जयपुर, दिव्यराष्ट्र। कला केवल रंगों और रेखाओं का संसार नहीं, बल्कि आत्म-अभिव्यक्ति का सबसे सुंदर माध्यम है। इसी भावना को साकार करते हुए युवा कलाकार सारा हर्ष अपने 18वें जन्मदिवस को एक विशेष और यादगार रूप देने जा रही हैं। इस अवसर पर उनकी सोलो आर्ट एग्जिबीशन “चित्रहार – अनफोल्डिंग दा सेल्फ का आयोजन 23 एवं 24 जून 2026 को सुरेखा आर्ट गैलरी, जवाहर कला केंद्र, जयपुर में किया जा रहा है । प्रदर्शनी प्रतिदिन प्रातः 11 बजे से रात्रि 8 बजे तक आमजन के लिए खुली रहेगी।
इस प्रदर्शनी में सारा हर्ष द्वारा निर्मित पेंटिंग्स, हस्तचित्रित बैग्स एवं पाउच, हस्तनिर्मित फूल तथा अन्य कलात्मक कृतियाँ प्रदर्शित की जा रही है। विशेष बात यह है कि सारा ने कला की कोई औपचारिक शिक्षा प्राप्त नहीं की है। उन्होंने अपनी कल्पनाशक्ति, संवेदनशील दृष्टि और इंटरनेट के माध्यम से विभिन्न कलाकारों के कार्यों का अवलोकन करते हुए स्वयं अपनी कला यात्रा को आकार दिया है। प्रदर्शनी में प्रदर्शित प्रत्येक कृति उनके जीवन, अनुभवों, भावनाओं और रचनात्मक विकास की कहानी कहती है।
यह प्रदर्शनी केवल कलाकृतियों का प्रदर्शन नहीं, बल्कि सारा के अब तक के रचनात्मक सफर का दस्तावेज है। अपने 18वें जन्मदिवस पर उन्होंने अपनी कला को लोगों के साथ साझा करने का निर्णय लिया है। वास्तव में, कला को समर्पित जीवन के लिए इससे अधिक सुंदर और सार्थक जन्मदिन उत्सव की कल्पना करना कठिन है।
प्रदर्शनी के उद्घाटन अवसर पर अनेक विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही । इनमें पद्मश्री तिलक गितई, वैदिक चित्रकार रामू रामदेव, आर्ट एजुकेटर खुशबू खंगारोत (सेंट जेवियर्स स्कूल), समाजसेवी सुधीर माथुर, कमला पोद्दार ग्रुप की निदेशक कमला पोद्दार तथा यज्ञाचार्या डॉ. निर्मला सेवानी शामिल हुई ।
“चित्रहार” शीर्षक अपने आप में संवेदनाओं और सृजनात्मकता की उस यात्रा का प्रतीक है, जिसमें एक किशोरी कलाकार अपने भीतर के संसार को रंगों के माध्यम से अभिव्यक्त कर रही है। यह प्रदर्शनी युवा रचनात्मकता, आत्मविश्वास और कला के प्रति समर्पण का प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत कर रही है ।
सारा ने कला प्रेमियों, विद्यार्थियों, शिक्षकों, कलाकारों एवं शहरवासियों से इस प्रदर्शनी में उपस्थित होकर अपनी रचनात्मक यात्रा का हिस्सा बनने का आग्रह किया है।