कैडिला फार्मास्यूटिकल्स कंपनी ने आज अपने फाउंडर चेयरमैन (संस्थापक अध्यक्ष) श्री इंद्रवदन मोदी की 100वीं जयंती मनाई। श्री मोदी एक दूरदर्शी व्यक्ति थे और उन्हें भारतीय फार्मेसी का जनक माना जाता है।
पिछले कुछ दशकों में, कैडिला फार्मास्यूटिकल्स कंपनी, भारतीय फार्मास्यूटिकल इंडस्ट्री में एक भरोसेमंद नाम के तौर पर डेवलप हुई है। यह मशहूर फार्मा ब्रांड, अपने संस्थापक की ईमानदारी, दया और वैज्ञानिक उत्कृष्टता के सिद्धांतों को लगातार आगे बढ़ा रहा है। कंपनी की ग्रोथ, आयात पर निर्भरता से लेकर किफायती दवाओं के दुनिया के लीडिंग सप्लायर्स में से एक बनने तक, भारत के फार्मा सेक्टर में हुआ बदलाव दर्शाती है।
इस अवसर पर डॉ. राजीव मोदी ने कहा कि, “मेरे पिताजी का दृढ़ विश्वास था कि, दवाइयां सिर्फ एक उत्पाद नहीं हैं, बल्कि एक सामाजिक जिम्मेदारी भी हैं। उन्होंने जब कैडिला शुरू की थी, उस समय भारत में एक मज़बूत फार्मास्यूटिकल आधार की कमी थी। इसके बावजूद, भारतीय विज्ञान में उनका प्रबल विश्वास और समाज के प्रति उनकी प्रतिबद्धता कभी कम नहीं हुई। उनका जन्म शताब्दी महोत्सव मनाने के समय, हम उनके विज़न, नैतिक और आसानी से उपलब्ध हो ऐसी स्वास्थ्य देखभाल के ज़रिए मानवता की सेवा करने की अपनी वचनबद्धता व्यक्त करते हैं।”
एक सदी बाद भी, उनके आदर्श, वैज्ञानिकों एवं हेल्थकेयर प्रोफेशनल और कैडिलियनों की पीढ़ियों को लगातार प्रेरित करते हैं। साथ ही, उनके मूल्य इस विश्वास को और मज़बूत करते है कि, सच्चा नेतृत्व केवल सफलता से नहीं, बल्कि प्रभावी असर से मापा जाता है।






