
जोधपुर, दिव्यराष्ट्र:/ जोधपुर स्थापना दिवस समारोह के अवसर पर मारवाड़ इंटरनेशनल सेंटर में एच.एच. महाराजा गज सिंह जी द्वितीय के कर-कमलों द्वारा रिडमलोत राठौडो का गौरवशाली इतिहास ग्रंथ का विमोचन किया गया। यह ऐतिहासिक पुस्तक डॉ. महेंद्र सिंह जी तंवर मारवाड़ के विश्व विख्यात इतिहासवेता, लेखक, सम्पादक एवं पूरा मारवाड़ इतिहास सरंक्षण विशेषज्ञ जो विभिन्न देश विदेश की संस्थानों के प्रसिद्ध पुरस्करों से सम्मानित वर्तमान में सहायक निदेशक, महाराजा मानसिंह पुस्तक प्रकाश शोध केंद्र, महरानगढ फोर्ट जोधपुर द्वारा लिखी गई है एवं प्रकाशक रिडमलोत राठौड़ समाज विकास एवं कल्याण ट्रस्ट, मारवाड़ द्वारा किया गया। समारोह को संबोधित करते हुए ट्रस्ट के अध्यक्ष पन्ने सिंह राजोला ने इतिहास के महत्व एवं जरूरत पर बल दिया, साथ ही इतिहास जानने हेतु प्रेरित किया। ट्रस्ट के सचिव ईश्वर सिंह देवलिया एवं उपाध्यक्ष मनमोहन सिंह ने भी वर्तमान समय इस इतिहास लेखन की आवश्यकता क्यो हुई व आने वाली पीढ़िया अपने इतिहास, संस्कृति और मूल्यों से जुड़ने की प्रेरणा लेगी । पुस्तक में मारवाड़ के शासक राव रिडमल जी एवं उनके चौबीस पुत्रों में से नौ के वंशज जो आज भी रिडमलोत खाप लगाते हैं उनका विस्तृत इतिहास, वंशावली एवं वीर गाथाओं का वर्णन किया गया है: ये वंशज आज टालनपुर ,कुरडाया, राजोला कला, कोटड़ी, नेतड़ा, रीया, सेठाकी,देवलिया,कालीजाल, बापिनी, भेड़, सोनेली, घड़सी का वाड़ा, बिठुआ , उजलिया, गिरी में निवास कर रहे हैं। समारोह में इतिहास संकलन में सहयोगी एवं भामाशाहों को साफा पहनाकर एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया । जोधपुर रियासत के पूर्व महाराजा गज सिंह राजपूत विश्राम भवन राईकाबाग में पुस्तक वितरण एवं भोजन की व्यवस्था की गई। अंत में ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष जालम सिंह राठौड़, टालनपुर ने नई पीढ़ी को मारवाड़ की पवन और वीर भूमि के रिडमलोत राठौड़ो के अदम्य साहस और वीरता की याद दिलाते हुए वर्तमान में युवा पीढ़ी में सोशल मीडिया व मोबाइल में अपना अमूल्य समय व्यर्थ गवाने के बजाय अपने पूर्वजों की वीरता व बलिदान की शौर्य गाथाओ से प्रेरणा लेकर सर्व समाज के हित लिए अपने क्षत्रियत्व का संकल्प याद दिलाते हुए इस ऐतिहासिक पुस्तक में इतिहास को संकलित करने में सभी सहयोगी विशेषरूप से लेखक डॉ महेंद्र सिंह तंवर एवं समारोह में आए सभी सदस्यों का आभार प्रकट किया।






