निराशा का भाव धीरे-धीरे डर में बदल सकता है।
व्यवहार में बार-बार ऐसा देखा जाता है कि कुछ दंपति उपचार बीच में छोड़ देते हैं, जबकि जैविक रूप से संभावना मौजूद होती है। यह निर्णय केवल उदासी से नहीं, बल्कि दर्द से बचने की स्वाभाविक मानवीय प्रवृत्ति से भी जुड़ा होता है। जब किसी दंपति की पहचान ही परिणाम से जुड़ जाती है, तो एक असफल प्रयास अंतिम निर्णय जैसा प्रतीत हो सकता है।
इस सोच को बदलना ज़रूरी है। हर आईवीएफ चक्र को अपनी योग्यता की परीक्षा नहीं, बल्कि एक जटिल प्रक्रिया का एक चरण समझना चाहिए। असफल चक्र शरीर की क्षमता को नकारता नहीं, बल्कि यह संकेत देता है कि कहां सुधार या बदलाव की ज़रूरत हो सकती है। जो दंपति इस दृष्टिकोण को अपनाते हैं, वे दूसरी कोशिश पर अधिक संतुलित अपेक्षाओं, स्पष्ट जानकारी और बेहतर मानसिक तैयारी के साथ विचार कर पाते हैं।





