
पर्पल स्टाइल लैब्स लिमिटेड (“कंपनी”) अपने इक्विटी शेयरों के प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के लिए बोली/ऑफर सोमवार, 31 अगस्त 2026 को खोलेगी।
इश्यू का प्राइस बैंड ₹546 से ₹575 प्रति इक्विटी शेयर तय किया गया है। निवेशक न्यूनतम 26 इक्विटी शेयरों के लिए बोली लगा सकेंगे और इसके बाद 26 शेयरों के गुणक में बोली लगाई जा सकेगी। इसे न्यूनतम बोली लॉट कहा जाएगा।
एंकर निवेशकों के लिए बोली की तारीख शुक्रवार, 28 अगस्त 2026 होगी, जबकि आम निवेशकों के लिए आईपीओ सोमवार, 31 अगस्त 2026 को खुलेगा। यह इश्यू पूरी तरह फ्रेश इश्यू है, जिसके तहत ₹10 फेस वैल्यू वाले इक्विटी शेयर जारी कर अधिकतम ₹680 करोड़ जुटाए जाएंगे।
24 अगस्त 2026 के रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (आरएचपी) और 25 अगस्त 2026 को जारी करेक्शन के आधार पर जारी होने वाले इक्विटी शेयरों को स्टॉक एक्सचेंजों पर सूचीबद्ध करने का प्रस्ताव है। इस इश्यू के लिए एनएसई को नामित स्टॉक एक्सचेंज बनाया गया है। एक्सिस कैपिटल लिमिटेड और आईआईएफएल कैपिटल सर्विसेज लिमिटेड (पूर्व नाम आईआईएफएल सिक्योरिटीज लिमिटेड) इस इश्यू के बुक रनिंग लीड मैनेजर हैं। 25 अगस्त 2026 को जारी विस्तृत प्राइस बैंड विज्ञापन 26 अगस्त 2026 को अंग्रेजी के राष्ट्रीय दैनिक फाइनेंशियल एक्सप्रेस के सभी संस्करणों, हिंदी के राष्ट्रीय दैनिक जनसत्ता के सभी संस्करणों और मराठी दैनिक नवशक्ति के मुंबई संस्करण में प्रकाशित किया गया है।
यह इश्यू एससीआरआर के नियम 19(2)(b) और सेबी आईसीडीआर विनियमों के विनियम 31 के तहत किया जा रहा है। यह इश्यू बुक बिल्डिंग प्रक्रिया के जरिए सेबी आईसीडीआर विनियमों के विनियम 6(2) के अनुपालन में किया जा रहा है। इश्यू का कम से कम 75% हिस्सा योग्य संस्थागत खरीदारों (क्यूआईबी) के लिए आनुपातिक आधार पर आवंटन के लिए उपलब्ध होगा। कंपनी, बुक रनिंग लीड मैनेजरों (बीआरएलएम) के परामर्श से, क्यूआईबी हिस्से के अधिकतम 60% तक हिस्से को एंकर निवेशकों को विवेकाधीन आधार पर आवंटित कर सकती है।
एंकर निवेशक हिस्से में से 40% हिस्सा निम्नलिखित के लिए आरक्षित होगा: 1. 33.33% घरेलू म्यूचुअल फंड्स के लिए। 2. 6.67% जीवन बीमा कंपनियों और पेंशन फंड्स के लिए। यह आरक्षण तभी लागू होगा जब घरेलू म्यूचुअल फंड्स, जीवन बीमा कंपनियों और पेंशन फंड्स से उस कीमत या उससे अधिक कीमत पर वैध बोलियां प्राप्त हों, जिस कीमत पर एंकर निवेशकों को इक्विटी शेयर आवंटित किए जाएंगे। ऊपर बताए गए आरक्षित वर्ग (ii) में यदि शेयरों की सदस्यता कम रहती है, तो बचे हुए शेयर घरेलू म्यूचुअल फंड्स को आवंटित किए जा सकते हैं। एंकर निवेशक हिस्से में कम सब्सक्रिप्शन या आवंटन नहीं होने की स्थिति में बचे हुए इक्विटी शेयरों को नेट क्यूआईबी हिस्से में जोड़ दिया जाएगा। नेट क्यूआईबी हिस्से का 5% हिस्सा केवल म्यूचुअल फंड्स को आनुपातिक आधार पर आवंटन के लिए उपलब्ध होगा। शेष नेट क्यूआईबी हिस्से को एंकर निवेशकों को छोड़कर सभी क्यूआईबी, जिनमें म्यूचुअल फंड्स भी शामिल हैं, को आनुपातिक आधार पर आवंटित किया जाएगा। इसके लिए इश्यू प्राइस या उससे अधिक कीमत पर वैध बोलियां प्राप्त होना जरूरी होगा। यदि म्यूचुअल फंड्स से कुल मांग नेट क्यूआईबी हिस्से के 5% से कम रहती है, तो म्यूचुअल फंड हिस्से में आवंटन के लिए उपलब्ध बचे इक्विटी शेयरों को शेष क्यूआईबी हिस्से में जोड़ दिया जाएगा और क्यूआईबी को आनुपातिक आधार पर आवंटित किया जाएगा।
इश्यू का अधिकतम 15% हिस्सा गैर-संस्थागत बोलीदाताओं (एनआईबी) के लिए उपलब्ध होगा। इसमें एक-तिहाई हिस्सा ₹2 लाख से अधिक और ₹10 लाख तक के आवेदन वाले बोलीदाताओं के लिए आरक्षित होगा। दो-तिहाई हिस्सा ₹10 लाख से अधिक के आवेदन वाले बोलीदाताओं के लिए आरक्षित होगा। इनमें से किसी उप-श्रेणी में सब्सक्रिप्शन कम रहने पर बचा हुआ हिस्सा सेबी आईसीडीआर विनियमों के अनुसार एनआईबी की दूसरी उप-श्रेणी में आवंटित किया जा सकता है, बशर्ते इश्यू प्राइस से अधिक कीमत पर वैध बोलियां प्राप्त हों। इश्यू का अधिकतम 10% हिस्सा रिटेल व्यक्तिगत निवेशकों (आरआईबी) के लिए उपलब्ध होगा। इसके लिए भी इश्यू प्राइस या उससे अधिक कीमत पर वैध बोलियां प्राप्त होना जरूरी है।
एंकर निवेशकों को छोड़कर सभी बोलीदाताओं के लिए एप्लीकेशन सपोर्टेड बाय ब्लॉक्ड अमाउंट (एएसबीए) प्रक्रिया का इस्तेमाल करना अनिवार्य है। इसके लिए उन्हें अपने संबंधित एएसबीए खाते और, यूपीआई के जरिए आवेदन करने वाले बोलीदाताओं के मामले में, यूपीआई आईडी उपलब्ध करानी होगी। इसके तहत बोली की राशि संबंधित एससीएसबी या लागू होने की स्थिति में यूपीआई व्यवस्था के माध्यम से ब्लॉक कर दी जाएगी। एंकर निवेशकों को एंकर निवेशक हिस्से में एएसबीए प्रक्रिया के जरिए आवेदन करने की अनुमति नहीं होगी।






