भीलवाड़ा दिव्यराष्ट्र। संगम विश्वविद्यालय, भीलवाड़ा के वनस्पति विज्ञान विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. शाहदाब हुसैन को विश्व की प्रतिष्ठित वैज्ञानिक संस्था लिनियन सोसायटी ऑफ लंदन का फेलो ( निर्वाचित किया गया है। यह उपलब्धि न केवल डॉ. हुसैन के उत्कृष्ट वैज्ञानिक योगदान की अंतरराष्ट्रीय मान्यता है, बल्कि संगम विश्वविद्यालय, भीलवाड़ा तथा राजस्थान के लिए भी गौरव का विषय है।
सन् 1788 में स्थापित लिनियन सोसायटी ऑफ लंदन विश्व की सबसे पुरानी सक्रिय जैविक एवं प्राकृतिक इतिहास संस्था है। महान वैज्ञानिक चार्ल्स डार्विन और अल्फ्रेड रसेल वॉलेस जैसे वैज्ञानिक भी इस प्रतिष्ठित संस्था से जुड़े रहे हैं। एफएलएस की उपाधि जैविक विज्ञान, प्राकृतिक इतिहास, जैव विविधता संरक्षण तथा अनुसंधान के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले वैज्ञानिकों को प्रदान की जाती है।
लिनियन सोसायटी ऑफ लंदन के फेलो ( एफएलएस ) को अनेक विशिष्ट अधिकार एवं सुविधाएँ प्राप्त होती हैं। फेलो को वर्ष में तीन बार प्रकाशित होने वाली डिजिटल सदस्य पत्रिका “द लिनियन” प्राप्त होती है तथा सोसायटी की बैठकों में भाग लेने और महत्वपूर्ण विषयों, जैसे नए काउंसिल सदस्यों के निर्वाचन, में मतदान करने का अधिकार मिलता है। उन्हें केवल सदस्यों के लिए आयोजित विशेष कार्यक्रमों में भाग लेने, विश्व के प्रतिष्ठित प्राकृतिक इतिहास पुस्तकालयों में से एक लिनियन सोसायटी पुस्तकालय एवं बर्लिंगटन हाउस स्थित अन्य विद्वत् संस्थाओं के पुस्तकालयों का उपयोग करने तथा ऑनलाइन सदस्य पोर्टल तक विशेष पहुँच प्राप्त होती है। इसके अतिरिक्त, सोसायटी के व्याख्यानों, भ्रमणों, सेवाओं एवं वैज्ञानिक शोध-पत्रिकाओं की सदस्यता पर विशेष रियायतें उपलब्ध होती हैं, साथ ही इवोल्यूशनरी जर्नल ऑफ दा लाइनें सोसायटी में शोध-पत्र प्रकाशित करने पर कोई शल्क नहीं लिया जाएगा | डॉ हुसैन अपने नाम के बाद प्रतिष्ठित उपाधि “एफएल एस” (फैलो ऑफ दा लाइनें सोसायटी) का प्रयोग करने के अधिकारी होते हैं, जो उनके अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक सम्मान और प्रतिष्ठा का प्रतीक है।
डॉ. हुसैन को उनके उत्कृष्ट वैज्ञानिक योगदान के लिए जेम्स चैडविक रिसर्च अवार्ड, कार्ल नागेली रिसर्च अवार्ड, बेस्ट रिसर्च अवार्ड, यंग साइंटिस्ट अवार्ड, यूनिवर्सल यंग साइंटिस्ट अवार्ड तथा यंग इनोवेटर अवार्ड (मलेशिया) सहित अनेक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हो चुके हैं।
इस अवसर पर संगम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) करुणेश सक्सेना एवं कुलसचिव डॉ. आलोक कुमार ने डॉ. शाहदाब हुसैन को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि विश्वविद्यालय के लिए अत्यंत गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि डॉ. हुसैन की यह अंतरराष्ट्रीय मान्यता विश्वविद्यालय में अनुसंधान एवं नवाचार की उत्कृष्ट परंपरा को और अधिक सुदृढ़ करेगी तथा युवा शोधार्थियों को उच्च गुणवत्ता वाले वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए प्रेरित करेगी।
डॉ. शाहदाब हुसैन ने अपनी इस गौरवपूर्ण उपलब्धि का श्रेय संगम विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति, कुलसचिव (रजिस्ट्रार), विश्वविद्यालय प्रबंधन, अपने सहकर्मी शिक्षकों तथा समस्त विश्वविद्यालय परिवार को दिया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा प्रदान किए गए सतत सहयोग, मार्गदर्शन एवं प्रोत्साहन ने उन्हें राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट शोध एवं शैक्षणिक उपलब्धियाँ अर्जित करने के लिए निरंतर प्रेरित किया।