कोच्चि, दिव्यराष्ट्र:/ गंभीर ब्लड डिसऑर्डर अप्लास्टिक एनीमिया से पीड़ित रफिया शेरिन की जीवन रक्षक डोनर खोज मुहिम को अभूतपूर्व जनसमर्थन मिला है। केरल में आयोजित विभिन्न डोनर पंजीकरण अभियानों के तहत हजारों लोगों ने ब्लड स्टेम सेल डोनर बनने के लिए नाम दर्ज कराया, जिनमें से केवल एक कॉलेज में दो दिनों के दौरान 11,000 से अधिक पंजीकरण हुए।
यूनाइटेड किंगडम में रह रही रफिया शेरिन लंबे समय से गंभीर अप्लास्टिक एनीमिया से जूझ रही हैं। इस बीमारी में अस्थि मज्जा पर्याप्त मात्रा में रक्त कोशिकाओं का निर्माण नहीं कर पाता, जिससे मरीज को संक्रमण और रक्तस्राव का खतरा बढ़ जाता है। गंभीर मरीजों के लिए स्टेम सेल प्रत्यारोपण अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।
रफिया के परिवार, मित्रों और डीकेएमएस फाउंडेशन इण्डिया ने मिलकर केरल के विभिन्न क्षेत्रों में डोनर पंजीकरण अभियान चलाए। इन अभियानों में स्वयंसेवकों की बड़ी भूमिका रही। कॉलेज परिसर में आयोजित सबसे बड़े अभियान में 200 से अधिक स्वयंसेवकों ने पंजीकरण प्रक्रिया को सफल बनाने में सहयोग दिया। लोगों को कार्यक्रम स्थल तक पहुंचाने के लिए निःशुल्क बस सेवाओं की व्यवस्था भी की गई थी। डीकेएमएस फाउंडेशन इण्डिया के कार्यकारी अध्यक्ष पैट्रिक पॉल ने कहा कि संभावित स्टेम सेल डोनर के रूप में पंजीकृत प्रत्येक व्यक्ति किसी मरीज के लिए उम्मीद की किरण बन सकता है। उन्होंने कहा कि दो दिनों में 11,000 से अधिक पंजीकरण सामूहिक प्रयासों की शक्ति का उत्कृष्ट उदाहरण है और इससे देशभर में लोगों को डोनर बनने के लिए प्रेरणा मिलेगी।
संस्था के अनुसार, 18 से 55 वर्ष आयु वर्ग का कोई भी स्वस्थ व्यक्ति ऑनलाइन आवेदन कर घर पर स्वैब किट मंगवा सकता है और सरल प्रक्रिया के माध्यम से संभावित ब्लड स्टेम सेल डोनर के रूप में पंजीकरण करा सकता है।