
कृषि-व्यवसाय क्षेत्र के पेशेवरों को तैयार करने के 25 वर्षों का उत्सव; सिल्वर जुबली लोगो, स्मारिका एवं समर इंटर्नशिप डायरी का हुआ विमोचन
जयपुर: चौधरी चरण सिंह नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ एग्रीकल्चरल मार्केटिंग संस्थान (सीसीएस एनआईएएम), जयपुर ने शनिवार को अपने प्रमुख पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन मैनेजमेंट – एग्री-बिजनेस मैनेजमेंट (पीजीडीएम-एबीएम) कार्यक्रम के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर संस्थान परिसर में भव्य एलुमनाई मीट का आयोजन किया।
इस अवसर पर देशभर से पूर्व छात्र, संकाय सदस्य, उद्योग जगत के प्रतिनिधि एवं अन्य हितधारक एकत्रित हुए और पीजीडीएम-एबीएम कार्यक्रम की 25 वर्षों की यात्रा तथा भारत के उभरते कृषि-व्यवसाय पारिस्थितिकी तंत्र में इसके योगदान को रेखांकित किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नाबार्ड के अध्यक्ष डॉ. शाजी कृष्णन वी. थे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता सीसीएस एनआईएएम के महानिदेशक अनूप खिंची, आईएएस ने की।
इस अवसर पर नाबार्ड के अध्यक्ष डॉ. शाजी कृष्णन वी. ने कहा, कृषि क्षेत्र में जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए क्लाइमेट-रिजिलिएंट खेती और पानी के बेहतर प्रबंधन को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कृषि शिक्षा और प्रबंधन से जुड़े युवाओं से किसानों तक आधुनिक एवं टिकाऊ कृषि पद्धतियां पहुंचाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि, बदलते मौसम, अनियमित बारिश और जल संसाधनों पर बढ़ते दबाव के बीच खेती को अधिक लचीला बनाना जरूरी है। इसके लिए कम पानी में अधिक उत्पादन, जल संरक्षण, सूक्ष्म सिंचाई, फसल विविधीकरण और स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप फसल प्रणाली को बढ़ावा देने की आवश्यकता है। उन्होंने कृषि क्षेत्र में तकनीक, वित्तीय संस्थानों और किसानों के बीच बेहतर समन्वय की जरूरत भी बताई।
सीसीएस एनआईएएम के महानिदेशक अनूप खिंची, आईएएस ने भी उपस्थित लोगों को संबोधित किया और पीजीडीएम-एबीएम कार्यक्रम के 25 वर्ष पूरे होने के इस महत्वपूर्ण पड़ाव तथा कृषि विपणन एवं कृषि-व्यवसाय प्रबंधन के क्षेत्र में व्यावसायिक शिक्षा एवं क्षमता निर्माण को सुदृढ़ करने के लिए संस्थान की निरंतर प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।
इस समारोह में कार्यक्रम की 25 वर्षों की शैक्षणिक उत्कृष्टता, उद्योग जगत के साथ जुड़ाव एवं व्यावसायिक विकास की यात्रा को स्मरण किया गया। इस अवधि में कार्यक्रम ने ऐसे स्नातक तैयार किए हैं, जिन्होंने कृषि-इनपुट, बैंकिंग एवं माइक्रो-फाइनेंस, खाद्य प्रसंस्करण, परामर्श, कमोडिटीज, ग्रामीण विकास, एग्रीप्रेन्योरशिप सहित विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
25 वर्षों की गौरवशाली यात्रा
वर्ष 2001 में अपनी स्थापना के बाद से पीजीडीएम-एबीएम कार्यक्रम ने देशभर में मजबूत पहचान बनाई है और इसके 1100 से अधिक पूर्व छात्र देश के विभिन्न हिस्सों में कार्यरत हैं। कार्यक्रम ने 100 प्रतिशत प्लेसमेंट रिकॉर्ड बनाए रखा है, जो कृषि-व्यवसाय क्षेत्र में पेशेवर रूप से प्रशिक्षित प्रतिभाओं की निरंतर मांग और कार्यक्रम की उद्योग जगत में प्रासंगिकता को दर्शाता है।
तीन महत्वपूर्ण पहलों का शुभारंभ
पीजीडीएम-एबीएम कार्यक्रम के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर सीसीएस एनआईएएम ने कार्यक्रम की विरासत, अनुभवों और निरंतर विकास को दस्तावेज़ित करने के उद्देश्य से तीन महत्वपूर्ण पहलों का शुभारंभ किया।
1.सिल्वर जुबली लोगो का अनावरण
पीजीडीएम-एबीएम कार्यक्रम के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में एक विशेष स्मारक लोगो का अनावरण किया गया।
2. स्मारिका का विमोचन
पीजीडीएम-एबीएम की प्रथम बैच, अर्थात बैच 2001–03, की यादों, अनुभवों और विचारों को संकलित करते हुए एक विशेष स्मारिका का विमोचन किया गया।
3. ‘लर्निंग बियॉन्ड क्लासरूम : समर इंटर्नशिप डायरीज़ ऑफ बैच 2025-27
समारोह के दौरान तीसरी पहल के रूप में पीजीडीएम-एबीएम के विद्यार्थियों के ग्रीष्मकालीन इंटर्नशिप अनुभवों का संकलन जारी किया गया। ‘लर्निंग बियॉन्ड क्लासरूम : समर इंटर्नशिप डायरीज़ ऑफ बैच 2025-27’ शीर्षक वाली इस पुस्तक में विद्यार्थियों के फील्ड एवं उद्योग जगत से प्राप्त अनुभवों के आधार पर किसानों के लिए अनुकूलनीय समाधानों की पहचान पर विशेष ध्यान दिया गया है।
*पूर्व छात्रों ने साझा किए अनुभव*
एलुमनाई मीट ने पूर्व छात्रों को संस्थान, संकाय सदस्यों एवं अपने साथी पूर्व छात्रों के साथ पुनः जुड़ने का अवसर प्रदान किया। इस दौरान उन्होंने अपनी व्यावसायिक यात्राओं और अपने करियर को दिशा देने में कार्यक्रम की भूमिका पर भी विचार साझा किए।
वर्षों से सीसीएस एनआईएएम के पीजीडीएम-एबीएम के पूर्व छात्रों ने विभिन्न संगठनों एवं क्षेत्रों में अपनी पहचान बनाई है। अनेक पूर्व छात्र आज महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत हैं और कृषि मूल्य श्रृंखलाओं के विकास, बाजार संपर्कों को सुदृढ़ करने, समावेशी बाजारों को बढ़ावा देने तथा कृषि-व्यवसाय के क्षेत्र में नवाचारपूर्ण समाधानों को आगे बढ़ाने में योगदान दे रहे हैं।
समारोह का समापन संस्थान के शैक्षणिक, उद्योग एवं एलुमनाई इकोसिस्टम को और अधिक सुदृढ़ करने तथा कृषि-व्यवसाय क्षेत्र में विद्यार्थियों एवं पेशेवरों के लिए नए एवं बेहतर अवसर सृजित करने की प्रतिबद्धता के साथ हुआ।




