
गर्मियों में इन बातों का जरूर रखें ध्यान
जयपुर, दिव्यराष्ट्र:/ गर्मियों में बढ़ता तापमान और हीटवेव का असर हर किसी की सेहत पर पड़ता है, लेकिन प्रेगनेंट महिलाओं के लिए यह मौसम ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो सकता है। प्रेगनेंसी के दौरान शरीर में कई हार्मोनल बदलाव होते हैं, जिससे बॉडी टेम्परेचर सामान्य से थोड़ा अधिक रहता है और शरीर जल्दी डिहाइड्रेट हो सकता है। ऐसे में तेज धूप, लू और पानी की कमी मां और गर्भ में पल रहे शिशु, दोनों की सेहत को प्रभावित कर सकती है। यही वजह है कि इस मौसम में प्रेगनेंट महिलाओं को अपनी दिनचर्या, खानपान और बाहर निकलने के समय को लेकर खास सावधानी बरतनी चाहिए। डॉ. हिमानी शर्मा, क्लिनिकल हेड एंड सीनियर कंसलटेंट, आब्सटेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी, कोकून हॉस्पिटल ने बताएं कुछ जरूरी टिप्स, जो हीट स्ट्रोक के खतरे को कम करने में मदद कर सकते हैं।
1. तेज धूप और लू से जितना हो सके बचकर रहें – गर्मियों में दोपहर 11 बजे से शाम 4 बजे तक तापमान सबसे ज्यादा रहता है। इस दौरान बाहर निकलने से बचना चाहिए, क्योंकि तेज धूप शरीर का तापमान तेजी से बढ़ा सकती है। अगर किसी जरूरी काम से बाहर जाना पड़े, तो छाता, टोपी, स्कार्फ और सनग्लासेस का इस्तेमाल करें। साथ ही कोशिश करें कि ज्यादा देर तक धूप में खड़े न रहें और बीच-बीच में छांव या ठंडी जगह पर आराम जरूर करें। कॉटन और हल्के रंग के कपड़े शरीर को ठंडा रखने में मदद करते हैं और पसीना आसानी से सोख लेते हैं। बहुत टाइट, भारी या सिंथेटिक कपड़े पहनने से शरीर में गर्मी बढ़ सकती है और असहजता महसूस हो सकती है। आरामदायक फुटवियर पहनना भी जरूरी है, ताकि थकान और सूजन की समस्या कम हो।
2. डिहाइड्रेशन से बचने के लिए भरपूर पानी पिएं – प्रेगनेंसी में शरीर को सामान्य दिनों की तुलना में ज्यादा पानी की जरूरत होती है। गर्मियों में ज्यादा पसीना निकलने की वजह से शरीर में पानी और जरूरी मिनरल्स की कमी जल्दी हो सकती है। इसलिए दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें। नारियल पानी, नींबू पानी, छाछ और ताजे फलों का सेवन शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करता है। लंबे समय तक खाली पेट रहने से भी बचें। इसके अलावा, गर्मियों में तला-भुना, ज्यादा मसालेदार और ऑयली खाना कम खाना चाहिए, क्योंकि इससे शरीर में गर्मी बढ़ सकती है। अपनी डाइट में मौसमी फल, हरी सब्जियां, सलाद और हल्का भोजन शामिल करें। इसके अलावा, पर्याप्त नींद और आराम लेना भी जरूरी है। ज्यादा थकान और तनाव शरीर को जल्दी कमजोर बना सकता है, इसलिए खुद को रिलैक्स और एक्टिव दोनों बनाए रखना जरूरी है।
3. घर के अंदर भी रखें ठंडा और आरामदायक माहौल – सिर्फ बाहर की गर्मी ही नहीं, बल्कि घर के अंदर का बढ़ा हुआ तापमान भी प्रेगनेंट महिलाओं की सेहत पर असर डाल सकता है। कोशिश करें कि कमरा हवादार और ठंडा रहे। पंखे, कूलर या एसी का सही तरीके से इस्तेमाल करें और लंबे समय तक बंद या उमस वाले कमरे में न रहें। अगर बिजली कटौती हो रही हो, तो शरीर को ठंडा रखने के लिए गीले कपड़े से शरीर पोंछें या ठंडे पानी की पट्टी माथे और गर्दन पर रखें। दिन में बार-बार चेहरा और हाथ-पैर धोना भी राहत देता है। साथ ही, घर के काम करते समय बीच-बीच में आराम जरूर करें, ताकि शरीर ज्यादा गर्म न हो।
4. हीट स्ट्रोक के शुरुआती लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें – प्रेगनेंसी के दौरान शरीर में होने वाले छोटे बदलाव भी कई बार गंभीर संकेत हो सकते हैं। अगर तेज सिरदर्द, चक्कर आना, कमजोरी महसूस होना, ज्यादा पसीना आना, उल्टी जैसा लगना, धड़कन तेज होना, सांस लेने में परेशानी या शरीर का तापमान बढ़ना जैसी दिक्कतें महसूस हों, तो इन्हें सामान्य थकान समझकर नजरअंदाज न करें। ये हीट एक्सॉशन या हीट स्ट्रोक के शुरुआती लक्षण हो सकते हैं। ऐसे में तुरंत ठंडी जगह पर बैठें, पानी या इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक लें और शरीर को ठंडा करने की कोशिश करें। अगर आराम न मिले या लक्षण बढ़ने लगें, तो बिना देरी किए डॉक्टर से संपर्क करें, क्योंकि समय पर इलाज न मिलने पर यह मां और गर्भ में पल रहे शिशु, दोनों के लिए जोखिम बढ़ा सकता है।
5. डॉक्टर की सलाह के बिना ज्यादा फिजिकल एक्टिविटी न करें – गर्मी में ज्यादा देर तक वॉक करना, भारी काम करना या जरूरत से ज्यादा एक्सरसाइज करना शरीर का तापमान बढ़ा सकता है। प्रेगनेंट महिलाओं को अपनी एनर्जी और स्वास्थ्य के अनुसार ही एक्टिविटी करनी चाहिए। अगर थकान, सांस फूलना या कमजोरी महसूस हो, तो तुरंत आराम करें। इसके अलावा, गर्मियों के दौरान ब्लड प्रेशर, कमजोरी और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याएं जल्दी बढ़ सकती हैं। इसलिए नियमित डॉक्टर चेकअप करवाना जरूरी है। किसी भी असामान्य लक्षण जैसे पेट में दर्द, बच्चे की मूवमेंट कम महसूस होना या तेज बेचैनी होने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।



