नई दिल्ली, दिव्यराष्ट्र:/ हार्डविन इंडिया लिमिटेड ने चौथी तिमाही और वित्त-वर्ष 2026 के वित्तीय परिणाम जारी किए, और कंपनी ने 30–35% की सीएजीआर के साथ वित्त-वर्ष 32 तक 1,000 करोड़ को पार करने का लक्ष्य रखा है जो एक बड़ी उपलब्धि होगी। कंपनी ने शेयरधारकों को लंबे समय में बेहतरीन फायदा पहुंचाने के लिए अपने बाज़ार के विस्तार, प्रोडक्ट्स में इनोवेशन और डिजिटल बदलाव से जुड़े सात बेहद महत्वपूर्ण रणनीतिक कदमों की भी घोषणा की है।
वित्तीय परिणामों की मुख्य बातें* वित्त-वर्ष 2026
हार्डविन इंडिया लिमिटेड ने आज 31 मार्च, 2026 को खत्म हुई तिमाही और पूरे साल के लिए अपने ऑडिट किए गए वित्तीय परिणामों की घोषणा की। कंपनी ने वित्त-वर्ष 2025 में 18,537.39 लाख की तुलना में वित्त-वर्ष 2026 के दौरान 20,041.35 लाख की कुल आय दर्ज की, और इन आंकड़ों से जाहिर है कि कंपनी साल-दर-साल लगातार स्थिर गति से आगे बढ़ रही है।
पूरे साल के लिए कंपनी का शुद्ध लाभ बढ़कर 1,320.58 लाख पर पहुंच गया है, जो इससे पिछले साल 1,123.12 लाख था। यह पेट में 17.58% की बढ़ोतरी दिखाता है, जिससे कंपनी के मुनाफ़े और कारोबार के संचालन में लगातार सुधार हो रहा है। वित्त-वर्ष 2026 की चौथी तिमाही की बात करें, तो इस दौरान कंपनी ने 5,747.42 लाख का राजस्व और 342.94 लाख का शुद्ध लाभ दर्ज किया, जिससे साफ है कि कंपनी ने नए वित्तीय वर्ष में बहुत ही शानदार शुरुआत की है।
वित्त-वर्ष 2026 के दौरान प्रत्येक शेयर पर होने वाली आय (मूल) 0.27 प्रति शेयर (अंकित मूल्य 1/-) रही, जबकि वित्त-वर्ष 2025 में यह 0.23 थी। कंपनी ने बोनस शेयर जारी करने पर भी विचार किया है।
रुबलजीत सिंह सयाल, प्रबंध निदेशक की ओर से कंपनी के प्रबंधन के विचार
“वित्त-वर्ष 2026 के दौरान हमने तय की गई योजनाओं को सही तरीके से लागू किया है। हमारे राजस्व और मुनाफ़े में बढ़ोतरी हुई, जिससे जाहिर है कि हमारा डिस्ट्रिब्यूशन नेटवर्क काफी मजबूत है और हम रिटेल से लेकर बड़े संस्थानों तक, हर तरह के ग्राहकों की जरूरतों को पूरा करने में पूरी तरह सक्षम हैं। चौथी तिमाही के नतीजों से हमें बेहद खुशी हुई है, जिससे यह बात साबित होती है कि कंपनी के बुनियादी सिद्धांत अभी भी उतने ही मज़बूत हैं।
अगर भविष्य की बात करें, तो हमने वित्त-वर्ष 32 तक अपने राजस्व को ₹1,000 करोड़ के पार पहुँचाने का एक बड़ा लक्ष्य रखा है जिसे हासिल करना संभव है। लेकिन इसके लिए हमें 30–35% की सीएजीआर से आगे बढ़ना होगा। यह सिर्फ एक सपना नहीं है, बल्कि इसके पीछे हमारी सोच-समझकर बनाई गई सात कदमों वाली खास रणनीति है, जिसमें हमने बाज़ार, उत्पाद, संचालन, ग्राहक, सस्टेनेबिलिटी, मार्जिन और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ अपने बिज़नेस के हर पहलू को शामिल किया है।
मांग के लिहाज़ से देखा जाए, तो हमें टियर-II और टियर-III शहरों में काफी संभावनाएं नजर आ रही हैं, जहाँ बेहतर गुणवत्ता वाले हार्डवेयर सॉल्यूशंस की उपलब्धता आज भी बहुत कम है। साथ ही, दक्षिण एशिया, मध्य पूर्व और अफ्रीका में निर्यात बढ़ाने की हमारी कोशिशों से एक बड़ा बाज़ार खुल गया है, और हमने व्यवस्थित तरीके से इन बाज़ारों की जरूरत को पूरा करने का लक्ष्य रखा है।
प्रोडक्ट्स के मामले में हम सबसे आगे हैं और हमारे बिजनेस को आगे बढ़ाने में इनकी सबसे बड़ी भूमिका होगी। हम अपने पोर्टफोलियो को प्रीमियम, स्मार्ट और बंडल्ड हार्डवेयर की श्रेणी में तेज़ी से बढ़ा रहे हैं, जिसमें दरवाज़े, किचन, अलमारियाँ और एक्सेस सिस्टम शामिल हैं। इस तरह के बंडल्ड, ज़्यादा कीमत वाले सॉल्यूशन से हर लेनदेन में हमारा राजस्व भी बढ़ेगा और मुनाफे का मार्जिन भी बेहतर होगा, जिससे हमें ‘अधिक मुनाफे वाले प्रोडक्ट’ के लक्ष्य को हासिल करने में बड़ी मदद मिलेगी।
बड़े संगठनों की बात करें, तो हम बड़े रियल एस्टेट डेवलपर्स, इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट मालिकों और सरकारी खरीद निकायों के साथ जुड़कर उनके पसंदीदा आपूर्तिकर्ता बनने और उनका भरोसा जीतने की दिशा में लगातार काम कर रहे हैं। उनके साथ एक बार नाता जुड़ जाने के बाद, कंपनी को सालाना आय के बारे में स्पष्ट रूप से जानकारी होगी, जिससे हमें बाज़ार के छोटे और असंगठित प्रतिस्पर्धियों से काफी आगे रहने में मदद मिलेगी।