नई दिल्ली, दिव्यराष्ट्र:/ भारत तेजी से वैश्विक खनन और महत्वपूर्ण खनिज क्षेत्र में अपनी उपस्थिति मजबूत कर रहा है। इसी दिशा में इंडिया माइनिंग वीक 2026 के तहत आयोजित “इंडिया माइनिंग: ग्लोबल कनेक्ट” कार्यक्रम में 19 देशों के राजनयिक मिशनों ने हिस्सा लिया और भारत के साथ सहयोग, निवेश तथा तकनीकी भागीदारी के अवसरों का आकलन किया।
कार्यक्रम के दौरान रुपिंदर बराड़ ने “वसुधैव कुटुंबकम” की भावना का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत एक अधिक नवोन्मेषी, टिकाऊ और वैश्विक रूप से जुड़ा खनन इकोसिस्टम विकसित करने के लिए दुनिया भर के साझेदारों के साथ काम करने को तैयार है।
वहीं सतीश चंद्र दुबे ने खनन समुदाय से सक्रिय सहभागिता का आह्वान करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय सहयोग से खनिज संसाधनों के विकास, निवेश और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण को नई गति मिलेगी।
संवाद सत्र में महत्वपूर्ण खनिज, खनिज अन्वेषण, खनन प्रौद्योगिकी, भारी उपकरण, नवाचार, निवेश और संसाधन विकास जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों को अपने उद्योगों, कंपनियों और संस्थानों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए आमंत्रित किया गया।
आगामी इंडिया माइनिंग वीक 2026 भारत को वैश्विक खनन उद्योग के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जहां नीति निर्माता, उद्योग जगत, निवेशक और तकनीकी विशेषज्ञ एक साझा मंच पर जुटेंगे।


