
मुंबई, दिव्यराष्ट्र:/ स्वतंत्र परोपकारी ट्रस्ट गोदरेज फाउंडेशन ने महाराष्ट्र सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) और समग्र डेवलपमेंट फाउंडेशन के साथ एक गैर-बाध्यकारी समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके साथ ही राज्य सरकार में मानव संसाधन व्यवस्था में व्यापक सुधार के लिए दो साल की साझेदारी शुरू की गई है।
इस पहल का उद्देश्य कर्मचारियों की भर्ती और तैनाती से लेकर सेवानिवृत्ति तक, मानव संसाधन से जुड़ी प्रमुख प्रक्रियाओं को बेहतर बनाना है। इसके अलावा, सरकारी विभागों में कामकाज की दक्षता बढ़ाने और बेहतर निर्णय लेने के लिए तकनीक और आंकड़ों के अधिक प्रभावी इस्तेमाल को भी बढ़ावा दिया जाएगा।
इस साझेदारी के तहत महाराष्ट्र सरकार सुधारों की रणनीतिक दिशा तय करेगी और संस्थागत नेतृत्व प्रदान करेगी। गोदरेज फाउंडेशन परोपकारी और रणनीतिक साझेदार के रूप में सुधारों को लागू करने में सहयोग देगा। वहीं, शासन व्यवस्था और सार्वजनिक क्षेत्र में सुधारों पर काम करने वाला गैर-लाभकारी संगठन समग्र कार्यान्वयन साझेदार के रूप में काम करेगा। वह रोजमर्रा के कामकाज को आगे बढ़ाने, प्रक्रियाओं में सुधार करने, तकनीक के इस्तेमाल में मदद देने और नए ज्ञान व अनुभवों को विकसित करने की जिम्मेदारी संभालेगा।
समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर होने के अवसर पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, “हमें इस महत्वपूर्ण पहल के लिए गोदरेज फाउंडेशन और समग्र के साथ साझेदारी करते हुए बेहद खुशी हो रही है। महाराष्ट्र सरकार प्रशासनिक सुधारों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि कामकाज में दक्षता और पारदर्शिता बढ़े तथा जनता को बेहतर सेवाएं मिल सकें। यह साझेदारी तकनीक आधारित मजबूत मानव संसाधन व्यवस्था विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे कर्मचारियों की बेहतर योजना बनाने, सही जानकारी के आधार पर निर्णय लेने और सरकारी प्रक्रियाओं को सरल बनाने में मदद मिलेगी। हमारा साझा उद्देश्य संस्थागत क्षमता को मजबूत करना और महाराष्ट्र की जनता के लिए अधिक जवाबदेह तथा प्रभावी प्रशासन व्यवस्था तैयार करना है।”
गोदरेज इंडस्ट्रीज ग्रुप के चेयरपर्सन पिरोजशा गोदरेज ने कहा, “सार्थक बदलाव तब आता है जब सरकार, उद्योग और नागरिक समाज एक साझा उद्देश्य के साथ साथ आते हैं। महाराष्ट्र सरकार के साथ हमारी यह साझेदारी राज्य की सबसे महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं पर काम करने के लिए सामूहिक प्रयास की ताकत का प्रमाण है। गोदरेज में, हम ऐसी पहलों का समर्थन करने के लिए प्रतिबद्ध हैं जो नए अवसर पैदा करती हैं, जीवन स्तर को सुधारती हैं और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक अधिक सक्षम और समृद्ध महाराष्ट्र के निर्माण में योगदान देती हैं।”
इस साझेदारी में शासन प्रक्रियाओं को नए सिरे से बेहतर बनाना, मानव संसाधन से जुड़ी तकनीकों को एकीकृत करना, कर्मचारियों से संबंधित आंकड़ों का विश्लेषण और रिपोर्ट तैयार करना, क्षमता निर्माण तथा इस पहल से मिली सीख और अनुभवों का दस्तावेजीकरण करना जैसे प्रमुख क्षेत्र शामिल होंगे। इन अनुभवों का उपयोग देश के अन्य हिस्सों में भी इसी तरह के सुधारों को आगे बढ़ाने के लिए किया जा सकेगा।
गोदरेज फाउंडेशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी उमर मोमिन ने कहा, “नागरिकों तक सार्थक परिणाम पहुंचाने के लिए मजबूत सार्वजनिक संस्थानों का होना बेहद जरूरी है। इस साझेदारी के माध्यम से हम आधुनिक, कुशल और आंकड़ों पर आधारित मानव संसाधन व्यवस्था विकसित करने के महाराष्ट्र सरकार के प्रयासों में सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इससे शासन व्यवस्था मजबूत होगी और जनता को बेहतर सेवाएं देने में मदद मिलेगी।”
यह पहल व्यवस्था में व्यापक सुधारों और संस्थागत सहयोग के माध्यम से राज्य की प्रशासनिक क्षमता मजबूत करने तथा शासन व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाती है।





