जयपुर, दिव्यराष्ट्र:/ एक साइबर हमले की वजह से पूरी फैक्ट्री बंद हो सकती है, जिससे सामान समय पर नहीं पहुँच पाता और कंपनी पर भारी जुर्माना लग जाता है। एक सिस्टम हैक होने के कारण सैकड़ों ट्रक रास्ते में ही खड़े हो जाते हैं और पूरी सप्लाई चेन ठप हो जाती है। वहीं, एक कर्मचारी अनजाने में ग्राहक के सीक्रेट डॉक्युमेंट्स किसी पब्लिक एआई टूल पर अपलोड कर देता है, जिससे कंपनी की गोपनीय जानकारी लीक हो जाती है। इन्हीं गंभीर खतरों को देखते हुए, इस साइबर जागरूकता महीने के मौके पर, टाटा एआईजी जनरल इंश्योरेंस जयपुर के कारोबारियों और कंपनियों से अपील कर रहा है कि वे समय रहते यह जांच लें कि वे ऐसे खतरों से निपटने के लिए कितने तैयार हैं। टाटा एआईजी जनरल इंश्योरेंस के नेशनल हेड (लायबिलिटी लाइन्स), नज्म बिलग्रामी ने कहा, “कंपनियों को यह मानकर नहीं बैठना चाहिए कि एआई के कारण होने वाले नुकसान उनकी मौजूदा पॉलिसियों में अपने आप कवर हो जाएंगे। उन्हें अपने बिजनेस से जुड़े एआई के खतरों को समझना चाहिए और अपने इंश्योरेंस पार्टनर या ब्रोकर से सीधे बात करनी चाहिए कि वे इस सुरक्षा चक्र में कहाँ खड़े हैं।”



