
दिव्यराष्ट्र, नई दिल्ली: भारतीय मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में आ रहे बुनियादी बदलावों के बीच, औद्योगिक क्षेत्र में अपनी 24 वर्षों की स्थापित पहचान को आगे बढ़ाते हुए, ‘इन्फॉर्मा मार्केट्स इन इंडिया’ द्वारा 17 से 19 सितंबर तक नई दिल्ली के भारत मंडपम में ‘टूल्स एंड इक्विपमेंट एक्सपो 2026’ (TAEE) का आयोजन किया जा रहा है।इस तीन दिवसीय एक्सपो में हैंड टूल्स, पावर टूल्स, कटिंग और वेल्डिंग तकनीक, स्मार्ट टूल्स, ऑटोमेशन तथा पर्यावरण-अनुकूल (सस्टेनेबल) उपकरणों की नवीनतम श्रृंखला पेश की जाएगी। इस प्रदर्शनी में देश-विदेश के 300 से अधिक प्रदर्शक भाग लेंगे, जहाँ 2,000 से ज्यादा उत्पाद प्रदर्शित किए जाएंगे और 150 से अधिक नए उत्पाद लॉन्च होंगे।
आयोजन के अवसर पर ‘इन्फॉर्मा मार्केट्स इन इंडिया’ के प्रबंध निदेशक योगेश मुद्रास ने कहा कि भारत का मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में एक निर्णायक भूमिका निभाने के लिए तैयार है। देश में पावर टूल्स बाजार 8.6% सीएजीआर की वृद्धि के साथ 2.26 अरब डॉलर और मशीन टूल्स बाजार 7.5% सीएजीआर के साथ 1.97 अरब डॉलर का हो चुका है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह एक्सपो उद्योग को अत्याधुनिक तकनीकों तक सीधी पहुँच प्रदान करेगा और व्यवसायों को आपूर्ति श्रृंखला की निर्भरता व डिजिटल कौशल की कमी जैसी चुनौतियों से निपटने में सक्षम बनाएगा।
उद्योग जगत में अब एआई (AI), आईओटी (IoT) और लिथियम-आयन बैटरी संचालित कॉर्डलेस टूल्स की मांग तेजी से बढ़ रही है। भारत ने 2035 तक इस सेक्टर में 25 अरब डॉलर के निर्यात का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है, हालांकि चीन पर 33% इलेक्ट्रॉनिक्स आयात निर्भरता और एमएसएमई (MSME) के लिए पूंजीगत खर्च जैसी कुछ परिचालन संबंधी चुनौतियां भी हैं। इस आयोजन को लुधियाना हैंड टूल्स एसोसिएशन, इंडियन कटिंग टूल मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन और राजकोट इंजीनियर्स एसोसिएशन सहित प्रमुख राष्ट्रीय उद्योग संघों का सक्रिय समर्थन प्राप्त है।
प्रदर्शनी में वास्तविक अनुभव के लिए ‘डेमो जोन’ और ‘इनोवेशन जोन’ विशेष आकर्षण होंगे, जहां लाइव प्रदर्शन के जरिए नई तकनीकों की क्षमता दिखाई जाएगी। इसके अलावा, 12 नॉलेज सेशंस में 25 से अधिक विशेषज्ञ स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग, वर्कफोर्स डेवलपमेंट और सर्कुलर इकोनॉमी जैसे विषयों पर मंथन करेंगे।


