
भाजपा की साधारण कार्यकर्ता के रूप में संगठन का कार्य करने वाली मंजू शर्मा ने अपनी मेहनत और संगठन के प्रति समर्पण से सांसदबनकर जयपुर के विकास का बीड़ा उठाया। वैसे उन्हें राजनीति विरासत में मिली जन्म घुट्टी के रूप में उन्हें राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के विचार एवं संगठन के प्रति समर्पण का भाव मिला। जयपुर जैसे महानगर की सांसद बनने के बाद भी मंजू शर्मा के स्वभाव में बदलाव नहीं आना और सामान्य कार्यकर्ता की तरह संगठन के कार्यों में अग्रणीय रहना उन्हें पिता भंवर लाल शर्मा से विरासत में मिला है। मंजू शर्मा के पिता भंवर लाल शर्मा हवामहल विधान सभा क्षेत्र से अपराजित विधायक रहे भाजपा की भैरोसिंह शेखावत सरकार में तीन बार विभिन्नविभागों के मंत्री रहे भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष रहने के बाद भी सामान्य कार्यकर्ताओं के आदर्श रहे। मंजू शर्मा का भी जीवन जनसेवा के प्रति दृढ़ प्रतिबद्धता का पर्याय है, पूरा करियर अपने निर्वाचन क्षेत्र के लोगों की मूलभूत आवश्यकताओ को पूरा करने और समुदाय में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए समर्पित किया। वे अपने अंतःकरण के भाव से शिक्षा, स्वास्थ्य, महिलासशक्तिकरण, लोककल्याण, अवसंरचना विकास और नागरिक सेवा पर ध्यान केंद्रित करती रही हैं। उनके संसदीय कार्यों, सार्वजनिक कार्यक्रमों,अभियानों और जनमानस के लिए जयपुर के विकास में अति महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
लोकसभा चुनाव 2024 मे जयपुर से भाजपा ने इस सीट के लिए मंजू शर्मा को उचित उम्मीदवार माना और उन्हें चुनावी मैदान में उतारा और सबसे बड़ी बात यह है की इन्होंने रिकॉर्ड मत से विजय प्राप्त करके जयपुर के संसदीय इतिहास में अपना नाम दर्ज कराया। मंजू शर्मा जयपुर लोकसभा सीट से जयपुर राजघराने की पूर्व राजमाता रही गायत्री देवी के बाद सांसद बनने वाली दूसरी महिला नेता है।, उन्होंने भाजपा संगठन के लिए जमीनी कार्यकर्ता के रूप में कार्य कर अपनी विराट पहचान बनाई। भाजपा महिला मोर्चा की पूर्व प्रदेश महामंत्री के रूप में उनके द्वारा किए गए संगठनात्मक कार्य को आज भी याद किया जाता है। जयपुर शहर की स्थानीय निवासी होने के कारण कार्यकर्ताओं से सीधा परिचय का उन्हें लाभ मिला है। सहज स्वभाव एवं संगठन समर्पण के कारण भाजपा नेतृत्व ने मंजू शर्मा को सांसद प्रत्याशी के रूप में चुना। जयपुर के कनोडिया क़ॉलेजकी छात्रा रही मंजू शर्मा छात्रों में भी लोकप्रिय रही,इस वजह से उनकी युवाओं में भी अच्छा प्रभाव रहा है। पिता भंवरलाल शर्मा पार्षद से मंत्री तक का सफर कर राजनीति मेंशुचिता की पहचान रहे इसका भी मंजू शर्मा को राजनितिक जड़े मजबूत करने में लाभ मिला। लगभग 40 वर्षों तक राजनीति में कार्यकर्ता के रूप में सेवा देने वाली मंजू शर्मा ने भाजपा में कई महत्वपूर्ण भूमिकाएँ जिम्मेदारी निभाई हैं और विभिन्न पदों पर रहते हुए अपनी छाप छोड़ी है। उनका सफर जनसेवा और समाज के उत्थान के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है। अपने पूरे करियर के दौरान, मंजू शर्मा सार्वजनिक कल्याण के कार्य के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता के लिए जानी जाती रही हैं, और उन्होंने ऐसी नीतियों की वकालत की है जो आम नागरिक के उत्थान में सहायक हों। मंजू शर्मा का सार्वजनिक सेवा के प्रति अटूट समर्पण और उनका प्रभावशाली नेतृत्व भारत के राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र को प्रेरित करता है। जैसे-जैसे वे आगे बढ़ रही हैं, एक न्यायपूर्ण और समतापूर्ण समाज के निर्माण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता अडिग बनी हुई है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए एक अमिट विरासत बनी रहेगी।ईमानदारी,करुणा और सामाजिक न्याय के मूल्यों में दृढ़ विश्वास रखने वाली मंजू शर्मा समाज को वापस कुछ देने के महत्व में विश्वास रखती हैं। वे अक्सर स्थानीय समूहों और निवासियों से बातचीत करके उनकी जरूरतों और चिंताओं को समझती हैं, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि उनकी नीतियां समावेशी और समाज कल्याण से सम्बन्धित है। हर कार्यकर्ता को नाम से जानने वाली मंजू शर्मा भाजपा के कार्यकर्ताओं की संरक्षक के रूप में भूमिका निभाती है उनसे एक बार कोई भी कार्यकर्ता मिल लेता है तो उनका ही बनकर रह जाता है।






