
जयपुर भारत के सबसे तेजी से बढ़ते गैर-मेट्रो शहरों में से एक के रूप में उभर रहा है। आईटी, निर्माण, लॉजिस्टिक्स, पर्यटन, स्टार्ट-अप्स और जीसीसी (ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स) इकोसिस्टम में निवेश के दम पर इसकी अर्थव्यवस्था सालाना 16% से अधिक की दर से बढ़ रही है। ‘विकसित राजस्थान @2047’ के विजन के तहत 4.3 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के सरकार के लक्ष्य से शहर में इंफ्रास्ट्रक्चर और शहरीकरण के विकास में और तेजी आने की उम्मीद है। नौकरी के बढ़ते अवसरों और युवा वर्कफोर्स की वजह से शहर में नए आकांक्षी घर खरीदने वालों की एक नई पीढ़ी तैयार हो रही है।
जयपुर की आबादी 82.4 लाख है, जिसमें 34.1 लाख युवा शामिल हैं। शहर हर साल 1 लाख से अधिक स्नातक तैयार करता है। अगले पांच वर्षों में 200 जीसीसी स्थापित करने और 1.5 लाख नौकरियां पैदा करने के राजस्थान सरकार के लक्ष्य के साथ, रोजगार का यह विस्तार शहर के युवा वेतनभोगी पेशेवरों और उद्यमियों के आधार को और मजबूत करेगा। इसके अलावा, राजस्थान के 33 लाख से अधिक एमएसएमई और 2029 तक 15 लाख रोजगार के अवसर पैदा करने का लक्ष्य भी व्यापक आर्थिक विकास और आय में बढ़ोतरी में योगदान दे रहा है।
दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (डीएमआईसी) पर रणनीतिक स्थिति एवं अवसंरचनात्मक विकास के कारण जयपुर तेजी से आगे बढ़ रहा है। यहाँ के युवा लोगों की कमाई और आगे बढ़ने की सोच उन्हें खुद का घर खरीदने के लिए प्रेरित कर रही है, खासकर उन लोगों को जो पहली बार अपना घर ले रहे हैं। इसी वजह से, ‘आधार हाउसिंग फाइनेंस’ ने 2025-26 में राजस्थान में अफोर्डेबल हाउसिंग के अपने कारोबार में 25% की बड़ी बढ़त हासिल की है। इसमें मुख्य योगदान उन ग्राहकों का रहा है जो पहली बार अपने लिए घर खरीद रहे हैं।
ऋषि आनंद, मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ, आधार हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड ने कहा, “तेजी से होते शहरीकरण, बेहतर होते इंफ्रास्ट्रक्चर और पहली बार घर खरीदने वालों की बढ़ती महत्वाकांक्षा के चलते जयपुर कम आय वाले और अफोर्डेबल हाउसिंग के लिए एक बड़ी संभावनाओं वाला बाजार बनकर उभर रहा है। शहर की बढ़ती युवा आबादी और रोजगार के नए अवसर ऐसे खरीदारों की नई पीढ़ी तैयार कर रहे हैं, जिनके लिए अपना घर होना एक बड़ा सपना और पड़ाव है। आधार हाउसिंग फाइनेंस के लिए जयपुर एक बेहद महत्वपूर्ण बाजार है और यहां घर की मजबूत मांग हमें और इस पूरे सेक्टर को लंबे समय के लिए कारोबार के बेहतरीन अवसर देती है।”
अनिल नायर, चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर, आधार हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड ने कहा, “हम जानते हैं कि ज़्यादातर लोगों के लिए घर बनाना वर्षों के कठिन परिश्रम और निरंतर संचित बचत का नतीजा होता है। इसीलिए आधार की सेवाएं इस तरह बनाई गई हैं कि वे घर बनाने के हर कदम पर ग्राहकों का साथ दे सकें। चाहे छोटा प्लॉट खरीदना हो या फिर धीरे-धीरे किस्त-दर-किस्त घर का निर्माण करना हो, आधार ऐसे लोन और सुविधाएं देता है जिससे लोगों का अपना घर बनाने का सपना पूरा हो सके। सेल्फ-कंस्ट्रक्शन लोन, होम परचेज लोन और अन्य आसान लोन विकल्पों के जरिए, आधार परिवारों को अपनी कमाई के हिसाब से और बिना किसी आर्थिक दबाव के अपनी गति से घर बनाने में मदद करता है।”
कंपनी ने अपने ग्राहकों की संख्या में भी सालाना 23% की वृद्धि दर्ज की है, जो निम्न-आय और मध्यम-आय वाले वर्गों में हाउसिंग फाइनेंस की बढ़ती मांग को दर्शाती है। कई मेट्रो बाजारों के विपरीत, जयपुर में प्लॉट्स के प्रति रुझान लगातार मजबूत बना हुआ है, जहाँ कई परिवार प्लॉट खरीदने और समय के साथ चरणों में घर बनाने का विकल्प चुनते हैं। घर खरीदारों की इस नई पीढ़ी के लिए, किफायती हाउसिंग फाइनेंस बढ़ती आकांक्षाओं और अपने घर के सपने के बीच एक महत्वपूर्ण पुल का काम कर रहा है।
आधार हाउसिंग फाइनेंस ने जयपुर सहित पूरे राजस्थान में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। राज्य भर में इसकी 60 से अधिक शाखाएं हैं, जो 16,000 से अधिक ग्राहकों को सेवाएं दे रही हैं। कंपनी को पीएमएवाई सहित सरकार समर्थित आवास योजनाओं के तहत भी बढ़ती भागीदारी देखने को मिली है, जिससे कमजोर एवं सामाजिक रूप से उपेक्षित वर्गों तक का विस्तार करने की उसकी प्रतिबद्धता मजबूत हुई है। अंडरराइटिंग, कलेक्शन और एसेट क्वालिटी पर निगरानी के लिए तकनीक और डेटा एनालिटिक्स का उपयोग करते हुए, आधार ने व्यापक नेटवर्क के माध्यम से टियर 2, 3 और 4 शहरों में अपनी मजबूत पकड़ बनाई है।
इसके साथ ही, इकोफ्रेंडली और भविष्य की जरूरतों के अनुकूल घरों की मांग भी बढ़ रही है। खरीदार किफायती दामों पर वर्षा जल संचयन, सौर ऊर्जा और स्मार्ट होम जैसे विकल्पों की तलाश कर रहे हैं। तेजी से होते इंफ्रास्ट्रक्चर विकास और बढ़ती महत्वाकांक्षाओं के दम पर, जयपुर भारत में अफोर्डेबल हाउसिंग के लिए एक प्रमुख और महत्वपूर्ण बाजार के रूप में उभर रहा है।



